काला नमक और सेंधा नमक अपने भोजन में अवश्य प्रयोग करें, जानिए क्यों ?

By | 03/11/2015

नमक हमारे खाने का मुख्य अंग है. बाज़ार में मुख्यतः दो प्रकार के नमक मिलते हैं, एक रिफ़ाइंड, आयोडीन सफ़ेद नमक जो ज्यादातर घरों में खाना बनाने में प्रयोग होता है और दूसरा क्रिस्टल और पाउडर रूप में सेंधा और काला नमक. आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा शास्त्र के अनुसार सफ़ेद नमक में सोडियम और अन्य केमिकल अत्यधिक मात्रा में होता है जोकि स्वास्थ्य के लिए अच्छा नही है. इस लेख में सेंधा नमक और काले नमक के गुणों के बारे में बताया गया है साथ ही यह भी कि हम किस प्रकार इन नमक को अपने भोजन में प्रयोग कर सकते हैं :-

सेंधा नमक [Sendha Namak] :

यह नमक खाने के लिए सबसे अच्छा नमक माना गया है. यह हल्का सफ़ेद-गुलाबी सा नमक क्रिस्टल और पाउडर रूप में बाज़ार में मिलता है जो ज्यादातर व्रत के दौरान खाने में प्रयोग किया जाता है. यह शुद्ध नमक होने की वजह से व्रत में प्रयोग होता है. यह सूखी हुई नमक के झील की खानों से निकाला जाता है. समुद्री नमक की तरह इसमें विषैले तत्व नहीं पाए जाते हैं. इस नमक में सोडियम सामान्य नमक से कुछ कम मात्रा में होता है.

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फोटो स्रोत : Ayurtimes

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सेंधा नमक में कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैगनिशियम, कॉपर जैसे लगभग 94 तरह के खनिज तत्व पाए जाते है जबकि साधारण नमक में 3 तरह के खनिज होते है. सफ़ेद और रंगहीन प्रकार का सेंधा नमक सबसे अच्छा माना गया है. सामान्यतः प्रयुक्त हल्का गुलाबी रंग वाला सेंधा नमक हिमालयन नमक कहा जाता है, यह नमक भी अच्छा होता है.

यह आयुर्वेद में त्रिदोषों के वजह से उपजे रोग के उपचार में प्रयोग होता है. यह नमक ह्रदय के लिए अच्छा होता है. ऑस्टियोपोरोसिस और डायबिटीज से बचाता है. डिप्रेशन, स्ट्रेस कण्ट्रोल करता है. मांसपेशियों के खिचाव और जकड़न से राहत देता है. ब्लड प्रेशर सामान्य रखता है, रक्त वाहिकाओं को लचीली बनाए रखता है. सेंधा नमक एसिड-एल्कलाईन को बैलेंस करता है  अतः पाचन में सहायता करता है.

यह नमक कई तरह के त्वचा रोगों से मुक्ति दिलाता  है. सेंधा नमक हाथ-पैर सुन्न होने की समस्या का भी निदानं करता है.जिन्हें आर्थराइटिस की समस्या हो, उन्हें साधारण नमक के बजाय सेंधा नमक ही प्रयोग करना चाहिए, इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी. जो लोग किडनी की बिमारियों से ग्रस्त है उनके लिए भी यह नमक फायदेमंद है. यह नमक हड्डियों और उनसे जुड़े तंतुओं को मजबूत बनाता है.

काला नमक :

यह नमक पाउडर रूप में गहरा गुलाबी रंग का और क्रिस्टल के रूप में काले-भूरे से रंग का होता है. इस नमक की उबले अंडे जैसी महक इसमें पाए जाने वाले सल्फर तत्व की वजह से होती है. यह नमक लौह तत्व से भरपूर होता है इसी वजह से इसका रंग काला सा होता है. आयुर्वेद के अनुसार यह ठंडी और रेचक प्रकृति का होता है. यह भारत और पाकिस्तान की प्राकृतिक नमक की खानों से निकाला जाता है.

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फोटो स्रोत: vknfsalt

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यह नमक आयुर्वेद में बहुतायत से कब्ज, पाचन समस्या, गैस, सीने की जलन, गोइटर, हिस्टीरिया, मंद दृष्टि, हाई ब्लड प्रेशर, रक्त की कमी और अन्य कई बिमारियों के इलाज में प्रयुक्त होता है. इस नमक में  भी सोडियम सामान्य नमक से कम मात्रा में पाया जाता है.

काले नमक का चटपटा स्वाद सबको पसंद आता है

काले नमक का चटपटा स्वाद सबको पसंद आता है

स्वाद में तेज, चटपटा और पाचक होने की वजह से यह नमक चाट मसाला, रायते, चटनी, सलाद, चाट, दही-बड़े और नमकीनो में काफी प्रयोग होता है.

सेंधा नमक या काला नमक प्रयोग कैसे करें :

-सेंधा नमक सबसे शुद्ध प्रकार का नमक है जोकि भारत में कम मात्रा में पाया जाता है जिसकी वजह से यह महंगा भी होता है. यह स्वाद में थोडा फीका होता है इसलिए ज्यादा डालना पड़ता है. चूंकि यह नमक किफायती नहीं है अतः एक तरीका यह है कि सेंधा नमक और सफ़ेद रिफ़ाइन्ड नमक को बराबर मात्रा में लेकर मिला लें और प्रयोग करें.

-एक चुटकी सेंधा या काला नमक, एक चम्मच अदरक के रस में मिलाकर लेने से भूख बढती है और पाचन तेज होता है, आप चाहे तो अदरक घिस कर काला नमक, निम्बू रस डाल कर खाने के साथ चटनी जैसे खा सकते हैं.

-काला नमक, निम्बू रस के साथ लेने से पेट के कीड़े मरते है और उलटी भी बंद होती है.

-मांशपेशियों की जकड़न में एक चम्मच सेंधा नमक एक गिलास पानी में डाल कर पियें, तुरंत लाभ होगा.

नोट : इस पोस्ट में दी गयी जानकारी किसी मेडिकल उपचार का विकल्प नहीं है. कृपया इन्हें उपयोग करने से पूर्व अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें.

 

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