तांबे के बर्तन में पानी क्यों पियें, विज्ञान ने भी सिद्ध किया है

ताम्बे के बर्तन में पानी पीने के लाभ :

आजकल किसी भी घर की रसोई में देखें तो ज्यादातर बर्तन स्टेनलेस स्टील, कुछेक एल्युमीनियम, कांच, चीनी मिटटी के होंगे. याद करें पहले गांवों और शहरों में भी बहुत तरह के धातु से बने बर्तनों का उपयोग किया जाता था जैसे लोहा, कांसा, पीतल, तांबा, लकड़ी, चाँदी आदि. तांबा का प्रयोग पानी पीने के बर्तन बनाने में किया जाता था. अगर तांबे के पात्र में रखा पानी कुछ अशुद्ध है तो यह कुछ घंटो में पानी के साथ प्रतिक्रिया करके शुद्ध हो जाता है.

ताम्बे के बर्तन

ताम्बे के पात्र

तांबे के बर्तन का प्रयोग :

यह बात सही है कि भूतकाल में हमारे भारत में कई कुरीतियाँ या बुराइयाँ फैली थी पर उस जमाने में विद्वानों, विचारकों के साथ ही साथ कई वैज्ञानिक और अनुसंधानकर्ता भी थे जोकि अपने प्रयोगों से प्रकृति के रहस्यों को उजागर करने का प्रयास करते रहते थे.

बर्तनों को उनके कार्य और उपयोग के हिसाब से अलग अलग धातुओं से बनाया जाता था क्योकि इनसे में कुछ धातुओं के बर्तन उनमे रखे जाने वाले भोज्य पदार्थ से रासायनिक प्रतिक्रिया करने लगते थे. अतः इस बात का ध्यान रखा जाता था कि इन बर्तनों को सही उपयोग में ही लाया जाये.

– तांबा के बर्तन में रखा जाने वाला पानी रासायनिक प्रतिक्रिया करके जीवाणुनाशक बन जाता है. यह पानी स्वास्थ्य के अत्यंत लाभकारी होता है. यह पानी रक्त को शुद्ध करता है, पाचन तंत्र सुदृढ़ करता है.

इन्ही खूबियों को जानकर पहले समय के लोग तांबे के पात्र पानी रखने और पीने के काम लेते थे.

Tambe ke jug se pani piye

ताम्बे का जग

तांबे के बर्तन में रखे पानी में जीवाणुरोधी (antimicrobial), एंटीऑक्सीडेट (antioxidant), कैंसररोधी (anti-cancer) और एंटीइन्फ्लेमेटरी (anti-inflammatory) गुण आ जाते हैं. 

– वर्ष 2012 में हुई एक स्टडी में पता चला था कि सामान्य तापमान पर तांबे के बर्तन में 16 घंटे तक रखने पर दूषित (contaminated) पानी में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं की संख्या में कमी आ गई थी. वैज्ञानिको ने प्रयोग के तौर पर ऐसे पानी को लिया कि जिसमे पेट के पेचिश रोग को पैदा करने वाले वायरस, अमीबा ई-कोली थे. कुछ घंटो के पर्यवेक्षण के बाद वैज्ञानिको ने देखा कि हानिकारक बैक्टीरिया पूरी तरह से समाप्त हो चुके थे.

– भारत में तो लोग सदियों से इस बात को जानते हैं कि तांबे के बर्तन में रखे पानी में औषधीय गुण आ जाते हैं. एक रिसर्च में यह पता चला कि अस्पतालों में तांबे की सतहों की मौजूदगी से ICU में पाए जानेवाले 97 प्रतिशत बैक्टीरिया नष्ट हो गए जिनसे होनेवाले इन्फेक्शंस में 40 प्रतिशत की कमी आई.

– भारतीय योगी सद्गुरु जग्गी वासुदेव कहते हैं – तांबे के पात्र में रात भर या कम से कम चार घंटे तक रखे गए पानी में तांबा धातु के वे गुण व्याप्त हो जाते हैं जिनसे हमारे शरीर, विशेषकर हमारे लीवर को बहुत लाभ पहुंचता है. यह शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान रखता है”.

– हमें ऐसे लगता है कि बड़े बड़े अमीर लोग, हीरो-हिरोइन वगैरह किसी दूसरी दुनिया के बने खान-पान का प्रयोग करते हैं , ऐसा बिलकुल भी नहीं है.एक इंटरव्यू में अरबाज़ खान और मलाइका अरोरा ने बताया कि सुबह उठने पर सबसे पहले वो रात भर तांबे के जग में रखा हुआ पानी पीते है.

तांबे के बर्तन में पानी क्यों पियें :-

– यह हमारे पाचन तंत्र को सुधारता है.

– वजन संतुलित रखने में सहायक है.

– घावों को जल्दी भरता है.

– बुढ़ापे की दर को कम करता है.

– हमारे हृदय (cardiovascular) तंत्र को पुष्ट करता है और हाइपरटेंशन (hypertension) में लाभदायक है.

– कैंसर का प्रतिरोधक है.

– बैक्टीरिया को मारता है.

– दिमाग को स्टीमुलेट करता है.

– थायराइड को नियंत्रित करता है.

– संधिवात (arthritis) और जोड़ों की सूजन कम करता है.

– खून की कमी (anemia) दूर करता है.

– कोलेस्ट्रोल कम करता है.

– लीवर, स्प्लीन और लिंफ सिस्टम (lymph system) के लिए टॉनिक का काम करता है.

– मैलेनिन (melanin) की रक्षा करता है.

– शरीर को लौह तत्व (iron) एब्सॉर्ब करने में सहायक है.

– किडनियों को साफ करता है.

जिस तांबे के बर्तन से आप पानी पीते हैं वह बर्तन एक दो दिन में धुलना अवश्य चाहिए. इसका कारण यह है कि तांबा पानी के साथ प्रतिक्रिया करके कॉपर ऑक्साइड बना देता है जोकि जंग जैसा बर्तन की दीवारों पर जम जाता है. इसे  साफ करना आवश्यक है अन्यथा यह पानी धातु के लाभदायक फायदे नहीं दे पायेगा.

तांबे के बरतन साफ करने का आसान उपाय है नींबू  अथवा खटाई, केचप या फिर नमक और सफ़ेद सिरका से रगड़ कर साफ करना और फिर किसी डिटरजेंट से धुल लेना.

– आजकल तांबे के बने बर्तनों के उपयोग के नाम पर बस तांबे के छोटे से लोटे दिखते है जिसे घर-मंदिर में पूजा पाठ और सूर्य को अर्घ्य देने में प्रयोग किया जाता है. एक समझदार व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने पूर्वजो की परम्परा का पालन करे / न करे पर कम से कम इतने फायदे जानकर ही सही तांबे  के बरतनों का प्रयोग करे.

Tambe ke lote se pani

– तांबे के बर्तन, जग, बोतल, गिलास, लोटा आदि आपको किसी भी बरतन की दुकान से मिल सकते है या आप इन्हें ऑनलाइन भी आर्डर कर सकते है. Buy Now

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