सूरजमुखी का पौधा कैसे लगाए व सूरजमुखी के फायदे

सूरजमुखी (Suryamukhi) का पौधा कैसे और कब लगायें, कैसे देखभाल करें इस लेख में जानेंगे। साथ ही घर में सूर्यमुखी या सूरजमुखी का पौधा लगाने के कौन से फायदे हैं जिसे स्वास्थ्य और वास्तु की दृष्टि से फायदेमंद माना जाता है।

सूरजमुखी का पौधा कैसा होता है – Sunflower plant in hindi | Surajmukhi ka Ped

सूरजमुखी के पौधे का बोटैनिकल नाम Helianthus है। सूरजमुखी का पौधा सामान्यतः 5-8 फुट की ऊंचाई तक बढ़ता है लेकिन कुछ प्रजाति 16 फुट तक बढ़ सकती हैं। सूरजमुखी का फूल सुबह सूर्य निकलने से लेकर शाम तक सूरज को देखते हुए पूर्व से पश्चिम घूमता जाता है, सूरज की तरफ ही मुख (मुंह) होने की वजह से ही इसे सूरजमुखी या सूर्यमुखी का पौधा कहा गया है।

सूरजमुखी के बीज खाने से बहुत से पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं और डॉक्टर, डाइटीशियन इन बीजों को खाने की सलाह देते हैं। सूरजमुखी का पौधा लगाने के 2 तरीके हैं – 1) बीज बोना 2) कलम लगाना। इन दोनों तरीकों के बारे में पूरी जानकारी पढ़ने से पहले आप सूरजमुखी के फायदे जान लें।

सूरजमुखी का पौधा लगाने के फायदे – Sunflower plant benefits in hindi

1) घर में सूरजमुखी का पौधा लगाने से घर के सदस्यों को आरोग्य यानि अच्छे स्वास्थ्य, गुड लक की प्राप्ति होती है। घर के आस-पास जमीन या गमले में सूरजमुखी का पौधा लगाने से घर में पाज़िटिविटी आती है जिससे घर में झगड़े कम होने लगते हैं, आपस में प्रेम बढ़ता है, घर के सदस्यों की उन्नति होती है।

2) जिन्हे आत्मविश्वास (self confidence) की कमी है उसे घर के पूर्व की दिशा में सूरजमुखी का पौधा लगाना चाहिए या सूरजमुखी का गमला रखना चाहिए। सनफ्लावर का पौधा या सूरजमुखी के फूल ऐसे व्यक्ति को गिफ्ट करें जो किसी बड़े लक्ष्य के लिए तैयारी कर रहा हो और उसे अच्छे अवसर की तलाश है।

3) अगर किसी लड़की की शादी में दिक्कत आ रही है तो उसे शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार को दोपहर 12 बजे के आस-पास सूरजमुखी का फूल किसी नवग्रह मंदिर जाकर गुरु ग्रह को चढ़ाना चाहिए। ऐसा अगले 9 गुरुवार तक करना चाहिए, इससे विवाह के योग बनने लगते हैं। अगर किसी का गुरु ग्रह अशुभ है या कमजोर है तो उसे भी ये उपाय करना चाहिए।

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4) ज्योतिष और वास्तु में सूरजमुखी के पौधे का इतना महत्व है कि कहा गया है अगर सूरजमुखी का पौधा घर में न लगा सके तो सूरजमुखी की फ़ोटो ही अपने घर में या घर के दरवाजे के पास लगाएं। इससे भी लाभ होना देखा गया है।

Surajmukhi ka paudha kaise lagaye
सूरजमुखी बीज व सूर्यमुखी पौधा के फायदे

5) सूर्यमुखी के बीज खाने के फायदे – Sunflower Seeds in hindi

सनफ्लावर सीड्स को खाने के लिए बीज के कड़े खोल के अंदर मौजूद बीज को खाना होता है। सूरजमुखी के बीज खाने से शरीको प्रोटीन, विटामिन ई, विटामिन बी 6, आयरन, जिंक, तांबा, सेलेनियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे तत्व मिलते हैं। सनफ्लावर सीड्स खाने से हार्ट प्रॉब्लेम, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर रोग होने की संभावना कम होती है।

6) सनफ्लावर सीड्स के फायदे से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है, रोग-इन्फेक्शन नहीं होते और सेलेनियम की वजह से शरीर में एनर्जी बनी रहती है। सनफ्लावर सीड्स खाने के लिए सलाद में मिलाएं, बेकिंग वाले फूड आइटम में डालें या हल्का भूनकर खाएं।

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7) सूर्यमुखी का तेल (सनफ्लावर आयल) में सैचुरेटेड फैट कम होता है। इस तेल में शरीर के लिए 2 फायदेमंद फैटी ऐसिड 1) पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी ऐसिड्स 2) पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी ऐसिड्स होते हैं।

सूरजमुखी का पौधा कब लगायें, कैसे लगाए – How to Grow Sunflower plant in hindi

सूरजमुखी का पौधा लगाने के लिए जनवरी-जुलाई का मौसम सही होता है। यह पूरे साल चलने वाला पौधा है जिसमें मई-अगस्त तक फूल आते रहते हैं। यह हर तरह की मिट्टी में बोया जा सकता है। सूरजमुखी का पौधा लगाने के लिए गमले की मिट्टी में 50% जैविक खाद (गोबर खाद या वर्मी काम्पोस्ट) होना चाहिए। गमले के नीचे छेद होने चाहिए जिससे पानी न रुके।

1) सूरजमुखी के बीज बोकर पौधा तैयार करें –

सूरजमुखी के बीज से पौधा तैयार करना आसान होता है क्योंकि ये तेजी से बढ़ते हैं और इन्हे कोई खास देखभाल की जरूरत नहीं होती। सूरजमुखी का पौधा लगाने के लिए सूरजमुखी का बीज किसी नर्सरी से ले आयें या सूरजमुखी के पूरी तरह खिलने के बाद सूखे हुए फूल से निकाल लें। बाजार में जो सूरजमुखी के बीज खाने के लिए आते हैं वो रोस्टेड यानि भुने हुए होते हैं, ऐसे बीज लगाने से अंकुरित नहीं होंगे।

गमले में किसी पेंसिल या लकड़ी से करीब 1 इंच गहरा गड्ढा करके उसमें सूरजमुखी का 1 बीज डाल दें। अगर बड़ा गमला है तो 4-5 इंच की दूरी पर 1 से अधिक बीज भी बोए जा सकते हैं। गड्ढे में बीज डालकर मिट्टी की परत बिछा दें और थोड़ा पानी का छिड़काव कर दें जिससे मिट्टी नम हो जाए। रोज थोड़ा सा पानी डालें जिससे मिट्टी न तो सूखे, न ही बहुत ज्यादा पानी होकि बीज सड़ने लगे। बीज 7-10 दिन में अंकुरित हो जाएंगे। इसके कम से कम 1-2 हफ्ते बाद पौधे को किसी बड़े गमले या जमीन में ट्रांसफ़र कर सकते हैं। बीज बोने के लगभग 1 महीने बाद पौधे में फूल आने लगते हैं।

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2) सूरजमुखी के पौधे से कटिंग लेकर पौधा लगाए –

इसके लिए सूर्यमुखी के किसी पुराने पौधे के मुख्य तने (stem) से निकलने वाली 4-6 इंच लंबी किसी पुरानी और मजबूत शाखा (branch) को चुनें जिसपर पुरानी पत्तियां हों। इस शाखा पर कोई फूल या कली न लगी हो तो अच्छा होगा, ऐसी शाखा से काटी गई कलम से जल्दी और अच्छी जड़ें निकलती हैं।

अब इस शाखा को किसी धारदार औजार से काटें, जहाँ से यह मुख्य तने से जुड़ी हुई है। काटी हुई कलम से नीचे की पत्तियां काट दें क्योंकि उनके नोड से ही जड़ें निकलेंगी। पौधे की ऊपरी टिप (शीर्ष भाग) को भी काट दें और 2-3 पत्तियों (Terminal leaf) के अलावा बाकी सभी पत्ती, कली हटा दें।

इस कलम को किसी छोटे गमले में लगाएं जिसमें 50% कोकोपीट + 25% जैविक खाद + 25% मिट्टी होनी चाहिए। इसमें कलम लगा दें, पानी छिड़क दें और किसी गर्म, छायादार जगह पर रख दें। गर्म-छायादार से मतलब है कोई शेड वाला एरिया जहाँ धूप की कुछ गर्मी आती हो और थोड़ी धूप आए। पौधे की मिट्टी में नमी बनी रहे बस इतना पानी देते रहना है।

1.5-2 हफ्तों में कलम से कई जड़ें निकल आयेंगी। पौधे पर कुछेक नई पत्तियां निकलती हुई भी दिखाई देंगी। इसके बाद पौधे को धीरे-धीरे छाया से निकालकर ऐसी जगह रखें, जहाँ दिन के कुछ घंटे धूप आती हो। जब पौधा बड़ा हो जाए तो फिर सीधी धूप वाले भाग में रख सकते हैं।

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सूर्यमुखी के पौधे की केयर कैसे करे – Sunflower Plant care in hindi

धूप – सूरजमुखी के पौधे को खुली धूप में रखना जरूरी है, अगर दिन भर धूप न मिले तो भी कम से कम 6-8 घंटे की धूप तो अवश्य मिलनी चाहिए। इस पौधे को सही से बढ़ने, फूलने के लिए अच्छी धूप की जरूरत होती है।

सिंचाई – जब सूरजमुखी का पौधा बढ़ने लगे तो पौधे में बराबर पानी डालने की जरूरत होती है, इसलिए पानी डालने का ध्यान रखें। कम पानी देने से पौधे में अच्छी बढ़त नहीं मिल सकेगी। गर्मी के मौसम में 1 दिन का गैप करके पौधे में पानी देते रहें जिससे कि मिट्टी में कुछ नमी बनी रहे।

खाद – वैसे तो सूरजमुखी को खाद कि जरूरत नहीं पड़ती लेकिन अगर फूल निकलते समय महीने में 1 बार 1 चम्मच 15:15:15 NPK खाद डाली जाए तो बड़े और चटक रंगों वाले फूल निकलते हैं। NPK खाद को पानी में मिलाकर गमले में डालें लेकिन जड़ के पास नहीं डालना है। इसके अलावा सूरजमुखी में नियमित रूप से खाद डालने की जरूरत नहीं है, गमला लगाते समय डाली गई जैविक खाद पर्याप्त है।

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कीट-रोग – यह पौधा आमतौर पर रोग और कीटों से मुक्त होता है लेकिन अगर कभी कोई कीट लगा दिखें तो उसे हल्के से झाड़कर अलग कर दें। अगर कोई रोग लगने के लक्षण दिखें तो नीम की खली के घोल का स्प्रे कर दें।

नोट : सनफ्लावर (Surajmukhi ka paudha) की हर वैराइटी के बीज खाने लायक नहीं होते हैं, अगर आप पौधा लगाकर उससे मिले बीज खाना चाहते हैं तो पौधा लगाने से पहले इस बात को कन्फर्म कर लें कि ये खाने वाले बीज की प्रजाति है या नहीं। सूरजमुखी के कुछ प्रजाति हाइट में 3-4 फुट तक ही बढ़ती है, इसके फूल भी छोटे होते हैं। सूरजमुखी के लंबे पौधों को सपोर्ट की जरूरत हो सकती हैं, जिसे आप बांस की डंडी लगाकर दे सकते हैं। सूरजमुखी के बीज गिलहरी, चिड़िया खाती हैं, इस बात का ध्यान रखे।

आशा करते हैं कि आपको सूरजमुखी का पौधा कैसे लगाए और सूरजमुखी के बारे में काफी जानकारी मिल गई होगी। आप इस पौधे से जुड़ा कोई सवाल या अनुभव नीचे कमेन्ट करें। यह लेख अपने मित्र, परिचितों के साथ जरूर व्हाट्सप्प शेयर करें जिससे अन्य लोग भी इस जानकारी को पढ़ सकें।

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sources : healthline.com/nutrition/sunflower-seeds
https://homeguides.sfgate.com/propagating-sunflowers-cuttings-97877.html

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शब्दबीज संपादक पिछले 5 वर्षों से हिन्दी में विभिन्न विषयों पर अच्छे लेखों का प्रकाशन कर रही है। हमारा उद्देश्य है कि सही जानकारी, अनुसंधान और गुणवत्ता पूर्ण लेख से हमारे पाठकों का ज्ञानवर्धन हो।

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