पर्यावरण को संरक्षित करने वाली 4 अत्याधुनिक तकनीकें जो कमाल कर सकती हैं

By | 29/07/2016

आप जानते हैं कि विविध कारणों से हमारा पर्यावरण लगातार नष्ट होता जा रहा है लेकिन दुनिया में ऐसे बहुत से जुनूनी लोग हैं जो इसे पर्यावरण संरक्षण  के लिए जी-जान से प्रयास कर रहे हैं और उनका काम सतत व चुनौतीपूर्ण है. आज दुनिया में कुछ ऐसे होनहार इंजीनियर्स हैं जो वैकल्पिक ऊर्जा (Alternative energy) की नित नई व्यावहारिक योजनाएं सामने ला रहे हैं.

हम आपको ऐसी अत्याधुनिक ग्रीन टेक्नोलॉजी (Green technologies) के बारे में बताएंगे जो हमारी भावी पीढ़ियों के भविष्य को निरापद (Harmless) और सुखकर बनाने में सक्षम होंगीः-

1.कार्बन डाई-ऑक्साइड को साधना (Capturing Carbon Dioxide) –

Carbon dioxide gas conservation

हमारे पर्यावरण को बिगाड़ने में कार्बन डाई-ऑक्साइड के बढ़ते स्तर का सर्वाधिक योगदान है. कुछ इंजीनियर्स यह मानते हैं कि हम वातावरण में मौजूद Carbon Dioxide को कुछ विधियों से खींचकर या सोखकर उसे द्रव अवस्था में पृथ्वी की सतह के भीतर स्टोर करके रख सकते हैं या आगे कभी उपयोग में ले सकते हैं. इस दिशा में अनेक लोग प्रयास कर रहे हैं तथा तकनीकों को विकसित कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें   Astronauts अन्तरिक्ष में अक्सर हाथ बांधे (Folded Hands) हुए क्यों नज़र आते हैं ?

2. व्यर्थ हो जानेवाली ऊष्मा का उपयोग (Use of Wasted Heat) 

Wasted heat conservation

हाल ही में एक नई टैक्नोलॉजी सामने आई है जिसका संबंध विद्युत (Electricity) से है. गाड़ियों के एग्ज़ॉस्ट पाइप या एयर-कंडिशनर से निकलनेवाली ऊष्मा को कैद करके बिजली बनाने में उपयोग में लिया जा सकता है. इस काम में किस प्रकार की मिश्रधातुओं व सामग्री (Alloy material) का उपयोग किया जाना चाहिए इसे लेकर अभी बहुत सी बातें स्पष्ट नहीं हैं लेकिन इसपर काम किया जा रहा है.

3.पानी को नमकरहित बनाना (Desalinization of Water) 

Samudri pani ko namakrahit banana

दुनिया में ऐसी बहुत सी जगह हैं जहां पानी बहुत मूल्यवान है. बहुत से क्षेत्र पानी की कमी का संकट झेल रहे हैं. कई जगहों में पानी का खारापन दूर करने के लिए प्लांट लगाए गए हैं लेकिन उनका उपयोग बहुत खर्चीला है और केवल संपन्न देश ही उन्हें लगा सकते हैं. इन प्लांट्स की तकनीक सक्षम और सस्ती नहीं है.

इससे पहले कि धरती पर पानी को लेकर त्राहि-त्राहि होने लगे, हमें ऐसी तकनीक विकसित करनी होगी कि धरती में पानी की प्राकृतिक आपूर्ति में कमी न आने पाए. पानी के खारेपन को दूर करनेवाली तकनीकों पर बहुत अधिक काम किया जा रहा है. आप किसी भी क्षेत्र से संबंधित हों लेकिन इस दिशा में काम कर रहे लोगों की सहायता करके आप पृथ्वी के संरक्षण में अपना मूल्यवान योगदान दे सकते हैं.

ये भी पढ़ें   ऐसा हवाई जहाज जो बिना रुके उड़ता रहता है : Solar Impulse एक हकीकत है

4. महासागरों और सौर ऊर्जा का उपयोग (Use of Our Oceans and the Sun) –

महासागरीय ताप ऊर्जा रूपांतरण (Ocean Thermal Energy Conversion) एक नई ऊर्जा तकनीक है जिसमें समुद्र के पानी में व्याप्त ऊष्मा को बिजली में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है. ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि समुद्र में अनेक स्थानों पर पानी के तापमान में अंतर होता है. समुद्र की ऊपरी सतह गर्म और भीतरी सतहें ठंडी होती हैं.

Saur Urja for Home use

तापमान के इस अंतर से टरबाइनें चलाई जा सकती हैं जो जनरेटर्स की मदद से बिजली बनाती हैं. यह तकनीक अभी शैशवकाल में है और इसे अधिक सक्षम बनाने के प्रयास जारी हैं. ऊपर बताई गई कई तकनीकें भविष्य को निखारने की दिशा में पहले कदमों की भांति हैं. यदि हमारे पास पर्याप्त संख्या में कुशल वैज्ञानिक और इजीनियर्स हों तो हम Environment conservation से संबंधित विकराल समस्याओं के समाधान खोज सकते हैं.

ये भी पढ़ें   Cottoncandy या 'बुढिया के बाल' असल में क्या होता है ? जानिए कुछ रोचक तथ्य

जिस गति से आजकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बदलाव आ रहा है, सम्भवतः वह दिन दूर नहीं जब पर्यावरण संरक्षण सम्बन्धी इन समस्याओं का समाधान हमारे सामने होगा. आपको इन जैसी अन्य तकनीकों के बारे में विश्वविद्यालयों और इंटरनेट पर भरपूर सामग्री मिल सकती है.

Source

यह भी पढ़ें :

 

5 thoughts on “पर्यावरण को संरक्षित करने वाली 4 अत्याधुनिक तकनीकें जो कमाल कर सकती हैं

  1. Jyoti

    बेहतर जानकारी दी है आपने। इससे कुछ हद तक पर्यावरण संरक्षित हो सकेगा।

    Reply
  2. Jitendra Mathur

    अत्यंत उपयोगी आलेख । साधुवाद एवं अभिनंदन ।

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *