खस क्या होता है, खस के फायदे | Vetiver in hindi

खस क्या है – What is Khus in hindi :

खस एक खुशबूदार घास होती है. खस को अंग्रेजी में Vetiver कहा जाता है, जोकि खस का तमिल शब्द है.

पहले के ज़माने में गर्मी से बचाव के लिए खस के पर्दे बनवाए जाते थे, जिसे पानी से तर रखते थे. जब गर्मियों की गरम लू जैसी हवा इनसे गुजरकर कमरे में आती तो ठंडी हो जाती, साथ ही इसकी तरावट वाली बढ़िया खुशबु से कमरा महक जाता था.

आज भी खस की घास गर्मियों में कूलर की दुकान पर मिलती है. जब आप अपने कूलर की घास भरवाएं तो साथ में थोड़ा खस की घास भी मिक्स करवा लें. गज़ब की खुशबू और ठंडक मिलेगी आपको.

– गुच्छों में उगने वाले इस पौधे की ऊंचाई 5-6 फीट तक हो सकती है. इसके पौधे देखने में सरकंडे या सरपत के पौधे जैसे लगते हैं.

– खस की जड़ों (Khus roots) से तेल निकाला जाता है. इस खुशबूदार तेल से खस अत्तर, Vetiver perfume, इत्र, सुगन्धित तेल, शर्बत, दवाइयाँ, साबुन और कॉस्मेटिक्स बनाये जाते हैं. खस का अत्तर अरब व अन्य देशों में बहुत पसंद किया जाता है. यह तेल कई देशों में निर्यात भी किया जाता है.

Vetiver Grass in hindi

खस का पौधा (Khus grass) पानी वाली जगह जैसे झील, तालाब, नदी आदि के किनारे अपने आप उग आता है. उत्तर भारत के राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार व दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक आदि राज्यों में खस की खेती की जाती है.

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– खस (Vetiver) का प्रयोग गर्मियों में चलने वाले कूलर फैन में महकने वाली घास के रूप में किया जाता है. लकड़ी की छीलन के बीच में इसे लगाने से कूलर से बढ़िया भीनी भीनी तरावट वाली खुशबू आती है.

– खस की ऊपरी घास काटकर नीचे की घास से खस के पर्दे बनाये जाते हैं, जिसे खस की टट्टी कहा जाता था. पहले लोग गर्मियों में घर की खिडकियों में खस के पर्दे लगाकर उन्हें पानी से भिगोये रखते थे, जिससे गर्मियों की लू भी ठंडी, महकदार हवा में बदल जाती थी.

Khus ke parde

खस के फायदे – Vetiver benefits in hindi :

– खस की तासीर ठंडी होती है. इस वजह से खस का प्रयोग गर्मियों में खस का शरबत बनाने में किया जाता है. यह शर्बत पीने से प्यास बुझती है, शरीर की जलन मिटती है, दिमाग और शरीर में तरावट आती है व गर्मियों के स्किन प्रॉब्लम भी ठीक होते हैं.

– इसके अलावा खस (Vetiver) का प्रयोग हार्ट रोग, उलटी, स्किन रोग, बुखार, धातुदोष, सिरदर्द, रक्त विकार, पेशाब की जलन, सांस के रोग, पित्त रोग, मांसपेशियों की ऐंठन, हार्मोनल समस्याओं में भी फायदेमंद है.

खस के तेल की मालिश करने से कमरदर्द, मोच में आराम मिलता है. खस के तेल का अरोमाथेरेपी में भी प्रयोग किया जाता है.

– खस की खुशबु से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, नर्वस सिस्टम शांत होता हैं और डर, असुरक्षा की भावनायें दूर  होती है. खस के तेल की महक स्ट्रेस दूर करने, नींद लाने में सहायक होती है.

खस के पौधे ( Vetiver plant )लगाने का सबसे बड़ा फायदा तो पर्यावरण को होता है. सदियों से जानकार भारतीय किसान खस के पौधे लगाकर भूमि के कटाव रोकने यानी मृदा संरक्षण (soil conservation), पानी साफ़ करने व जल संरक्षण (water conservation) करते आ रहे हैं.

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खस का उपयोग हमारे इतिहास की परम्परा रही है. आप भी खस के शरबत और तेल का उपयोग करके लाभ उठायें. क्या आप खस की खुशबु पहचानते हैं ? खस के बारे में अपने कोई भी अनुभव और सुझाव नीचे कमेंट करें.

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