10 सफल लोगो की कहानी कमाल है Successful logo ki story in hindi

Successful logo ki story in hindi :

1) जेन कुम – व्हात्सप्प :

Jan Koum एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. टैलेंटेड होने के बावजूद उन्हें फेसबुक और ट्विटर के जॉब इंटरव्यू में निराशा हाथ लगी. 35 साल की उम्र में उन्होंने Whatsapp पर काम करना शुरू किया.

व्हाट्सप्प जबर्दस्त रूप से लोकप्रिय हुआ और इस सफलता ने जेन कुम को सफलता के आसमान पर पहुंचा दिया। 

फेसबुक ने Jan Koum से Whatsapp खरीदने के लिए 19 बिलियन डॉलर (करीब 1,42,144 करोड़) रुपये दिए हैं जिससे Jon Koum रातों रात एक मल्टी-बिलेनियर बन गए। 

Jon Koum Whatsapp story hindi

2) माइकल एरिंगटन – टेकक्रंच :

Michael Arrington स्टैन्फोर्ड लॉ स्कूल से शिक्षा प्राप्त एक वकील हैं, जिहोंने कॉर्पोरेट और सिक्योरिटीज लॉ के क्षेत्र में कुछ वर्षों तक काम किया. इसके बाद वो लगातार कई स्टार्टअप से जुड़े और कई बिज़नस भी किये पर कुछ खास सफलता नहीं मिली.

35 वर्ष की उम्र में माइकल ने TechCrunch नामक टेक ब्लॉग शुरू किया. टेक न्यूज़ और टेक्नोलॉजी जगत की खबरें देने वाला यह ब्लॉग दुनिया के टॉप वेबसाइटस में शुमार है.

Michael Arrington TechCrunch story hindi

टेकक्रंच ब्लॉग हर महीने दुनिया भर के करोड़ो लोग पढ़ते हैं और यह कई मिलियंस डॉलर में कमाई करता है. टेक जगत में मशहूर Michael Arrington दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक माने जाते हैं.

3) नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी – बॉलीवुड :

साइंस ग्रेजुएट नवाज़ुद्दीन ने अपने करियर की शुरुआत एक पेट्रोकेमिकल कंपनी में केमिस्ट के रूप में शुरू की. इसके बाद वो 22 साल की उम्र में दिल्ली आकर नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में एक्टिंग सीखने लगे.

कोर्स पूरा करने के बाद नवाज़ मुंबई आ गये और उनके कड़े संघर्ष के दिन शुरू हुए. सरफ़रोश, मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में छोटे-मोटे रोल और कई शार्टफिल्म में काम करके वर्षों तक उन्होंने अपना गुजारा किया.

यह सब 33 वर्ष की उम्र तक चलता रहा, जब उन्हें पहली बार अनुराग कश्यप ने ब्लैक फ्राइडे फिल्म में नोटिस किया. इसके बाद उन्हें कहानी, गैंग्स ऑफ़ वासेपुर, बजरंगी भाईजान जैसी फिल्मों में रोल मिले और उनके दिन बदलने लगे.

Nawazuddin siddiqui hindi story

नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी बताते हैं कि उन्होंने अपना खर्च निकलाने के लिए कुछ समय तक वाचमैन, कुक का कार्य भी किया था.

उनकी माँ की एक बात उनका धैर्य बनाये रखती थी. वो कहती थीं – घूरे के भी दिन बदलते हैं, तुम तो फिर भी इन्सान हो. मतलब एक जगह पड़ा हुआ कूड़ा भी हमेशा वहीँ नहीं रहता, सो तुम्हारा समय भी जरुर बदलेगा.

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4) जिमी वेल्स – विकिपीडिया :

जिमी वेल्स ने फाइनेंस में मास्टर्स शिक्षा प्राप्त की है और फिर वर्षों तक फाइनेंस के क्षेत्र में काम किया. साल 2001 में 35 वर्ष के Jimmy Wales ने Wikipedia वेबसाइट की शुरुआत की.

आज यह ऑनलाइन फ्री इनसाइक्लोपीडिया दुनिया की 5वीं सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वेबसाइट है.

Jimmy Wales Wikipedia hindi story

लाखों-करोड़ों लोग किसी भी विषय की जानकारी पाने के लिए विकिपीडिया पर ही आते हैं. इस वेबसाइट की असीमित पहुँच की वजह से वैल्यू का ठीक ठीक अंदाजा लगाना तो मुश्किल है, लेकिन यह सम्भवतः हजारों करोड़ डॉलर में है.

5) रे क्रोक – मैकडोनाल्ड :

मल्टी बिलियन डॉलर बिज़नस मॉडल McDonald’s की शुरुआत करने से पहले रे क्रोक ने कई तरह की नौकरियाँ की. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गलत उम्र बताकर रे क्रोक केवल 15 वर्ष की उम्र में रेड क्रॉस एम्बुलेंस ड्राईवर बन गये.

ये उनकी पहली नौकरी थी. इसके बाद 52 साल की उम्र तक रे क्रोक ने कई तरह की नौकरियाँ की. जैसे कि पेपर कप बेचना, रियल एस्टेट एजेंट का कार्य, म्यूजिक बैंड में पियानो बजाना, मिल्क शेक मिक्सर बेचना आदि.

Ray kroc hindi story

52 वर्ष की उम्र में Ray Kroc ने रिचर्ड और मौरिस मैकडोनाल्ड के साथ मिलकर मैकडोनाल्ड फास्टफूड चेन बिज़नस की शुरुआत की और बाद में ओनर बन गये. मैकडोनाल्ड बिज़नस की वैल्यू अरबों डॉलर में है.

6) कर्नल सैंडर्स – केऍफ़सी :

मैकडोनाल्ड के रे क्रोक की तरह ही कर्नल सैंडर्स ने भी अपने जीवन के शुरुआती वर्षों में कई तरह की नौकरियाँ की.

जैसे कि स्टीम इंजन वर्कर, इंश्योरैंस पालिसी सेल्समेन, पेट्रोल पंप वर्कर, कृषि कार्य, घोड़ागाड़ी की पुताईवाला, ट्राम रेल में कंडक्टर, आर्मी वर्कर, वर्कशॉप वर्कर, वकील, फेरी बोट कम्पनी शुरू की, लैंप बनाने की कम्पनी शुरू की, सेल्समेन, मोटेल खोला, कैफेटेरिया चलाया आदि.

Colonel Sanders KFC hindi story

65 वर्ष की उम्र में कर्नल सैंडर्स ने KFC – केंटुकी फ्राइड चिकेन रेस्टोरेंट चेन शुरू की. 1009 घरों में दरवाज़ा खटखटाने के बाद उनकी पहली रेसिपी बिकी थी. आज दुनिया भर में 20,000 से अधिक केएफसी फास्टफूड स्टोर्स हैं.

कर्नल सैंडर्स का असली नाम हरलैंड डेविड सैंडर्स था. कर्नल सैंडर्स को आर्मी से कर्नल की उपाधि नहीं मिली थी.

अमेरिका के केंटुकी शहर में देश और समाज के लोगों के प्रति अच्छे कार्य करने वाले लोगों को केंटुकी कर्नल की उपाधि दी जाती है. यही कर्नल उपाधि बाद में उनके नाम से जुड़ सी गयी और वे Colonel Sanders कहलाने लगे.

7) चार्ल्स डार्विन – ओरिजिन ऑफ़ स्पीशीज :

चार्ल्स डार्विन एक प्रकृतिवादी, भूगर्भशास्त्री और जीवविज्ञानी थे. चार्ल्स डार्विन ने ही क्रमविकास (Evolution) के सिद्धांत की खोज की.

डार्विन ने 50 वर्ष की उम्र में अपनी सबसे प्रसिद्ध किताब ओरिजिन ऑफ़ स्पीशीज (जीवजाति का उद्भव) किताब लिखी.

Charles Darwin hindi story

Charles Darwin ने इस किताब में बताया कि कैसे विभिन्न जीव-प्रजातियाँ एक दूसरे से जुडी हुई है.

डार्विन ने ही Survival of the fittest का सिद्धांत खोजा, जिससे पता चलता है कि क्यों कुछ प्रजातियाँ हज़ारों सालों तक बनी रही और बाकी मिट गयीं. जीव-जगत के अध्ययन में चार्ल्स डार्विन का स्थान भगवान के समान माना जाता है.

8) जे के रोलिंग – हैरी पॉटर बुक्स :

30 वर्ष की उम्र तक जे के रोलिंग का जीवन कई उथल-पुथल और निराशा से भरा हुआ था.

उनकी माँ की मृत्यु, असफल शादी, घरेलू हिंसा, गर्भपात, तलाक की वजह से वे बुरी तरह टूट चुकी थीं और गहरे डिप्रेशन, गरीबी और आत्महत्या के विचारों से जूझ रही थीं.

इस सबके बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की खातिर खुद को सम्हाला और परिस्थितियों का मुकाबला किया.

JKRowling story in hindi

31 वर्ष की उम्र में जे के रोलिंग की पहली किताब छपी और आने वाले वर्षों में बाकी 6 किताबें और 8 फिल्में आई.

हैरी पॉटर किताब और फिल्म की सफलता से 6500 करोड़ की कमाई करने वाली दुनिया के सबसे अमीर लेखकों में एक J K Rowling ने युवावस्था के अंत में पहली बार Success का स्वाद चखा.

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9) अमिताभ बच्चन – बॉलीवुड :

सदी के महानायक Amitabh Bachchan के महान अभिनय करियर की शुरुआत भी काफी संघर्षपूर्ण रही.

आल इंडिया रेडियो से रिजेक्ट होना, लम्बी हाइट की वजह से रोल न मिलना, अच्छे रोल न मिलना जैसी समस्या ने उन्हें लम्बे समय तक सफलता से दूर रखना.

27 साल की उम्र में जब वो हिम्मत हार कर अभिनय क्षेत्र छोड़ने ही वाले थे कि उन्हें सात हिन्दुस्तानी फिल्म में एक रोल मिला. फिल्म फ्लॉप रही और अमिताभ का संघर्ष चलता रहा.

Amitabh Bachchan ka sangharsh

29 वर्ष की उम्र में राजेश खन्ना के साथ फिल्म आनंद आई. फिल्म पसंद की गयी और अमिताभ को फिल्म जगत के लोग पहचानने लगे.

31 वर्ष की उम्र में प्रकाश मेहरा की फिल्म जंजीर ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया और आखिर उनके जीवन में Success और शोहरत का दौर शुरू हुआ.

अमिताभ अपने पिता की एक बात अक्सर बोलते हैं – मन का हो तो अच्छा, और मन का न हो तो और भी अच्छा. मतलब अगर आपके मन का नही भी हो रहा तो घबराइए नहीं, परमपिता ने अवश्य ही आपके लिए कुछ अच्छा सोच रखा है.

10) मार्क ट्वेन – एडवेंचर्स ऑफ़ टॉम सॉयर :

सैमुएल लैंगहॉर्न क्लेमेंस यह सुप्रसिद्ध लेखक Mark Twain का असली नाम था. मार्क लेखक बनने से पहले अमेरिकन सिविल वॉर में रिवरबोट पायलट और सोल्जर के रूप में कार्यरत थे.

करियर के चुनाव की इस गलती को मार्क ने बाद में सुधारा और लेखक बनने पर ध्यान केन्द्रित किया.

Mark Twain story in hindi

सैमुएल लैंगहॉर्न क्लेमेंस ने मार्क ट्वेन का उपनाम रखा और लिखना शुरू किया. 41 वर्ष की उम्र में उनकी पहली किताब प्रसिद्ध एडवेंचर्स ऑफ़ टॉम सॉयर आई और जिससे उनके महान लेखन करियर की शुरुआत हुई.

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