इन 9 बातों का ध्यान रखेंगे तो आपकी हर सुबह तरोताज़ा होगी

By | 26/10/2015

एक कहावत है, सुबह सुबह न जाने किसका मुह देख लिया पूरा दिन ख़राब चल रहा है. अगर आपने भी यह वाक्य कभी दोहराया होतो याद करिए, कभी ऐसा भी हुआ होगा कि सुबह सुबह आपने खुद का चेहरा ही आईने में देखा होगा. आपका दिन आपके हाथ में है. सुबह अच्छी होगी तो दिन भी अच्छा गुजरेगा.

हम बतायेंगे ऐसे 9 उपाय  जो आपकी हर सुबह को तरोताजा बनायेंगे :

Subah tarotaza kaise rahe

सोने का स्थान : अच्छी सुबह के लिए सबसे जरुरी चीज़ ये है कि, आप की रात की नींद अच्छी हो. अच्छी नींद के लिए आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए. सोने का कमरा साफ़, हवादार होना चाहिए. चूंकि साफ और ताज़ी हवा में सांस लेने से शरीर हल्का महसूस होता है, इससे नींद भी अच्छी आती है और शरीर सही प्रकार से थकान दूर कर पाता है, पाचन भी सुचारू रूप से होता है.

अगर संभव होतो बिस्तर पर हलके रंग की (सफ़ेद रंग हो तो सर्वोत्तम) सूती चद्दर बिछाएं. यह प्रयोग बहुत ही सुकून देता है, मन-मस्तिष्क को आराम पहुंचाता है. तकिये पर थोडा सा कोई अच्छा, हलकी खुशबु वाला इत्र जैसे गुलाब, लेवेंडर आदि का छिड़क दें. अगर आप अलार्म लगाते है तो इस बात का ध्यान रखे कि अलार्म की आवाज़ बहुत तेज, कर्कश न हो

ऐसे लोग जब सुबह गहरी नींद सो रहे होते है और अचानक से अलार्म चीखना शुरु करता है, जिससे वो एकदम चौंक कर उठते हैं. उनका दिल इतना तेजी से धडकता है जैसे हार्ट-अटैक आ गया हो. ऐसा करने से आप सुबह सुबह ही चिडचिडा उठते हैं. संभव हो तो खिड़की के पास सोये या जहाँ से सुबह का प्राकृतिक प्रकाश आये.

ये सुबह उठने का बेहतरीन तरीका है. अगर आपको अलार्म लगाना ही है तो ऐसी रिंगटोन लगाइए जो कि धीमे से तेज होती हुई हो या कोई मधुर गाना,  प्राकृतिक आवाज़ जैसे चिडियों की चहचहाहट या कोई भजन आदि भी लगा सकते हैं. कमरे में समुचित अँधेरा हो जिससे कि दिमाग सोने की मानसिक स्थिति में आ सके. कमरा बहुत ठंडा या गर्म न हो.

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रात का खाना : इस बात का सदैव ख्याल रखें कि रात का खाना हल्का हो. खाना जल्दी खा लिया जाये जिससे कि खाने और सोने के बीच 2-3 घंटे का फासला हो. खाने बहुत ज्यादा तला-भुना न हो. सोने के पहले हल्का गर्म दूध पीना अच्छी नींद लाने में बढ़िया सहायक माना गया है.

ज्यादा तला भुना या ओवरईटिंग से खाना ठीक से पच नहीं पाता और सुबह उठने पर भारीपन, गैस महसूस होती है. खाना खा कर हलकी चहलकदमी करनी चाहिए.

सौंफ जैसे प्राकृतिक माउथफ्रेशनर चबाना भी बढ़िया उपाय है. ऐसा करने से भोजन आसानी से पच जाता है. रात का खाना 7-8 या अधिकतम 9 बजे तक कर लेना चाहिए जिससे कि खाना पचने के लिए पर्याप्त समय मिल सके. एक अच्छी सुबह के लिए रात के खाने से सम्बंधित इन बातों का ख्याल रखना अत्यंत आवश्यक नियम है.

सक्रिय दिनचर्या रखें : हमें नींद की आवश्यकता इसलिए होती है क्योकि हम दिन भर के मानसिक-शारीरिक तनाव से मुक्ति चाहते है, पर अगर आप दिन भर कोई शारीरिक गतिविधि नहीं करेंगे तो पाचन तंत्र सही काम नहीं करेगा फलस्वरूप नींद अच्छी नहीं आएगी. सोते समय कोई किताब पढना एक अच्छी आदत है पर समय का ख्याल भी रखना चाहिए. सस्पेंस, जासूसी या सस्ते साहित्य पढने से आपको ख्याल भी वैसे आयेंगे और सपने भी.

चाय-काफी, कोल्ड ड्रिंक का कम उपयोग : दिन में चाय-काफी कम पिए. ज्यादा पीने से गैस व एसिडिटी होती है और पेट भरा भरा सा लगता है और भूख भी नहीं लगती. सोते समय या रात में भूल के भी इन्हें न पिए. इन्हें पीने से दिमाग सक्रिय हो जाता है और नींद तो आपसे दूर ही भागेगी. खाना खाते समय बीच में और बाद में अगर पानी पीना हो तो हल्का गर्म पानी ही पिए. यह छोटा सा उपाय पाचन प्रक्रिया को तेज करता है और आपको बड़ा हल्का महसूस होगा.

सोते समय ध्यान दें :  ऐसा सबके साथ होता है कि सोते समय दिमाग में दिन भर की घटनाओ की फिल्म चलनी शुरू हो जाती है और साथ ही उसकी समीक्षा भी. दिमाग को रोकना तो मुश्किल है पर कंट्रोल करना भी अपने हाथ में है.

जो बीत गया वो बस आपके दिमाग में है. इसके बजाय आने वाले दिन की कुछ प्लानिंग कर लें. भगवान का स्मरण करें, अच्छे सकारात्मक, आशावादी विचारो को मन में लायें और गहरी सांस हुए तन-मन को विश्राम दें.

सोते समय सीधे लेटें या करवट लेकर. आयुर्वेद के अनुसार बायीं करवट लेटने से आपकी सूर्य नाडी स्वांस चलती है जिससे पाचन प्रक्रिया तेज होती है. पेट के बल लेटने से पाचन में बाधा आती है और फेफड़े पर्याप्त हवा भी शरीर को नहीं पहुंचा पाते फलतः सोकर उठने पर थकान सी महसूस होती है. पेट के बल सोने की आदत को बदलना चाहिए.

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नहाये जरुर : एक व्यस्त और थकाउ दिन के बाद शाम को नहाना तन मन को आराम पहुँचाने का  बड़ा अच्छा तरीका है. ऑफिस से आने के बाद थोडा आराम करके नहा धो कर तरोताजा हो जाएँ. खाना खाने के बाद नहाने से पाचन प्रक्रिया धीमी होती है, ऐसा न करें या फिर कुछ घंटो के अन्तराल के बाद नहायें.

सुबह उठने के बाद नहाने के फायदे तो सभी जानते ही हैं . कभी आप ऐसा प्रयोग करके देखे कि एकदम सुबह 5-6 बजे उठकर स्नान करके फ़्रेश हो जाएँ. आप पाएंगे कि जल्दी सुबह उठकर नहाना ज्यादा ताजगी भरा होता है.

उठने के बाद : सुबह उठने पर पानी पीकर किसी खुली जगह या छत पर ही थोड़ी देर घूमें. पेट आसानी से साफ़ होगा, ताज़ी हवा से सुस्ती भागेगी और ताजगी मिलेगी. उठते ही न्यूज़पेपर पढना आँखों के लिए अच्छा नहीं माना जाता है, साथ ही दुनिया भर के क्राईम, राजनीतिक, वैश्विक उथल-पुथल आदि की ख़बरें पढना नकारात्मक मूड ही देता है. थोडा रुक कर चाय नाश्ते के बाद पढ़ सकते है.

मार्निंग वाक या योग करें : सुबह जल्दी उठना ही पहाड़ लगता है उसपर घूमने कौन जाये. यह सवाल सालों से मार्निंग वाक करने वाले व्यक्ति के मन में भी कई बार सुबह-सुबह आता है.

सुबह घूमने जाना या नहा-धो कर योग करने का असली मज़ा इन्हें पूरा करने के बाद अता है. एक बार अगर आप कुछ दिनों तक नियमित रूप से इनका पालन करते है तो आप भी पाएंगे कि जो कोई इन बातों के गुण रटते रहते हैं वो झूठ नहीं बोलते.

मॉर्निंग वाक बहुत थकाऊ नहीं होना चाहिए. 1-2 किलोमीटर भी घूमना पर्याप्त है. सुबह की ताज़ी ठंडी हवा में सांस लेते हुए तेज क़दमों से चलना दिमाग को समुचित मात्रा में  ऑक्सीजन पहुंचा कर एकदम फ़्रेश कर देता है. तेज चलने से रक्त-संचार भी तेज होकर मनो-मस्तिष्क को दिन भर के कार्यकलाप के लिए सक्रिय कर देता है.

सुबह का नाश्ता : सुबह उठते ही 2-3 गिलास पानी पियें. हलके गर्म पानी में निम्बू रस और एक चम्मच शहद डाल कर पिए. यह उपाय मोटापा घटाता है और विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालता है. यह उपाय लगातार एक महीने से ज्यादा नहीं करना चाहिए. एक महीने के बाद कुछ दिनों के अन्तराल पर पुनः शुरू करना चाहिये.

सुबह चाय पीना पसंद होतो ग्रीन-टी पियें या बिना दूध की चाय में नींबू-रस डाल कर पियें. अगर भारतीय स्टाइल के चाय पीना पसंद होतो, अदरक डाल कर, हलकी मीठी, कम चायपत्ती वाली चाय पियें.

इसके अलावा बाज़ार में कुछ अच्छी हर्बल टी भी मिलती है, जैसे कि पतंजलि योगपीठ की हर्बल टी. ऐसी चाय में चायपत्ती के बजाय कुछ स्वास्थ्यप्रद जड़ी-बूटियां होती है. इस प्रकार के चाय की महक और स्वाद बड़ा ही अलग पर लाजवाब होता है. ठंडियो में सुबह मसाला चाय पीना ठंडी भगाने और सुस्ती दूर करने का अचूक तरीका है.

सुबह के नाश्ते में दलिया, अंकुरित चना-मूंग, फल के जूस, कटे फल, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, सूखे मेवे, दही, बनाना शेक या अन्य कोई भी शेक जिसमे मीठे के लिए शहद प्रयोग किया जाये, निम्बू पानी लेना बहुत ही अच्छे विकल्प है. ऐसा नाश्ता आपको शक्ति के साथ सही पोषण और सक्रिय मन-स्थिति भी प्रदान करता है.

10 thoughts on “इन 9 बातों का ध्यान रखेंगे तो आपकी हर सुबह तरोताज़ा होगी

  1. Amul Sharma

    बहुत अच्छा लेख है ! अगर सच में हम इन 9 बातों का ध्यान रखेंगे तो सुबह बहुत ही सुहानी होगी। आपका धन्यबाद !

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  2. healthnuskhe.com

    आपके द्वारा प्रकाशित यह लेख काफी बढ़िया और सकारात्मक है धन्यवाद अरविन्द !!

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