पानी की कमी से होने वाली 13 बीमारी, लक्षण | Pani kam pine ke nuksan

कई लोग शरीर में पानी की कमी हो जाने या Dehydration (निर्जलीकरण) को गंभीरता से नहीं लेते। उन्हें लगता है कि ऐसा रेगिस्तान में ही हो सकता है कि कोई पानी की कमी के कारण जान से हाथ धो बैठे। आइए जाने शरीर में पानी की कमी से क्या होता है और ये भी जानें कि हमें रोज कितना पानी पीना चाहिए। 

पानी की कमी के लक्षण और पानी की कमी से होने वाले रोग –

शरीर में पानी की कमी से दिखने वाले लक्षण इस प्रकार हैं – 

  • लगातार या अक्सर होने वाला सिरदर्द, चक्कर आना 
  • बदबू वाला या गाढ़े रंग (डार्क कलर) का पेशाब होना
  • कमजोर और धीमा पाचन, कड़ा मल होना 
  • रूखी, बेजान स्किन दिखना 
  • थकावट लगना, काम में मन न लगना, साफ-साफ न सोच पाना 
  • मुंह और गले में सूखा-सूखा लगना 
  • सांस तेज होना या हार्टबीट तेज होना 

कई कारणों से शरीर में पानी की क्रोनिक कमी हो सकती है जिसके गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं और ये ज़रूरी नहीं है कि इसके लक्षण एकाएक ही प्रकट हों। Chronic Dehydration बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है और यह उन लोगों को प्रभावित करता है जो सही मात्रा में पानी नहीं पीते। आइए जानें पानी की कमी से कौन सा रोग होता है। 

शरीर में पानी की कमी से होने वाले बीमारी – Dehydration symptoms in hindi 

डिहाइड्रेशन से होने वाले 13 प्रमुख लक्षणों पर विचार करें और नियमित अंतराल पर पानी पीने को अपनी आदत में शामिल करें। इनमें से हर एक लक्षण बताता है कि शरीर में पानी की लगातार कमी होते जाना Health को किस प्रकार प्रभावित कर सकता है। 

1) थकान और ऊर्जा की कमी शरीर के ऊतकों (टिशू) में पानी की कमी होने से एंजाइमेटिक गतिविधि धीमी हो जाती है जिससे बॉडी में एनर्जी की कमी, सुस्ती फ़ील होने लगती है।  

2) असमय वृद्धावस्था – नवजात शिशु के शरीर में जल की मात्रा 80 प्रतिशत होती है जो कि वयस्क होने तक घटते-घटते 70 प्रतिशत रह जाती है और उम्र बढ़ने के साथ-साथ और घटती जाती है। देखा गया है कि कम पीने वालों की स्किन पर बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते हैं। 

Pani ki kami se rog

3) मोटापा – कई बार हम कोई रसदार भोजन या लिक्विड फूड खाना पसंद कर हैं और उसे भूख से ज्यादा खा जाते हैं क्योंकि प्यास को लोग कई बार भूख समझ लेते हैं। ऐसा करने से शरीर में मोटापा बढ़ने लगता है। 

4) हाई और लो ब्लड प्रेशर – शरीर में पानी की कमी होने पर खून की मात्रा धमनियों, शिराओं और ब्लड सरक्यूलेशन सिस्टम को पूरी तरह से भरने के लिए पूरी नहीं पड़ती। इस वजह से हाई या लो ब्लड प्रेशर की कन्डिशन पैदा हो जाती है। 

5) कोलेस्ट्रॉल बढ़ना – डिहाइड्रेशन होने से शरीर की कोशिकाओं के भीतर स्थित द्रव कम हो जाता है, जिसकी वजह से शरीर अधिक कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) का निर्माण करके इस नुकसान की भरपाई करने का प्रयास करता है। 

6) कब्ज – जब चबाया हुआ भोजन आंतों में प्रवेश करता है तो इसमें मौजूद द्रव के कारण मल (stool) भली भांति बनता है और आंत पानी को सोख लेती हैं। पुराने कब्ज में आंतें शरीर के अन्य अंगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए पानी को अधिकता से सोखने लगती हैं। 

7) पाचन के रोग – क्रोनिक डिहाइड्रेशन में पेट में पाचक रसों का निर्माण घट जाता है जिससे पेट के रोग होने लगते हैं। 

Body me pani ki kami se rog

8) गैस्ट्राइटिस (Gastritis) या पेट का अल्सर – पेट (आमाशय) में पाए जाने वाली म्यूकस झिल्ली पेट की भीतरी सतह को अम्लीय पाचक रसों द्वारा नष्ट हो जाने से बचाने के लिए म्यूकस की एक परत हमेशा स्त्रावित करती रहती है। पानी की कमी से अम्ल (Acid) बनने की गति बढ़ जाती है और पेट में छाले हो जाते हैं। 

9) यूरिन इन्फेक्शन्स और सिस्टाइटिस (Cystitis) – पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने से मूत्र में मौजूद एसिड और टॉक्सिन आदि बाहर निकलते रहते हैं और उनकी तीव्रता नहीं बढ़ती। इससे यूरिन सिस्टम की म्यूकस झिल्लियां सुरक्षित रहती हैं। 

10) एसिड-क्षार का असंतुलन – डिहाइड्रेशन होने से पेट की एंजाइम गतिविधियां सुस्त हो जाती हैं जिससे शरीर में ज्यादा एसिड बनना शुरु हो जाता है। 

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11) एक्जिमा – त्वचा की नमी बनाए रखने के लिए एक दिन शरीर में पानी की 20 से 24 औंस पसीना बनना ज़रूरी है जो एसिड की तीव्रता को कम करता है। स्किन ज्यादा रूखी होने और स्किन में नमी की कमी आने से त्वचा में खारिश-खुजली होने लगती है। 

12) सांस संबंधित कठिनाइयां – फेफड़ो के अंदर की म्यूकस झिल्ली भी सांस के रास्ते भीतर आनेवाले कणों को जकड़ लेती है. पानी की कमी से इसकी क्षमता भी प्रभावित होती है।

13) गठिया – डिहाइड्रेशन से रक्त और शरीर के अन्य द्रवों में टॉक्सिन का कंसेन्ट्रेशन बढ़ जाता है जिससे गठिया का दर्द भी उसी अनुपात में बढ़ता जाता है। 

कितना पानी पिएं – How much drink water per day in hindi 

हम सभी सांस लेने, पसीना बहने (Sweating) और मल-मूत्र त्यागने के कारण अपने शरीर का पानी खोते रहते हैं। शरीर की सभी गतिविधियां भलीभांति चलती रहें इसके लिए यह ज़रूरी है कि हम शरीर में हमेशा कम होती जा रही पानी की मात्रा की भरपाई पानी पीकर (Water Intake) तथा तरल भोजन लेकर करते रहें। 

1 वयस्क स्वस्थ व्यक्ति को कितने लीटर पानी पीना चाहिए –

Institute Of Medicine के अनुसार संतुलित तापमान और वातावरण में पुरुषों को रोज लगभग 3 लीटर पानी पीना चाहिए।  औरतों के लिए इसकी मात्रा 2.2 लीटर है। इसमें अन्य लिक्विड जैसे चाय, कॉफ़ी, जूस आदि की मात्रा भी शामिल है। 

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Source : https://www.healthline.com/health/chronic-dehydration

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2908954/

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Arvind

अरविन्द शब्दबीज.कॉम के एडिटर हैं और पिछले 6 वर्षों में आपने इस वेबसाईट के लिए कई बेहतरीन लेख लिखे हैं जोकि बहुत लोकप्रिय हुए हैं। अगर आप इनसे संपर्क करना चाहें तो मेल करें - shabdbeej@gmail.com

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