कपूर क्या होता है – कपूर के फायदे, कपूर के नुक्सान

कपूर क्या होता है – कपूर के फायदे, कपूर के नुक्सान

कपूर कैसे बनता है ? कपूर के फायदे, प्रयोग, देसी और कृत्रिम कपूर 

मुख्यतः कपूर हमारे घर और मंदिर में भगवान् की आरती में प्रयोग होता है, इसके अतिरिक्त कपूर आयुर्वेदिक दवाओ, तेलों, सुगंध ,कीड़े-मकोडो को दूर रखने में भी प्रयोग किया जाता है. कपूर दो प्रकार के होते है एक प्राकृतिक जो कि कपूर के पेड़ से मिलता है और दूसरा कृत्रिम केमिकल कपूर जोकि सामान्यतः बाज़ार में मिलता है.

प्राकृतिक कपूर देसी कपूर, भीमसेनी कपूर, जापानी कपूर के नाम से जाना जाता है. भीमसेनी कपूर की यह खासियत होती है कि पानी में डालने पर यह नीचे बैठ जाता है. यह कपूर वृक्ष के पत्ती, छाल और लकड़ी से आसवन विधि द्वारा सफ़ेद रंग के क्रिस्टल के रूप में प्राप्त किया जाता है.

Camphor tree images
कपूर वृक्ष

कपूर के वृक्ष का वानस्पतिक नाम Cinnamomum camphora (सिनामोमम कैम्फोरा) है. यह सदाबहार वृक्ष मुख्यतः चीन में पाया जाता था जहाँ से यह ताइवान, जापान, कोरिया, वियतनाम और दुनिया के बाकी देशों में पहुंचा. इस वृक्ष पर चमकदार, चिकने पत्ते पाए जाते हैं जिनको मसलने पर कपूर की खुशबु आती है. वसंत मौसम में इस वृक्ष पर सफ़ेद रंग के छोटे-छोटे फूल गुच्छों में लगते है.

Prakritik Kapoor
प्राकृतिक कपूर

– आयुर्वेद के अनुसार कपूर कफ-दोष नाशक और कोलेस्ट्रोल लेवल को कम करने मददगार होती हैआयुर्वेद के अनुसार प्राकृतिक कपूर डला तेल बालों के लिए अच्छा माना गया है बाल मजबूत और घने होते हैं. चने के बराबर कपूर केले के बीच में रखकर खाने से बवासीर रोग में लाभ होता है.

– कपूर युक्त तेल सीने पर मालिश करने बंद नाक और कफ और जकड़न से रहत दिलाता है . यह तेल आर्थराइटिस और मांसपेशियों के दर्द में मालिश करने से राहत देता है. इसके अतिरिक्त मुख की दुर्गन्ध दूर करने, दांत-दर्द में, पेट के कृमि का नाश करने में लाभदायक है.

Camphor medicine
दवाइयां जिनमे कपूर प्रयोग होता है

कपूर के नुकसान :

– छोटे बच्चों को कपूर से दूर रखें, ये उनके लिए जानलेवा हो सकता है. कपूर के ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा की समस्याएँ जैसे Eczema (एक्जिमा), रैशेज, होंठों का सूखापन हो सकता है. इसके अतिरिक्त नर्वस सिस्टम, पाचन तंत्र , किडनी, सांस लेने सम्बन्धी समस्याएँ हो सकती हैं.

– गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को भी कपूर के इस्तेमाल से दूर ही रहना चाहिए. कपूर का अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है अतः इसका प्रयोग किसी अनुभवी डॉक्टर, आयुर्वेदाचार्य के निर्देश में ही करें.

भारत में कपूर देहरादून ,मैसूर ,सहारनपुर , नीलगिरी में पैदा होता है, भारत में कपूर केवल पत्तियों के आसवन से ही प्राप्त किया जाता है. दक्षिण भारत के कुछ भोज्य पदार्थों में कपूर का उपयोग किया जाता है .

Kapoor ka ped
कपूर का फूल और पत्ती

कृत्रिम कपूर तारपीन के तेल को बहुत सी केमिकल प्रक्रियाएं करने के बाद प्राप्त होता है. इसका रासायनिक फार्मूला है C10H16O. यह पानी में अघुलनशील और अल्कोहल में घुलनशील  होता है. यह कपूर बहुत से कारखानों में प्रयोग किया जाता है, यह पालीविनायल क्लोराइड, सेलूलोस नाइट्रेट, पेंट, धुवां-रहित बारूद और कुछ खास प्रकार के प्लास्टिक, कफ-सीरप आदि के उत्पादन में प्रयोग किया जाता है .

यह भी पढ़िए :

खस क्या होता है, खस के फायदे | Vetiver benefits, Khas ke fayde

सब्जा के बीज के फायदे, सब्जा का सेवन कैसे करें | Sabja seeds benefits

रूह अफ़ज़ा पीने के फायदे, रूह अफज़ा ड्रिंक की खोज किसने की थी ? | Rooh afza benefits in hindi

करी पत्ता के फायदे जानिए, करी पत्ता से विभिन्न रोगोपचार की जानकारी

बांस के औषधीय गुण, बांस से बने भोज्य पदार्थ के फायदे जानिए

कोल्ड प्रेस्ड ऑयल के 8 फायदे जानकर आप भी इन्हें प्रयोग करेंगे

Comments are closed.