लीवर के कार्य, लीवर की बीमारी से बचने के 5 उपाय | Lever ke karya, lever ki bimari se bachav

लीवर (Liver) का वज़न लगभग तीन पौंड (लगभग 1350 ग्राम) होता है और स्किन के बाद यह हमारे शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है. लीवर की बीमारी जैसे लीवर की सूजन आदि से बचने और लीवर को स्वस्थ रखने के लिए ये 5 उपाय अपनाएं.

लीवर के कार्य What lever do :

लीवर हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण भाग है और यह हमारे पाचन तंत्र से खून को फिल्टर करता है.

हमारे भोजन में उपस्थित या उसमें मिले तरह-तरह के तत्वों को तोड़ता है (इसे मेटाबोलिज्म Metabolism कहते हैं). यह हमारे द्वारा लिए जाने वाले एल्कोहल, दवाइयों तथा अन्य पदार्थों को अवशोषित करके उन्हें खून में मिलाता है.

लीवर का अन्य महत्वपूर्ण कार्य प्रोटीन का निर्माण करना है और यह पित्त (Bile) के साथ ही अन्य पाचक रस व एंजाइम्स बनाकर कुछ विशेष प्रकार के भोजन व फैट्स का ब्रेकडाउन करता है. लीवर की सेहत को बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता क्योंकि हमारा पूरा स्वास्थ्य इसपर निर्भर करता है.

 5 उपायों को अपनाएं और लीवर स्वस्थ रखें :

# चीनी और टोटल फैट्स कम लें Restrict Sugar and Total Fat Intake :- 

लीवर की सूजन से बचने के 5 उपाय

– यदि आप निर्धारित मात्रा से अधिक चीनी और फैट्स लेते हैं तो आपके लीवर पर इन्हें मेटाबोलाइज़ करने का दबाव बढ़ जाता है. अपने लीवर को सुरक्षित रखने के लिए यह ज़रूरी है कि आप असंतुलित आहार न लें और मोटापे का शिकार न बनें.

– यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो आपके लीवर में फैटी डिपॉज़िट्स (Fatty Liver) होने लगेंगे जो आगे जाकर असाध्य लीवर डैमेज (Irreversible Liver Damage) कर सकते हैं.

# शाकाहारी भोजन करें Eat a Plant based Diet :

– भोजन में अधिक से अधिक मात्रा में सब्जियां, फल व Whole grain लेने से लीवर को स्वस्थ रखने में सहायता मिलती है. यदि आप रेड मीट (Red meat) खाना पसंद करते हैं तो इसकी कम मात्रा ही कभी-कभार लें.

– लाइकोपीन (Lycopene) एक एंटीऑक्सीडेंट है. यह कैरोटीनोइड (Carotenoid) कई सब्जियों और फलों में पाया जाता है यही वह पदार्थ है जो टमाटर और तरबूज को उनका लाल रंग देता है. बेल पेपर्स, पपीता, और लाल अमरूद में भी यही पदार्थ होता है.

– लीवर को सुरक्षित रखनेवाला एक अन्य यौगिक कुरकुमिन (Curcumin) है जो कैंसर से भी बचाता है. यह अदरक और हल्दी प्रजाति में पाया जाता है और हल्दी को उसका पीला रंग यही प्रदान करता है. भारतीय भोजन में हल्दी का प्रयोग बहुतायत से किया जाता है और स्टडीज़ में यह पता चला है कि कुरकुमिन लीवर कैंसर के खतरे को दूर रखने में बहुत मददगार है.

Green Vegetables for Liver हरी सब्जियां

– रिस्वेराट्रोल (Resveratrol) अंगूर और मूंगफली में पाया जानेवाला यौगिक है. यह भी लीवर कैंसर को दूर रखने और लीवर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत उपयुक्त है. यह रेड वाइन (Red wine) में प्रचुरता से मिलता है लेकिन एल्कोहोल से लीवर डैमेज होता है इसलिए इसे अन्य स्रोतों से लेने में ही समझदारी है.

– कॉफ़ी को भी इसके एंटी-इन्फेलैमेटरी (Anti-inflammatory) और Antioxidant इफेक्ट्स के कारण लीवर को सुरक्षित रखने में सहायक माना जाता है लेकिन दिन भर में तीन कप से ज्यादा कॉफ़ी पीना ठीक नहीं होता.

– हमारे भोजन में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई (Vitamin E) का होना भी हमारे लीवर को व्यवस्थित रखता है. पालक, टोफू और मेवों में विटामिन ई अच्छी मात्रा में मिलता है और हमारे लीवर को स्वस्थ रखता है.

# एल्कोहोल कम लेना Limit Alcohol Consumption :

Alcohol liver damage एल्कोहल लीवर Cirrhosis

– रोजाना और अधिक मात्रा में लेने पर एलकोहोल या शराब लीवर की सेल्स को नष्ट करने लगती है. आगे जाकर इससे फैटी लीवर और रेयर कंडीशंस में सिरोसिस (Cirrhosis) या हेपेटाइटिस (Hepatitis) भी हो सकता है.

– लीवर को शराब के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए इसे कभी-कभार ही अपने डॉक्टर द्वारा सुझाई या सरकार द्वारा निर्धारित मात्रा में ही लें.

– सप्ताह में कम से कम तीन-चार दिन एल्कोहोल न लें ताकि लीवर को रिकवर करने का मौका मिले.

  # नियमित एक्सरसाइज़ करें Take plenty of exercise :

Exercise for Liver स्वस्थ लीवर एक्सरसाइज

– नियमित रूप से एक्सरसाइज़ करने का प्रभाव हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है और हमारा वज़न हमारी लंबाई के सही अनुपात में रहता है. अच्छा BMI (20-24.9kg/m2) मेंटेन करने से Fatty liver डेवलप होने का खतरा कम हो जाता है.

– Annals of Hepatology की रिपोर्ट के अनुसार सप्ताह भर में कम-से-कम 150 मिनट की एक्सरसाइज़ करने से लीवर द्वारा बनने वाले हानिकारक एंजाइमों का बनना कम हो जाता है.

 # दर्दनिवारक दवाओं का उपयोग कम करें Limit Pain killers : 

liver ki sujan se bchne ke tarike

– जब तक आपको दर्द की फीलिंग असहनीय न हो जाए तक तक किसी तरह के दर्दनिवारक के प्रयोग से बचें और केवल अपने डॉक्टर के कहने पर ही पेनकिलर्स लें. दवा लेने के पहले या बाद में एल्कोहोल लेने के परिणाम खतरनाक हो सकते हैं.

– दर्दनिवारक दवाएं लेते समय निर्धारित डोज़ तथा समयसीमा का उल्लंघन कभी न करें. एक दवा का असर सही तरीके से न होने पर दूसरी दवा या दूसरा डोज़ डॉक्टर से पूछे बिना न लें.

आपके संपूर्ण स्वास्थ्य का पूरा दारोमदार आपके लीवर (Liver) पर टिका रहता है. सही खानपान और Healthy Lifestyle को अपनाकर इसे सुरक्षित रखे और यह आपको Safe रखेगा.

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