किडनी का काम क्या है | 10 आदतें जो किडनी खराब करें | kidney problems in hindi

किडनी के कार्य – Function of kidney in hindi :

  • किडनी हमारे खून को फिल्टर करती हैं
  • शरीर में Hormones बनाती हैं
  • भोजन से ज़रूरी मिनरल्स को सोखती हैं
  • हमारा पेशाब बनाती है
  • किडनी जहरीले तत्वों को शरीर से बाहर निकालती हैं 
  • शरीर के Acid लेवल को कंट्रोल करती हैं

किडनी को हिंदी में गुर्दा या वृक्क कहा जाता है. हमारे शरीर में 2 किडनी होती हैं. किडनियां (Kidney) शरीर के सबसे नाज़ुक और जरुरी भीतरी अंग हैं.

अक्सर हम सोचते हैं कि ज्यादा शराब पीने वालों की ही किडनी ख़राब होती है. ऐसा नहीं है. किडनी में दर्द या सूजन के और भी बहुत से कारण हो सकते हैं.

किडनी ख़राब होने के लक्षण क्या है और किडनी की बीमारी से बचने के लिए परहेज की जानकारी आगे पढ़िए.

– किडनी हमारे शरीर के लिए बहुत से जरुरी काम खामोशी से करती रहती हैं. इसलिए इन्हें बहुत सुरक्षित रखना चाहिए और ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिससे इनको नुकसान पहुंचे.

– अक्सर किडनी को होने वाला नुकसान या किडनी के काम करने की क्षमता में कमी आने का पता बहुत देर से चलता है.  क्योंकि किडनियां अपनी कैपेसिटी के 20% लेवल तक पहुंचने पर भी अपना काम बखूबी करती रहती हैं.

इसीलिए किडनी से जुड़े रोगों को ‘The Silent Diseases’ कहा जाता है.

– किडनी में दर्द या समस्या होने पर यूरोलॉजिस्ट (Urologist) या नेफ्रोलॉजिस्ट (Nephrologist) डॉक्टर को दिखाना  चाहिए. नेफ्रोलॉजिस्ट दवा से और यूरोलॉजिस्ट सर्जरी से किडनी के इलाज के स्पेशलिस्ट होते हैं.

इससे पहले कि किडनियों को हुआ नुकसान हद से बाहर हो जाए, हमें किडनी की सेहत बनाये रखने के लिए ज़रूरी कदम उठाने चाहिए.

किडनी की बीमारी के लक्षण – Kidney problems symptoms in hindi :

पेशाब कम होना, पीठ में दर्द, ज्यादा थकान, पेशाब में खून आना या झाग आना, भूख कम लगना, चिडचिडापन, कम उम्र में हाई ब्लड प्रेशर, एकाग्रता में कमी, एनीमिया, कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत होना, मतली और उलटी होना, सीने में दर्द, हाथ-पैर, टखने, चेहरे या शरीर में सूजन आना, अचानक ब्लड प्रेशर कम होना आदि.

पढ़ें > पेशाब में झाग आने के क्या क्या मतलब हो सकते हैं ?

किडनी के टेस्ट – Kidney test in hindi :

किडनी में किसी दिक्कत को पता करने के लिए खून का टेस्ट (GFR) और पेशाब का टेस्ट (ACR) किया जाता है. किडनी का टेस्ट को किडनी फंक्शन टेस्ट कहते हैं.

किडनी की बीमारी में 5 स्टेज होते हैं. किडनी टेस्ट से पता चलता है कि किडनी अपनी क्षमता के अनुसार कैसा काम कर रही है या बीमारी किस स्टेज पर है. 

इन टेस्ट के अलावा जरुरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड, CT Scan, बायोप्सी भी करवाई जा सकती है. 

किडनी स्टोन की सर्जरी का खर्च 15,000-80,000 तक आ सकता है. किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी का खर्च 5-20 लाख तक हो सकता है. ये खर्चे बीमारी की गंभीरता, हॉस्पिटल (सरकारी या प्राइवेट), स्पेशलिस्ट की फीस पर निर्भर करता है. 

किडनी की बीमारी के कारण और परहेज – kidney problems in hindi :

1) सही मात्रा में पानी नहीं पीना जैसा कि आपको मालूम है किडनियों का सबसे ज़रूरी काम Blood को फिल्टर करके उसमें से वेस्ट मैटेरियल और Toxins को पेशाब के रास्ते बाहर निकालना है.

इसलिए जब हम पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो वेस्ट मैटेरियल और टॉक्सिन्स का शरीर में जमाव बढ़ता जाता है और इससे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है.

2) भोजन में ज्यादा नमक खाना – शरीर को काम करते रहने के लिए सोडियम या Salt की ज़रूरत होती है. बहुत से लोग भोजन में नमक अधिक मात्रा में लेते हैं या दिन भर स्नैक्स खाते रहते हैं. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और Kidneys पर काम का दबाव बढ़ जाता है.

दिन भर में कुल मिलाकर 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन शरीर को अनेक मुसीबतों में डाल सकता है.

3) चीनी अधिक लेनासाइंटिफिक रिसर्च में पता चला है कि दिन में 2 या 3 से अधिक मीठे ड्रिंक्स लेने से पेशाब में प्रोटीन जाने की संभावना बढ़ जाती है.

पेशाब में प्रोटीन जाना किडनियों की सेहत के लिए बुरा संकेत है, इसीलिए नमक की ही तरह Sugar को भी संतुलित मात्रा में ही लेना चाहिए.

Kidney ki bimari ke lakshan

Kidney Disease Symptoms in hindi

4) पेशाब को रोकनाहम लोग कई बार किसी मजबूरी के कारण या अपने कामकाज में अटके रहने के कारण पेशाब करना टालने लगते हैं. ऐसे बार-बार पेशाब रोकने से Urinary System में प्रेशर बढ़ने लगता है.

इससे Kidney में स्टोन होने से लेकर Kidney फेल होने तक के कॉम्प्लीकेशन हो सकते हैं. इसीलिए पेशाब को रोकना किसी भी तरह से समझदारी नहीं है.

5) शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी होनाहमारे शरीर और Kidney को Healthy रखने के लिए साफ और संतुलित पोषक भोजन लेना चाहिए, जिसमें ताजा सब्जियाँ और फल जरुर हों.

न्यूट्रीशन की कमियों के कारण किडनियों में Stone बन सकते हैं या उनकी किडनी की सेहत में गिरावट आ सकती है. ऐसे में Vitamin B6 और मैग्नीशियम तत्व किडनी में स्टोन के खतरे को कम करने के लिए बहुत मददगार होते हैं.

6) एनिमल प्रोटीन अधिक मात्रा में लेना प्रोटीन खासकर लाल मांस (Red meat) ज्यादा खाने से किडनियों पर मेटाबोलिक प्रेशर बनने लगता है.

भोजन में जरुरत से ज्यादा Protein लेने से किडनियों को अधिक काम करना पड़ता है और इससे उनकी काम करने की क्षमता गड़बड़ा सकती है या उन्हें नुकसान भी पहुंच सकता है.

7) कम सोनासभी जानते हैं कि रात को भरपूर नींद लेना कितना ज़रूरी है. लंबे समय से कम सोने की आदत कई प्रकार के रोगों को जन्म दे सकती है और इस लिस्ट में किडनी से जुड़े रोग भी होते हैं.

रात को नींद के दौरान हमारा शरीर Kidney के टिशूज़ में आई गड़बड़ियों को रिपेयर करता है. अपनी नींद को नज़रअंदाज नहीं कीजिए और किडनियों को सेल्फ-रिपेयर करने का मौका दीजिए.

पढ़ें > नीद न आने का 7 घरेलू इलाज

8) कॉफ़ी अधिक पीनानमक की ही तरह Caffeine भी ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है और इससे किडनियों पर प्रेशर पड़ता है. कॉफ़ी का हद से ज्यादा सेवन किडनियों को नुकसान पहुंचा सकता है.

9) पेनकिलर्स का दुरुपयोगबहुत से लोग मामूली दर्द या तकलीफ में बार-बार पेनकिलर्स लेने लगते हैं, जबकि थोड़े से आराम और प्राकृतिक उपायों से दर्द को कण्ट्रोल किया जा सकता है.

Paracetamol और डिक्लोफीनेक जैसे Painkillers को अपनी मनमर्जी से बिना किसी डॉक्टरी सलाह के लेने से Kidneys को गंभीर नुक्सान पहुंच सकते हैं.

10) ज्यादा शराब पीनाकभी-कभार मन बहलाने के लिए एक-दो पैग शराब या बीयर पीना अब कल्चर बनता जा रहा है और इसे बुरा नहीं माना जाता. लेकिन सभी को ये मालूम होना चाहिए कि कितने ड्रिंक्स के बाद रूकना ज़रूरी है.

Alcohol वास्तव में एक केमिकल और टॉक्सिन ही है और इसे बेहिसाब पीने से Kidney और लिवर दोनों को ही गंभीर नुकसान पहुंचता है.

पढ़ें > ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता है ? कारण और बचाव

किडनी के टिशूज़ (Kidney tissues) को हेल्दी बनाए रखने के लिए नेचुरल फ़ूड जैसे सब्जियां, फल आदि ज्यादा से ज्यादा खाएं. इसके साथ ही ऊपर बताई गई बातों को ध्यान में रखें और अपनी आदतों पर कण्ट्रोल रखें.

इन सब से आपकी किडनियां दबाव में नहीं आएंगी और आप किडनी की बीमारी (Kidney Diseases) से बचेंगे. Source

किडनी खराब होने पर क्या खाना चाहिए –

किडनी को स्वस्थ रखने और किडनी की बीमारी में ये चीजें खाना चाहिए.

किडनी स्टोन समस्या में कुल्थी की दाल (Horse gram) खाना गुर्दे की पथरी गलाने में कारगर मानी जाती है.

1. फलों में सेब, गाजर, तरबूज, ककड़ी, आम, अंगूर, जामुन, खीरा, नारियल, अनानास खाएं.

2. सब्जियों में फूलगोभी, पत्तागोभी, सहजन, शिमला मिर्च, बथुआ, अरबी, आलू, मूली, लौकी, नींबू, अदरक, पालक, चौलाई, करेला खाएं.

3. मसाले और जड़ी बूटियों में कुट्टू अनाज (Buckwheat), तुलसी, दालचीनी, पान, अपामार्ग की जड़, लहसुन, अजवाईन, गोखुर, बड़ी इलायची, काला जीरा खाएं.

किडनी की बीमारी में क्या नहीं खाना चाहिए – Kidney rog me parhej :

Kidney रोग में कोई भी पैकेटबंद फ़ास्ट फ़ूड और स्नैक्स न खायें.

रेडीमेड सूप, चिप्स, मैगी, मैदे से बनी चीजें जैसे ब्रेड, बिस्किट, कोला ड्रिंक्स,  ब्राउन राइस, फलों में केला, संतरा, अवोकेडो, खुबानी, दूध से बनी चीजें दही, पनीर आदि, प्रोसेस्ड मीट, अचार, टमाटर, खजूर, किशमिश का सेवन न करें.

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