सफेद आक का पौधा किस दिन, कहाँ, कैसे लगायें | Safed Aakde ka paudha

आक का पौधा घर में लगाना चाहिए या नहीं : सफेद आक (मदार) का पौधा घर में लगाना चाहिए क्योंकि इसे बहुत शुभ माना जाता है। सफेद आक को सफेद आकड़ा, अकौआ, मदार भी कहा जाता है। सफेद आक का पौधा लगाने की दिशा, दिन और तरीका की जानकारी आगे पढ़ें।

आक के पौधे 2 तरह के होते हैं

  1. सफेद फूल वाला
  2. हल्के बैगनी रंग के फूल वाला
Q: सफेद आंकड़े का पौधा कैसा होता है

A: सफेद आकड़े के पौधे के फूल खिलने पर सफेद रंग के होते हैं जबकि आमतौर पर मिलने वाले आक (मदार) के पौधे में हल्के बैगनी रंग के फूल निकलते हैं बाकी देखने में दोनों पौधे एक जैसे ही होते हैं।

सफेद आक (आकड़े) का पौधा या मदार का पौधा कहाँ, किस दिशा में लगाना चाहिए

  • आक का पौधा घर के अग्नि कोण की दिशा (दक्षिण पूर्व के बीच), दक्षिण या उत्तर दिशा में भी लगाया जा सकता है।
  • घर में सफेद आक का पौधा मुख्य गेट के पास या सामने लगाना चाहिए या फिर घर के बाहर गेट के पास रख सकते हैं।
  • घर से बाहर आक का पौधा ऐसे लगाएं कि जब आप घर से निकलें तो आक का पौधा आपके दाहिने तरफ (right side) होना चाहिए।
Q: सफेद आंकड़े का पौधा किस दिन लगाना चाहिए

A: आक के पौधे को गुरु पुष्य नक्षत्र (गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र), रवि पुष्य नक्षत्र (रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र), अमृत योग, सर्वार्थ सिद्धि योग के दिन लगा सकते हैं या किसी शुभ दिन जैसे दिवाली, धनतेरस, होली, नवरात्र आदि के दिन लगाना चाहिए।

safed madar ka paudha aur phool
मदार (सफेद आक या आकड़ा) का पौधा , मदार (आकड़े ) के फूल

आक (मदार) का पौधा लगाने के फायदे | Aak plant benefits in hindi

  • आक का पौधा लगाने से घर में लक्ष्मी आती है और घर को बुरी नजर नहीं लगती।
  • आक के पौधे में फल आता है जिससे रुई जैसे रेशे निकलते हैं। आक की रुई से बत्ती बनाकर शिव मंदिर में देसी घी का दिया जलाने से शिव जी प्रसन्न होते हैं।
  • आक की रुई का दिया जलाकर लक्ष्मी मंत्र साधना करने से धन प्राप्ति होती है।
  • आक के पौधे में भगवान गणेश जी का वास माना जाता है। सफेद आंकड़े के पुराने पौधे की जड़ से गणेश जी की मूर्ति बनाकर पूजा करने से गणेश जी की कृपा प्राप्त होती है।

आक का पत्ता के फायदे | Calotropis gigantea or Milkweeds in hindi

आक का पत्ता पेट की समस्याएं जैसे डायरिया, पेट का अल्सर, कब्ज, दांत के दर्द, ऐंठन, जोड़ों का दर्द, जकड़न, फोड़े, सूजन, फीवर, गाउट आदि रोगों में करते हैं। आक का पौधा बहुत से रोगों के इलाज, आयुर्वेदिक उपचार, देसी इलाज में प्रयोग किया जाता है। इस पौधे के तने या डाल को तोड़ने पर सफेद दूध सा (Latex) निकलता है जोकि कुछ विषाक्त (Poisonous) होता है इसलिए मदार के दूध को रोग के इलाज में प्रयोग करने में सावधानी बरतें।

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आंकड़े या आक का पौधा कैसे लगाए और देखभाल कैसे करे | Madar ka paudha kaise lagaye

आक का पौधा लगाना आसान है क्योंकि यह बहुत ही मजबूत पौधा है। यह रूखे मौसम, कम पानी, कठोर वातावरण को भी झेल लेता है। आक का पौधा बीज बोकर या कटिंग (कलम) लगाकर तैयार किया जा सकता है।

आक के बीज से पौधा तैयार करना

आक के पुराने पौधों पर अर्धचंद्राकार (गुझिया जैसे) आकार के 2.5-4 इंच लंबे हरे रंग के फल निकलते हैं। इस फल के अंदर सफेद रुई और रेशेदार बीज (Milkweed seeds) होते हैं। इन बीज को बोकर आक का पौधा उगाया जा सकता है। इसके लिए मिट्टी में 20% गोबर खाद, 30% बालू या कोकोपीट, बाकी 50% साधारण मिट्टी होनी चाहिए।

aak plant in hindi
सफेद आंकड़े का फूल ,आक के बीज , आक का फल

गर्मी का मौसम आक का पौधा लगाने के लिए सही है। बीज को 5-6 घंटे पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद 1.5-2 इंच गहरे गड्ढे में डालकर मिट्टी से हल्के से ढक दें और पानी डाल दें। 7-10 दिन में आक का बीज अंकुरित होकर मिट्टी से बाहर निकल आएगा। 1 दिन छोड़कर गमले में थोड़ा पानी डालते रहें। जब तक ये पौधा 6-7 इंच का न हो जाए, इसे छाँव में रखें उसके बाद धूप में रख सकते हैं।

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आक के पौधे की कटिंग लेकर नया पौधा लगाना

आक (आकड़ा) के पौधा से करीब 1 फुट (30 सेन्टीमीटर) लंबी कटिंग काटें। आक की कटिंग में 2-3 से ज्यादा पत्ती न हों। कटिंग से निकलने वाले दूध को बह जाने दें। जब दूध निकलना बंद हो जाए तो इसके कटे सिरे को किसी खाद या एप्सम साल्ट के घोल में डाल दें। 10 मिनट बाद आक की कलम निकालकर मिट्टी में करीब 4 इंच दबाकर लगा दें और पानी डाल दें। इसे किसी छाँव वाली जगह रखें और थोड़ा पानी रोज देते रहें। करीब 10 दिन में इस कलम से नई पत्तियां निकलने लगेंगी।

धूप – आक या मदार का पौधा खुली धूप में अच्छे से बढ़ता है, इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप आती हो।

पानी – एक बार बढ़ जाने के बाद आंकड़ा का पेड़ को बहुत ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है, गर्मी के मौसम में हफ्ते में 2-3 बार और जाड़ों में सप्ताह में 1 बार पानी दें।

आक के पौधे के फायदे, लगाने का तरीके के बारे में जानकारी से जुड़े अपने सवाल, कमेन्ट नीचे लिखें। इस लेख को अपने मित्र, परिचितों के साथ शेयर जरूर करें जिससे कि अन्य लोग भी इस जानकारी का लाभ ले सकें।

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sources :

https://www.webmd.com/vitamins/ai/ingredientmono-797/calotropis

https://findanyanswer.com/how-do-you-grow-calotropis-gigantea-from-seed

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46 thoughts on “सफेद आक का पौधा किस दिन, कहाँ, कैसे लगायें | Safed Aakde ka paudha”

  1. सफेद आक का पौधा अपने मंदिर वाले प्लॉट में लगाना चाहता हूं लेकिन समझ नहीं पा रहा हूं किस तरह लगाया जाए इसकी दक्षिण दिशा में बीच में मंदिर बना हुआ है अभी दोनों तरफ गेट है एक तरफ चैनल गेट है एक तरफ पट वाले गेट है पट वाले गेट की तरफ लगाएं या दक्षिण वाले गेट की तरफ कौन सी तरफ लगाया जावे मुझे सही राय देवें

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    • Ghar se nikalkar aap bahar jate hain lekin chhat par jakar bhi aap ghar me hi rehte hain isliye South-East me rakhe, yaha nahi rakh sakte to North ya South me rakhe.

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  2. Mere Ghar ke bahar left side me mene safed aak or Bel patra Ka paudha Lagya he . Ghar se niklte vakt left hand me isse koi parishani to Nahi he . Safed aak Ka paudha bada ho gya he. Kripya bataye

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  3. सफेद मदार का पेड़ गुप्त नवरात्रि में सोमवार के दिन लगा सकते है क्या?
    कृपा उचित मार्ग दर्शन देने का कष्ट करें

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  4. Mere men get ke left side me hanuman jee ka asthan hai wahi madar ka bhi paudha hai jo left me hai south disa kya kiya jay

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    • चिंता न करें, हनुमान जी पर विश्वास और प्रेम बनाएं रखें। हनुमान जी अमंगल दूर करके, सदामंगल ही करते हैं। जहाँ ईश्वर का वास है, वहाँ कोई अपशकुन नहीं होता।

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  5. Me aak ka podha laya hu magar sutak laga hua hai Bhai ke ladka hua islye .to koi problem to ni hena? Or kb lagaye ya kya kia jaye bataye plz.

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    • कब लगाएं इसकी जानकारी तो लेख में दी गई है। अगर गंगाजल उपलब्ध है तो उसे पौधे के ऊपर छिड़ककर फिर गमले या जमीन में लगाएं। अगर गंगाजल नहीं है तो ताजा-शुद्ध जल तांबे के बर्तन में लेकर पौधे पर छिड़काव करें फिर पौधा लगा सकते हैं। आक के पौधे में भगवान गणेश जी का वास माना जाता है, इसलिए लगाते समय मन ही मन ‘श्री गणेशाय नमः’ का जप करें और भगवान श्री गणेश जी से परिवार का मंगल करने की कामना करें।

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  6. क्या आके का पौधा घर की छत पर गमले में लगाया जा सकता है, कृपया सुझाव दे

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  7. श्री शिवाय नमस्तुभयम हमारे घर में आक का पौधा गमले में अपने आप उगा आया है , ये क्या दर्शाता है, अब उसके पीले पत्ते होकर झड़ रहे हैं इसके लिए क्या करें। कृप्या बताएं

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    • जरूरत से कम या ज्यादा पानी देने से पत्ते पीले होने लगते है। जब पौधे की जड़ के पास की मिट्टी छूने पर सूखी लगे तभी पानी डालें और एक बार में 1/2 मग से ज्यादा पानी न दें। पीले और सूखे पत्ते, सूखी डालें तोड़कर अलग कर दें।

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  8. क्या इसमें थोड़ी मात्रा में रोज पानी दे सकते है जैसे रविवार या अमावस्या आदि को भी दे सकते है

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    • जब पौधे के गमले या जमीन की मिट्टी सूखी हो तभी पानी देना चाहिए। बिना जरूरत के पानी देते रहने से पौधे की पत्ती पीली पड़ सकती है और जड़ें खराब होने का डर होता है। इसलिए अगर रोजाना ही देना है तो आधे ग्लास जितना पानी दें। इस बात का ध्यान रखें कि पौधे को धूप सही से मिले, जिससे अनावश्यक पानी उड़ जाए।

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  9. Mere ghar ka gate dakshin disha me khulta hai jo makan ke bilkul bich se khulta hai… Mujhe gate k paschim me lagana chahiye ya purab me

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  10. आक का पेड़ बहुत बड़ा हो गया है क्या हम उसकी कटाई कर सकते हैं।

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  11. Mere gar me gate ke bhar apne aap ho gya he aak white he ya konsa malum nhi
    Tulsi. Ke baju me ho gya he ye. 1 se hokar 5 ho gye apne aap gate ke bhar niklte right side me he achha he ya nhi apne aap 5 podhe ho gye he

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  12. मेरे घर पर छत में रखे एक गमले में स्वतः ही आक का पौधा निकला है, क्या इसको छत पर लगा सकते हैं और पौधा किस दिशा में रखें यह भी बताईये, धन्यवाद

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