विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग और लक्षण : कही आप भी तो इसके शिकार नहीं ?

यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि आजकल बहुत सारे लोग शरीर में विटामिन डी की कमी से ग्रसित हैं. विटामिन डी का सबसे अच्छा और एकदम मुफ्त स्रोत सूरज की खुली धूप है. लोग सुबह जल्दी ऑफिस चले जाते हैं, दिन भर ऑफिस के बंद माहौल में बीता, फिर शाम ढले वापस आते हैं. हमारी लाइफस्टाइल ऐसी हो गयी है कि हमें धूप में निकलने की जरुरत ही नहीं पड़ती. इस पोस्ट में जानिए कि आपको होने वाली कई छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण असल में विटामिन डी की कमी हो सकता है.

विटामिन डी की कमी के लक्षण :

– अगर आपको टेंशन, डिप्रेशन की समस्या है या आप बुझे-बुझे से रहते हैं, किसी काम में मन नहीं लगता तो आपमें विटामिन डी की कमी हो सकती है. खुली धूप में रहने से रक्त में सेरोटोनिन हार्मोन बनता है, जिससे मूड अच्छा होता है.

– आपको थकान ज्यादा लगती है. बोन फ्रैक्चर, मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द, हड्डी का दर्द जैसे पीठ दर्द आदि होता है. विटामिन डी की कमी से महिलाओं में बाल झड़ने की समस्या भी सकती है.

– आपको पसीना बहुत आता है. शरीर का तापमान भी करीब 98.6 डिग्री के आसपास बना रहता है.

– आप अक्सर बीमार रहते हैं. वायरस और बैक्टीरियल रोग जल्दी ठीक नहीं होते जैसे निमोनिया, ठंड लगना, ब्रोंकाइटिस आदि.

– चोट, सर्जरी, इन्फेक्शन की वजह से होने वाले घाव ठीक होने में ज्यादा समय लगता है.

– आपका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल हाई बना रहता है. हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट की बीमारी, हार्ट अटैक आदि हो जाता है और हाई शुगर लेवल से डायबिटीज हो सकता है.

vitamin d ki kami kaise puri kare

विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग :

– विटामिन डी की कमी से होने वाला मुख्य रोग रिकेट्स है. रिकेट्स रोग में बोन टिश्यू सही तरह बन नहीं पाते और हड्डियाँ कमजोर हो जाती है. जिससे शारीरिक अंग टेढ़े-मेढ़े हो सकते हैं व शरीर के अस्थि-पंजर, पोस्चर खराब हो जाता है.

– विटामिन डी हमारे शरीर में कैल्शियम के अवशोषण व रक्त में कैल्शियम का सही स्तर बनाये रखने के लिए अतिआवश्यक है, जिससे की हड्डियाँ मजबूत बनी रहे.

– विटामिन डी की कमी से हृदय की बीमारी, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, बच्चों में गंभीर अस्थमा, जोड़ों में दर्द, हाथ-पैर दर्द, मांशपेशियों की कमजोरी, मल्टिपल सिरोसिस, एक्जिमा, थकान, डायबिटीज, डेमेंशिया, डिप्रेशन, मोटापा, कैंसर, टीबी, जैसे रोग भी हो सकते हैं.

स्वस्थ व्यक्ति में विटामिन डी का स्तर :

विटामिन डी की कमी को पता करने के लिए 25-hydroxy vitamin D blood test किया जाता है. एक सामान्य आदमी के ब्लड में विटामिन डी का स्तर 30 नैनोग्राम/मिलीलीटर से 50 नैनोग्राम/मिलीलीटर के बीच हो सकता है. अगर आपके खून में यह 20 नैनोग्राम/मिलीलीटर से कम पाया जाता है तो इसका मतलब आपमें विटामिन डी की बहुत कमी है.

विटामिन डी के स्रोत :

जैसा कि ऊपर बताया गया है कि विटमिन डी का सबसे अच्छा स्रोत धूप लेना है. प्रतिदिन 15-20 मिनट धूप लेने से शरीर में विटामिन डी का सही स्तर बना रहता है. खाने में विटामिन डी के मुख्य स्रोत अंडे का पीला भाग, डेरी प्रोडक्ट जैसे दूध, मक्खन, पनीर, मछली, गाजर, कॉड लीवर आयल, सोया मिल्क, संतरे का जूस, मशरूम, विटमिन डी सप्लीमेंट्स हैं.

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