नमक के फायदे और नुकसान, अजीनोमोटो के नुकसान | Salt ke nuksan, Ajinomoto ke nuksan

ज्यादा नमक से नुकसान :

बहुत से लोग हर चीज में नमक ज्यादा खाने के इतने आदी हो जाते हैं कि खाते समय उनका ध्यान इस बात की ओर जाता ही नहीं है कि वे शरीर के लिए तय मात्रा से अधिक नमक ले रहे हैं. इसका परिणाम नुकसानदेह हो सकता है.

नमक हमारे भोजन का बहुत ज़रूरी अवयव है और यह अनेक प्रकार के भोजनों के स्वाद जैसे कड़वापन, खट्टापन और यहां तक कि मीठे स्वाद को भी बैलेंस करने का काम करता है. बाजार में मिलनेवाले बहुत से मसालों, स्नैक्स, बटर स्प्रैड, और चीज़ वगैरह में पहले से ही नमक मिला हुआ होता है.

ज्यादा नमक खाने से बीमारी

नमक के फायदे – Namak ke fayde : 

नमक या सोडियम क्लोराइड (Sodium chloride) एक रासायनिक मिनरल है जो हमारे शरीर के फंक्शन्स को सही तरीके से चलाने के लिए बहुत ज़रूरी है. हमारे शरीर का फ्लुइड बैलेंस, मस्कुलर फंक्शंस, और तंत्रिकाओं के बीच होनेवाली इलेक्ट्रिकल गतिविधि को सही तरीके से काम करते रहने के लिए शरीर में सोडियम के लेवल का नियंत्रण में होना आवश्यक है.

नमक हमारे शरीर में सभी प्रकार के फ्लुइड्स के बैलेंस को बनाए रखता है लेकिन अधिक व अनियंत्रित मात्रा में नमक लेने से ये लेवल गड़बड़ाने लगते हैं. मेडिकल साइंस के अनुसार सोडियम के साथ ही पोटेशियम, मैग्नीशियम, और कैल्शियम वे तत्व हैं जो शरीर में होनेवाली इलेक्ट्रिकल एक्टीविटी को बनाए रखते हैं और कॉमन रूप मे इन सभी को नमक या सॉल्ट ही कहा जाता है.

अधिक नमक खाने से क्या होता है :

हमारे शरीर की मांसपेशियां सोडियम के साथ ही सही मात्रा में पोटेशियम और मैग्नीशियम लेने से रिलेक्स रहती हैं, लेकिन सोडियम अधिक मात्रा में लेने पर बाकी तत्वों का अनुपात बिगड़ जाता है. इससे शरीर में कई तरह की गड़बड़ियां हो सकती हैं. सोडियम की खुराक को दूसरे तत्वों विशेषकर मैग्नीशियम के द्वारा बैलेंस किया जाना बहुत ज़रूरी है.

– अनिद्रा (insomnia) या आधासीसी (migraines) का शिकार होने पर इसकी जांच करनी चाहिए कि भोजन में सोडियम की तुलना में पर्याप्त मात्रा में मैग्नीशियम है या नहीं. मैग्नीशियम के सप्लीमेंट्स लेने से हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों और भोजन में अधिक नमक लेनेवाले व्यक्तियों को लाभ होता है.

– खाना खाते समय टेबल सॉल्ट के रूप में ऊपर से नमक बुरकना या थाली में अलग से नमक परोसना अच्छी बात नहीं है. इसकी तुलना में काला नमक या सेंधा नमक का प्रयोग करना अधिक लाभप्रद है क्योंकि उसमें मैग्नीशियम के अलावा अन्य अच्छे मिनरल्स भी मौजूद होते हैं.

शरीर में सोडियम का लेवल बढ़ने पर यह या तो खून में बना रहता है या किडनी अपनी क्षमता से अधिक काम करके इसे शरीर से बाहर निकाल देती हैं. ये दोनों ही स्थितियां खतरनाक हैं. बहुत से लोगों को यह लगता है कि वे दुबले होने के कारण स्वस्थ हैं और उन्हें या उनकी किडनियों को कभी कोई हानि नहीं पहुंच सकती जबकि अधिक नमक का प्रयोग सभी को नुकसान पहुंचाता है.

ज्यादा नमक खाने से परहेज करें

अतिरिक्त नमक के उपयोग से शरीर में निर्जलीकरण (dehydration) होने की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि ऐसी दशा में सोडियम के लेवल्स को कंट्रोल करनेवाले कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम की मात्रा कम हो जाती है.

– नमक की अधिक मात्रा वाला भोजन लंबे समय तक लेते रहने से दिल की धड़कनें बढ़ने लगती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.

– इससे दिल का दौरा या पैरालीसिस भी हो सकता है. इन बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को डॉक्टर की देखरेख में अपनी दवाइयां समय पर लेने के साथ ही अपने खानपान में नमक की मात्रा को कम करने की हरसंभव कोशिश करना चाहिए.

हाल ही में हुई कुछ रिसर्च ये भी बताती हैं कि ऐसी स्थिति में कॉपर, मैंगनीज़, और ज़िंक जैसे तत्वों का शरीर में हो रहा जमाव खतरनाक लेवल्स तक पहुंच जाता है और टॉक्सिक हो जाता है. बहुत से भोजन पदार्थों में नमक नेचुरली मौजूद होता है. हमें नमक उपलब्ध करानेवाले सही व गलत सोर्स की जानकारी लिस्ट में दी जा रही हैः

सोडियम के स्रोत – Sodium sources in hindi :

सोडियम के अच्छे स्रोत (Healthy Sodium sources) :

  • सब्जियां और फल
  • चिकन
  • मछली
  • बीफ़
  • अंडा

यदि आप शाकाहारी हैं तो पर्याप्त मात्रा में फल और सब्जियां खाकर सोडियम की कमी के कारण होनेवाली बीमारियों और गड़बड़ियों को कंट्रोल कर सकते हैं.

सोडियम के बुरे स्रोत (Unhealthy Sodium source) ;

  • खाने की रेलिशिंग/गार्निशिंग
  • डिब्बाबंद सूप
  • पैकेज्ड मीट
  • प्रोसेस्ड चीज़/डेली मीट्स
  • चिप्स
  • समोसे/पकौड़े
  • फ्रेंच फ्राइस
  • सोडा ड्रिंक्स
  • रोडसाइड फूड

इनके अलावा शरीर को अतिरिक्त नमक उपलब्ध करानेवाले और भी हानिकारक सोर्स हैं.

अजीनोमोटो क्या है, अजीनोमोटो के नुकसान – What is Ajinomoto in hindi, Ajinomoto ke nuksan :

अजीनोमोटो भोजन को एक विशेष चटखारेदार स्वाद देनेवाला सोडियम सॉल्ट है. अधिकांश डॉक्टर व न्यूट्रीशन एक्सपर्ट्स यह मानते हैं कि अजीनोमोटो या MSG (Mono Sodium Glutamate) का सेवन करना शरीर के लिए उचित नहीं है.

– इसके उपयोग से माइग्रेन, शरीर में सूजन व दर्द, अस्थमा, थकान, मतली और डिप्रेशन भी हो सकता है. प्रयोगशाला में यह देखा गया है कि MSG के प्रयोग से जंतुओं के ब्रेन सेल्स भी नष्ट हो गए.

– MSG के किसी भी रूप में इस्तेमाल से लर्निंग डिसेबिलिटीज़, एंडोक्राइन (ग्रंथि संबंधित) डिसॉर्डर, ओबेसिटी (मोटापा), एल्ज़ीमर्स डिसीज़, एंज़ाइटी, पैरालीसिस, और मिर्गी के दौरे की शिकायतें देखने में आई हैं. यह सही है कि मनुष्यों में MSG के दुष्प्रभावों को लेकर कोई साइंटिफिक स्टडी अभी नहीं हुई है लेकिन प्रयोगशाला में जंतुओं पर इसके गंभीर परिणाम देखे जा चुके हैं.

– यही कारण है कि कम उम्र के बच्चों को MSG युक्त भोजन व स्नैक्स देना ठीक नहीं समझा जाता है और नूडल्स व सूप आदि के पैक पर चेतावनी लिखी होती है.

इस प्रकार अब आप यह जान गए हैं कि खानपान में नमक (Salt) के साथ ही अजीनोमोटो (Ajinomoto) या MSG का ज्यादा प्रयोग आपको अनेक स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का शिकार बना सकता है, इसलिए जहां तक संभव हो सादा व हल्का भोजन ही संतुलित मात्रा में लें. नमक ज्यादा न खाएं तथा MSG युक्त  भोजन से दूर ही रहें. Source

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