स्नेक प्लांट का पौधा कैसे लगायें और फायदे | Snake Plant in hindi

स्नेक प्लांट का पौधा घर, ऑफिस में लगाने के लिए बेस्ट इनडोर पौधा है। आइए जानते हैं कि स्नेक प्लांट कैसे लगाये और स्नेक प्लांट के फायदे की जानकारी। नासा के अनुसार स्नेक प्लांट घर के अंदर की हवा से नुकसानदायक तत्वों जैसे CO2, Benzene, Formaldehyde, Xylene, Toluene को सोखकर हवा साफ करने वाला पौधा है।

यह पौधा तो रात में भी कार्बन डाइआक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन बनाता रहता है इसलिए स्नेक प्लांट को ड्रॉइंग रूम, बेडरूम, लॉबी, लिविंग रूम आदि में अवश्य रखें और इसके फायदे पायें।

स्नेक प्लांट लगाना आसान है और देखभाल (Care) भी बहुत कम लगती है। स्नेक प्लांट के अन्य नाम Mother-in-law tongue plant, Saint George’s sword, Viper’s bowstring hemp भी हैं। इस पौधा का बोटैनिकल नाम Dracaena trifasciata है।

स्नेक प्लांट की किस्में/प्रजातियाँ – Types of Snake plant in hindi

स्नेक प्लांट की 70 से ज्यादा किस्में हैं और वे देखने में अलग-अलग हैं। सबसे ज्यादा देखे जाने वाली 4 प्रजातियाँ हैं –

1) Black Gold – यह स्नेक प्लांट की एक लंबी किस्म है जिसकी लंबी पत्तियां बीच में गाढ़े हरे रंग की होती हैं और किनारे पीले रंग के होते हैं। ऐसी ही दिखने वाली इसकी कम ऊंचाई वाली किस्म को Black jack कहते हैं।

2) Black Robusta – इस लंबी किस्म की पत्तियां गाढ़े हरे रंग की होती हैं और बीच-बीच में हल्के हरे रंग के लाइंस बने होते हैं। इसी की छोटी प्रजाति को Futura Robusta कहते हैं जिसकी ऊंचाई 6-8 इंच से ज्यादा नहीं होती। इसकी छोटी-छोटी पत्तियां गोलाई में फैली होती है।

Types of Snake Plant in hindi
 स्नेक प्लांट की प्रजातियाँ : source 

3) Golden Hahnii या Birds nest – यह एक छोटी वैराइटी है जिसके बीच में हल्के हरे रंग की पट्टी होती है और चौड़े किनारे पीले रंग के होते हैं।

4) Cylindrica – इस किस्म की पत्तियां चपटी न होकर मोटी, गोल, बांस के अंकुरों जैसी शंक्वाकार (Conical) होती हैं।

स्नेक प्लांट का पौधा लगाने का तरीका – Snake plant in hindi

यह एक Low-maintenance पौधा है यानि इसे कम धूप, कम पानी, कम केयर की जरुरत लगती है। इसमें नियमित खाद डालने की आवश्यकता भी नहीं होती लेकिन अगर आप थोड़ा सा खाद डालेंगे तो अच्छी बढ़त दिखेगी।

स्नेक प्लांट को मिट्टी, चीनी मिट्टी (Ceramic) जैसे मजबूत गमले में लगायें क्योंकि इसकी जड़ें मजबूत होती हैं। प्लास्टिक के कमजोर गमले को स्नेक प्लांट की जड़ें बढ़ने पर तोड़ सकती हैं या गमले का शेप खराब कर सकती हैं।

मिट्टी और खाद – स्नेक प्लांट गमले में लगाने के लिए साधारण मिट्टी काफी है, बस गमले में फालतू पानी निकलने के लिए नीचे छेद बना हो। गमले की तली में सबसे नीचे छोटे-छोटे पत्थर बिछा दें फिर मिट्टी भरें। अगर आप चाहते हैं कि आपका स्नेक प्लांट अच्छे से बढ़े तो आपको गमले में आधा मिट्टी + आधा मोटी पथरीली बालू और थोड़ा गोबर या जैविक खाद मिक्स डालना चाहिए। मोटी पथरीली बालू डालने से पौधे में पानी रुकने की संभावना कम हो जाती है। गमले में पानी रुकने से किसी भी पौधे की जड़ खराब होती है और रोग लगते हैं। ऊपर से खाद के लिए 10-10-10 NPK खाद गर्मी के मौसम में डाल सकते हैं।

स्नेक प्लांट की पत्ती से नया पौधा बनाना – Snake plant propagation in hindi

किसी बड़े पौधे से एक पत्ती लगभग बीच से काट लीजिए। यह कटिंग लगभग 4-6 इंच लंबी हो। इसके कटे सिरे को रूटिंग हार्मोन या शहद में डुबाकर किसी छोटे गमले में लगा दें और हल्का पानी दें। अगले 1-2 हफ्तों में इससे कटिंग से नई पत्तियां निकलने लगेंगी तब इसे किसी बड़े गमले में शिफ्ट करें। थोड़ा सा पानी 3-4 दिन में दें। धूप सीधी न लगे या छाँव में भी रख सकते हैं।

स्नेक प्लांट की कटिंग को पानी में लगायें –

Snake plant kaise lagaye
स्नेक प्लांट की पानी से तैयार कटिंग

स्नेक प्लांट की ऐसी पत्ती से कटिंग निकालें जो बड़ी हो लेकिन बहुत पुरानी न हो। पौधे से 6-7 इंच लंबी कटिंग लेकर किसी ग्लास या ऐसे बर्तन में रखें कि पत्ती सीधी रहे। ग्लास में इतना पानी डालें कि पत्ती का कटा हुआ सिरा करीब 2-3 इंच डूबा रहे। आप इसे तीलियों की मदद से ऐसे सेट कर सकते हैं कि ये ग्लास में सीधा खड़ा रहे। हर 2-3 दिन में बर्तन का पानी बदलते रहें। 2-3 हफ्ते में पत्ती के सिरे से सफेद जड़ की निकलने लगेंगी। जब ये जड़े कम से कम 3-4 इंच बढ़ जायें तो इसे किसी गमले में शिफ्ट कर सकते हैं।

स्नेक प्लांट की जड़ से नया पौधा लगाए –

यह नया पौधा तैयार करने का सबसे आसान तरीका है। स्नेक प्लांट के पुराने पौधे की जड़ों से कई नए-नए पौधे निकलने लगते हैं। ऐसी फैली हुई जड़ों को Rhizome कहते हैं जो देखने में अदरक जैसी होती हैं। किसी बड़े पौधे को जड़ सहित निकालेंगे तो ऐसी जड़ें मिलेंगी। कम से कम 1 या 2 पत्ती वाली किसी अच्छी जड़ को चाकू से काट कर अलग कर लें। अब इसे किसी नए गमले में लगा दें। अगर पौधे में बहुत ज्यादा जड़ें नहीं हैं तो मुख्य जड़ को 2 भागों में काट कर ऐसे 2 हिस्से कर लें जिसमें 3-4 या अधिक पत्तियों का समूह हो।

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स्नेक प्लांट की देखभाल की जानकारी – Snake plant care in hindi 

धूप – यह पौधा बिना धूप के भी चल जाता है। अगर आप इसे बाहर रखते हैं तो भी सीधी धूप की जरूरत नहीं है। इसे ऐसी जगह रखें जहां कुछ घंटे की धूप मिल जायें। इसे Indirect sunlight ही पसंद हैं। आप स्नेक प्लांट को घर के बाथरूम, बंद कमरे में भी रख सकते हैं। आर्टीशियल लाइट जैसे बल्ब, एल ई डी की रोशनी भी इनके लिए पर्याप्त है।

पानी – इस पौधे को बहुत पानी की जरूरत नहीं होती। जब पौधे की मिट्टी दिखने में एकदम सूखी लगे और उंगली से दबाकर छूने में भी नमी न लगे, तभी स्नेक प्लांट में पानी डालना चाहिए। गर्मी के मौसम में हफ्ते में 1 बार और सर्दियों में 2 हफ्ते में 1 बार पानी डालें।

रोग और कीट – अगर जड़ों में पानी रुकेगा या ज्यादा नमी बनी रहेगी तो ही फंगल इन्फेक्शन या रोग होंगे। फालतू पानी न दें और पानी न रुके। अगर किसी पत्ती में ज्यादा रोग लग गया हो तो उसे तोड़कर फेंक दें। अगर रोग पूरे पौधे में फैल रहा है तो सिरके या अल्कोहॉल को रुई, कपड़े में लगाकर पत्तियों को पोंछे।

स्नेक प्लांट कैसे लगाये से जुड़ा कोई सवाल पूंछने या कमेन्ट लिखने के लिए नीचे देखें। स्नेक प्लांट फायदे, केयर, लगाने की जानकारी (Snake Plant in hindi) अपने दोस्तों, परिचितों के साथ व्हाट्सप्प शेयर, फॉरवर्ड जरूर करें जिससे अन्य लोग भी इस फायदेमंद स्नेक प्लांट के बारे में जान सकें।

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sources :

https://en.wikipedia.org/wiki/NASA_Clean_Air_Study

https://www.healthline.com/health/benefits-of-snake-plant

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शब्दबीज संपादक पिछले 5 वर्षों से हिन्दी में विभिन्न विषयों पर अच्छे लेखों का प्रकाशन कर रही है। हमारा उद्देश्य है कि सही जानकारी, अनुसंधान और गुणवत्ता पूर्ण लेख से हमारे पाठकों का ज्ञानवर्धन हो।

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