श्यामा तुलसी के 9 अनोखे फायदे, राम तुलसी और श्याम तुलसी में अंतर जानें

श्यामा तुलसी के बारे में जानकारी – Shyama Tulsi in hindi :

तुलसी मुख्यतः 5 प्रकार की होती है.

  • श्यामा तुलसी या कृष्ण तुलसी / काली तुलसी
  • राम तुलसी
  • विष्णु तुलसी या श्वेत तुलसी
  • वन तुलसी
  • नींबू तुलसी

राम तुलसी और श्याम तुलसी में अंतर – Rama Tulsi and Shyama Tulsi difference in hindi :

1. राम तुलसी सामान्यतः दिखने वाली तुलसी होती है, जिसके पत्ती हलके हरे रंग के होते हैं. राम तुलसी का पूजा आदि में अधिक प्रयोग होता है.

2. श्याम तुलसी या कृष्ण तुलसी (Black tulsi) एक ऐसी प्रजाति होती है, जिसकी पत्ती, मंजरी व शाखाएं बैंगनी-काले से रंग के दिखते हैं. सेहत की दृष्टि से श्यामा तुलसी आमतौर पर मिलने वाली राम तुलसी से ज्यादा फायदेमंद होती है.

3. राम तुलसी का बोटैनिकल नाम Ocimum sanctum है. श्यामा तुलसी का बोटैनिकल नाम Ocimum Tenuiflorum है.

4. राम तुलसी की तुलना में श्याम तुलसी का स्वाद ज्यादा तेज (Crisp & peppery) और गर्म महसूस होता है.

5. हरे पत्तों वाली राम तुलसी बच्चों के लिए और जामुनी रंग वाली श्यामा तुलसी जवान और बड़े उम्र लोगों के लिए अधिक लाभकारी होती है.

Shyama Tulsi or Krishna Tulsi

श्यामा तुलसी के गुण – Shyama tulsi benefits in hindi :

– श्याम तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाला, शरीर में गैस नाशक, टयूमर नाशक, शरीर के विषैलें पदार्थों का नाशक, तनाव दूर करने वाला, सिरदर्द नाशक होता है. ये तुलसी एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-ट्यूबरक्लोसिस होती है.

– श्याम तुलसी या कृष्ण तुलसी मलेरिया बुखार, कॉलरा, उलटी आना, कान का दर्द, फेफड़े के रोग जैसे ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, डायबिटीज, ल्यूकोडर्मा, दांत का दर्द, कफ की समस्या का इलाज किया जाता है.

श्यामा तुलसी के फायदे और उपयोग – Krishna tulsi benefits in hindi :

बुखार ठीक करे – श्याम तुलसी का काढ़ा किसी भी तरह के बुखार को ठीक करता है. काढ़ा बनाने के लिए तुलसी के 8-10 पत्ते एक गिलास जितना पानी में उबालें. उबल जाने पर इसमें थोड़ा गुड़ मिला लें. पानी आधा हो जाये तो थोड़ा गुनगुना ठंडा करके पी लें.

स्टैमिना (दमखम) और इम्युनिटी बढाये – श्यामा तुलसी स्टैमिना बढ़ाने में सहायक होता है. ये तुलसी मेटाबोलिज्म को सही बनाये रखता है और ठंडी के मौसम में होने वाले रोगों, इन्फेक्शन से सुरक्षा प्रदान करता है.

आँखों के लिए – काली तुलसी या कृष्ण तुलसी के पत्तों का रस पानी में मिलाकर धोने से आँखों की रौशनी तेज होती है.

महिलाओं के लिए श्याम तुलसी – औरतों में पानी आने की बीमारी ल्यूकोरिया में श्याम तुलसी या काली तुलसी का अधिक सेवन करें, जरुर फायदा होगा. मासिक स्राव या पीरियड में ब्लड ज्यादा आने पर भी काली तुलसी को पीसकर पानी में मिलाकर पीयें.

पेशाब की समस्या – पेशाब खुलकर न आता हो या बूँद-बूँद आता हो तो श्याम तुलसी या कृष्ण तुलसी का रस पियें.

मानसिक तनाव और एलर्जी से राहत – कृष्ण तुलसी (Kali Tulsi) का रस सभी प्रकार की एलर्जी से राहत दिलाता है. यह टेंशन, स्ट्रेस दूर करता है और बदलते मौसम से होने वाली जुकाम ठीक करता है.

बालों के लिए कृष्ण तुलसी – सर में डैंड्रफ की समस्या हो तो श्यामा तुलसी या कृष्ण तुलसी की चटनी बनाकर बाल की जड़ों में लगायें और आधे घंटे बाद धो लें.

पेट के कीड़े – बच्चों के पेट में कीड़े हो तो श्यामा तुलसी (Black Tulsi) के रस में सौंफ या पुदीने के पत्तों का रस मिलाकर पीने से पेट के कीड़े खत्म होने लगते हैं.

पथरी और स्किन के लिए – यह तुलसी किडनी या ब्लैडर स्टोन, लिवर समस्या से बचाव करता है. स्किन की ऐसी समस्या जिसमें दर्द या खुजली हो श्यामा तुलसी का उपयोग फायदा करता है.

श्यामा तुलसी की चाय पीने के फायदे – Krishna Tulsi tea benefits in hindi :

1. श्यामा तुलसी की पत्तियाँ और अदरक पानी में गर्म करें. उबल जाने के बाद थोडा ठंडा हो जाने पर पियें. चाहे तो थोड़ा गुड़ या शहद मिला लें या सादा ही पियें. इस चाय में एंटी-ओक्सिडेंट गुण होते हैं. यह चाय पीना पेट, आंत और सांस की नली से जुड़ी समस्याओं के लिए लाभकारी है.

2. यह चाय हार्ट और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में फायदेमंद है. इसे पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम होता है. इसमें Mild blood thinning गुण होता है, जोकि हार्ट-अटैक की सम्भावनाओं को कम करता है.

3. यह खून साफ़ करता है, रक्त-संचार सही रखता है और बढ़े हुए ब्लड प्रेशर से होने वाले तनाव को कम करता है. यह ब्लड प्रेशर सामान्य करता है और हृदय की धमनियों को सुरक्षित रखता है.

पढ़ें > शहद और दालचीनी की चाय के फायदे 

श्याम तुलसी के उपाय – Shyama tulsi mala benefits :

1. श्यामा तुलसी के पौधे की पूजा करना और घर में लगाना अधिक शुभ माना गया है. माँ काली और हनुमान जी को श्यामा तुलसी चढ़ाना अच्छा माना गया है.

2. श्याम तुलसी या कृष्ण तुलसी की माला पहनने से आध्यत्मिक लाभ के अलावा परिवार के सुख और सम्पन्नता में भी बढ़ोत्तरी होती है. श्याम तुलसी या काली तुलसी की माला दिमागी शांति देती है.

3. श्याम तुलसी की माला सम्बन्धों और प्रेम में समस्या को सुधारने का काम भी करती है. ये माला बुरी नजर से बचाती है, निगेटिविटी दूर करती है और सकरात्मक सोच लाती है.

4.  काली तुलसी की माला पहनना नकारात्मकता दूर करने के लिए किसी रत्न की तुलना में अधिक असरकारक माना गया है. तुलसी की माला पहनते हैं तो अपना खान-पान सात्विक रखें तभी आप अधिक लाभ पा सकेंगे.

5. इसकी माला चाहे गले में धारण करें या घर के मन्दिर में रखें. इससे भगवान के प्रति भक्ति-भावना बढती है. इस माला को सोमवार, बुधवार, गुरुवार को गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करके पहनना चाहिए.

श्याम तुलसी कैसे लगायें – Shyama tulsi ki kheti :

– श्याम तुलसी के बीज गमले में लगाने के लिए उपयुक्त है. इसके बीज अंकुरित होने में थोडा अधिक समय (1-2 हफ्ते) ले सकते हैं, इसलिए धैर्य रखें. आप नर्सरी से तैयार पौधे भी लाकर लगा सकते हैं.

– जब तक बीज अंकुरित न हो जाएँ, गमले को थोड़ा छाँव में रखें जहाँ सीधे धूप न आती हो. समय-समय पर पानी देते रहें, जब लगे कि मिट्टी में नमी सूखने वाली है.

– तुलसी के पौधे को खुली धूप और उपजाऊ मिटटी की आवश्यकता होती है. मिट्टी में आर्गेनिक खाद या गोबर की खाद मिलाने से आपके पौधे में घनी पत्तियाँ आयेंगी और बढ़त अच्छी होगी.

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  1. Ashivani KumarSharma

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