Digital Camera का Memory Card लेने से पहले ये Tips पढ़ें

Digital Camera के लिए सबसे पहला 2 GB का MMC Memory Card मैंने लगभग 6 साल पहले खरीदा था. तबसे अब तक अलग-अलग उद्देश्यों से कई प्रकार के मेमोरी कार्ड्स खरीदने पड़े हैं और इस संबंध में बहुत सी जानकारियां जुटाईं हैं. बाज़ार में कई प्रकार के मेमोरी कार्ड्स उपलब्ध हैं लेकिन कैमरों के लिए Memory cards खरीदने के लिए जिन बातों का ध्यान रखना चाहिए उनपर यह पोस्ट तैयार की गई है.

Digital Camera memory cards

यहां केवल Camera photography में प्रयुक्त होनेवाले मेमोरी कार्ड्स के ऊपर लिखा जा रहा है, इसलिए सेलफ़ोन में लगने वाले छोटे micro SD मेमोरी कार्ड्स के बारे में यहां नहीं लिखा जा रहा है. मेमोरी कार्ड्स कई प्रकार के होते हैं. सबसे पहले तो यह देख लेना चाहिए कि आपके कैमरे में अधिकतम कितनी कैपेसिटी तक का कौन सा कार्ड लग सकता है.

हो सकता है आपके कैमरे में 16 GB से अधिक का कार्ड कंपेटिबल नहीं हो लेकिन आप गलती से 32 GB का कार्ड खरीद लें. आपके कैमरे के साथ दिए गए मैनुअल में सारे compatible cards की जानकारी विस्तार से दी गई होती है. अधिकांश कैमरों के साथ आजकल 4 से 8 GB का कार्ड फ्री मिलता है इसलिए आपको दूसरा कार्ड खरीदने से पहले एक बार मैनुअल में जांच लेना चाहिए.

Types of Camera memory cards :

इन्हें खरीदते समय मुख्यतः Capacity और Speed को ध्यान में रखने के अलावा यह भी देखा जाता है कि कार्ड किस प्रकार का है. मार्केट में आपको कैमरों में लगनेवाले कई प्रकार के कार्ड मिलेंगे, जैसेः

1. कॉम्पैक्ट फ्लैश कार्ड्स (CF cards): इन कार्ड्स का उपयोग Canon के Professional Digital Cameras में किया जाता है जिनमें HD वीडियो रिकार्डिंग की सुविधा भी उपलब्ध होती है. हाल ही में Sandisk ने CFast 2.0 कार्ड्स बाज़ार में उतारे हैं जिनकी रीड स्पीड 450MB/s और राइट स्पीड 350MB/s है, लेकिन ये चुनिंदा कमरों में ही कंपेटिबल हैं.

Camera Memory Card
फोटो स्रोत

2. मल्टी-मीडिया कार्ड्स (MMC cards): ये कार्ड्स आकार में SD कार्ड्स जितने ही बड़े होते हैं लेकिन इनमें प्रोटेक्टिव लॉक नहीं होता. इनकी कैपेसिटी और स्पीड कम होती है. इनका चलन अब बहुत कम हो गया है.

3. सेक्योर डिजिटल कार्ड्स (SD cards): एसडी कार्ड्स अधिकतर कैमरों में लगने वाले सबसे प्रचलित कार्ड्स हैं.

4. सेक्योर डिजिटल हाई-कैपेसिटी कार्ड्स (SDHC cards): इन मेमोरी कार्ड्स की कैपेसिटी 32 GB तक होती है. आकार में ये SD कार्ड्स जितने ही बड़े होते हैं लेकिन अलग-अलग मीडिया के लिए बनाए जाते हैं. आपके कैमरे के स्लॉट में ये लग सकते हैं लेकिन यदि Compatible नहीं हुए तो कैमरा इन्हें रीड नहीं करेगा, इसलिए इन्हें खरीदने से पहले कैमरे के मैनुअल में जांच लेना चाहिए.

5. सेक्योर डिजिटल एक्स्ट्रा-कैपेसिटी कार्ड्स (SDXC cards): ये कार्ड्स 64 GB से लेकर 256 GB कैपेसिटी और High processing speed वाले होते हैं. ये भी आकार में SD कार्ड्स जितने ही बड़े होते हैं लेकिन अलग-अलग मीडिया के लिए बनाए जाते हैं. आपके कैमरे के स्लॉट में ये लग सकते हैं लेकिन यदि कंपेटिबल नहीं हुए तो कैमरा इन्हें रीड नहीं करेगा, इसलिए इन्हें खरीदने से पहले भी कैमरे के मैनुअल में जांच लेना चाहिए. इन्हें रीड करने के लिए कंप्यूटर पर भी नया ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows-7 और आगे) उपलब्ध होना चाहिए.

6. यूएचएस-1 स्टैंडर्ड कार्ड्स (UHS-I standard cards): ये कार्ड्स Sandisk ने कुछ समय पहले ही बाज़ार में उतारे हैं. इनकी राइट स्पीड 45MB/s या उससे अधिक है.

मेमोरी कार्ड बनाने वाली कुछ प्रमुख कंपनियां हैं Sandisk, Kingston, Lexar, Sony, Samsung, Panasonic आदि. कई छोटी कंपनियां भी मेमोरी कार्ड्स बनाती हैं जिनके कार्ड्स की कीमत बहुत कम होती है. cheap cards की स्पीड कम होती है और वह कभी भी धोखा दे सकता है, अर्थात corrupt हो सकता है. ऐसे में सस्ते के चक्कर में अपने शॉट्स गंवाने से अच्छा है कि आप हमेशा अच्छी कंपनी का ही कार्ड खरीदें

मेमोरी कार्ड्स की स्पीड Memory Card Speed

मेमोरी कार्ड्स की स्पीड से तात्पर्य है उसकी रीड और राइटिंग स्पीड. Read speed कार्ड की वह स्पीड है जिसपर कार्ड से डेटा कैमरे में रीड या कंप्यूटर पर ट्रांसफर किया जाता है. ध्यान दें कि Read/writing speed इस पर भी निर्भर करती है कि कार्ड को कंप्यूटर से किस प्रकार जोड़ा गया है. यदि आप सीधे कैमरे से केबल लगाकर इमेज/वीडियो ट्रांसफर करते हैं तो रीड/राइटिंग स्पीड कम होती है.

यदि कार्ड को कार्ड-रीडर में लगाकर या सीधे ही कंप्यूटर/लैपटॉप में उपलब्ध स्लॉट में लगाकर रीड/राइट करें तो सबसे अधिक स्पीड मिलती है. इसी प्रकार USB-2 की तुलना में USB-3 की रीड/राइटिंग स्पीड अधिक होती है. किसी भी कार्ड की read speed उसकी writing speed से हमेशा अधिक होती है.

अधिक राइटिंग स्पीड की आवश्यकता तब होती है जब आप कैमरे के Burst mode में एक ही बार शटर बटन दबाकर कई शॉट्स लेते हैं. बड़ी RAW फाइल्स या HD वीडियो शूट करने के लिए भी कैमरे में अधिक राइटिंग स्पीड वाला कार्ड होना ज़रूरी है.

मेमोरी कार्डस् की रीड/राइटिंग स्पीड कार्ड पर दो प्रकार से लिखी होती है. कभी-कभी कार्ड पर उसकी स्पीड एक्स-फैक्टर के रूप में (जैसे 100x, 200x, 300x, आदि) लिखी होती है. यहां एक्स वह गति है जिसपर CD-ROM में फाइलें लिखीं जातीं है, अर्थात 150 KB/sec. इस प्रकार यदि किसी कार्ड पर उससकी स्पीड 200x लिखी है तो उसकी स्पीड होगी 200 x 150 = 30,000/1024 = 29.29, अर्थात 29.5MB की इमेज फाइल को रीड करने में 1 सेकंड लगेगा.

इसकी तुलना में Class rating को समझना आसान है, जो कार्ड्स की Writing speed के आधार पर है. अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर SD/SDHC/SDXC कार्ड्स के रीड/राइट डेटा के आधार पर कार्ड्स को रेटिंग दी गईं हैं, जो इस प्रकार हैं –

  1. SDHC Speed Class 2  –  2 MB/s
  2. SDHC Speed Class 4  –  4 MB/s
  3. SDHC Speed Class 6  –  6 MB/s
  4. SDHC Speed Class 10 – 10 MB/s
  5. UHS Speed Grade 1 –  10 MB/s

– मेमोरी कार्ड्स से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह है जिसे कार्ड का Mean Time Before Failure (MTBF) कहते हैं. Sandisk कंपनी के अनुसार इसके बनाए कार्ड इतने भरोसेमंद हैं कि उनका MTBF लगभग 10,00,000 घंटे है, अर्थात ये कार्ड्स (कंपनी के अनुसार) Standard conditions में 115 साल के पहले खराब नहीं हो सकते.

– ऐसा कहा जाता है कि Memory cards को समय-समय पर format करते रहने से उनकी राइटिंग स्पीड अच्छी बनी रहती है. ध्यान दें कि कार्ड को हमेशा कैमरे में ही फॉर्मेट करें. फॉर्मेट करने से पहले कार्ड में स्टोर की गई फोटोज़ की जांच कर लें ताकि जल्दबाजी में आप कोई ज़रूरी फोटो खो न बैठें.

– मैं यह सलाह सभी को देता हूं कि 32 GB का एक कार्ड रखने की तुलना में 16 GB के दो कार्ड रखना अच्छी नीति है. इसी प्रकार 16 GB का एक कार्ड खरीदने से बेहतर है कि 8 GB के दो कार्ड खरीदे जाएं.

कम और अधिक कैपेसिटी के कार्ड खरीदने के फायदे / नुकसान :

कम कैपेसिटी के कार्ड्स रखने के लाभः 

  1. – एक कार्ड खो जाए या खराब भी हो जाए तो संपूर्ण नुकसान नहीं होता.
  2. – फोटो खींचने की दर नियंत्रित रहती है क्योंकि आपको पता होता है कि कार्ड में कम स्थान शेष है.

कम कैपेसिटी के कार्ड्स रखने के नुकसानः 

  1. – यदि आप कई कार्ड रखें तो उनमें से इक्का-दुक्का कार्ड खो जाने की आशंका बढ़ जाती है.
  2. – ऐन मौके पर यदि आप कार्ड बदलने लगें तो कोई ज़रूरी शॉट मिस कर सकते हैं.
  3. – कार्डों को कैमरे में बार-बार लगाने और निकालने से कैमरे को नुकसान पहुंच सकता है.

अधिक कैपेसिटी के कार्ड्स रखने के लाभः 

  1. – कार्ड खोने का खतरा कम होता है क्योंकि कार्ड अधिकांश समय कैमरे में ही लगा रहता है.
  2. – इसे खरीदना किफायती होता है.
  3. – कार्ड बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती इसलिए ज़रूरी शॉट मिस नहीं होता.
  4. – कार्ड अधिकांश समय कैमरे में ही लगा रहता है इसलिए स्लॉट को नुकसान नहीं पहुंचता.

अधिक कैपेसिटी के कार्ड्स रखने के नुकसानः 

  1. – कार्ड के खो जाने पर बड़ी संख्या में फोटोज़ का नुकसान होता है जिसकी भरपाई संभव नहीं होती.

कुछ Semi-professional और Professional cameras में मेमोरी कार्ड लगाने के दो स्लॉट होते हैं. यदि आप चाहें तो खींची गई फोटो को दोनों कार्ड में सेव कर सकते हैं या RAW फाइल को स्लॉट-1 में सेव करने के साथ ही स्लॉट-2 में JPEG फाइल सेव कर सकते हैं. इस प्रकार की व्यवस्था अपनाने पर यदि आपका एक कार्ड खो जाए या खराब भी हो जाए तो दूसरे कार्ड की फाइलें सुरक्षित बच रहतीं हैं.

memory card reader for camera
स्रोत

यदि आपके कैमरे में मेमोरी कार्ड के लिए 2 Slot नहीं हों तो आप सफर या शूटिंग पर जाते समय अपने साथ extra card ले जाना नहीं भूलें. हो सकता है कि आपको बाहर आपके कैमरे के लिए सही कार्ड नहीं मिले या उसके लिए आपको अधिक रूपये खर्चने पड़ जाएं.

यदि आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में कार्ड रीड करने का स्लॉट नहीं हो तो आपको एक memory card reader खरीद लेना चाहिए. आजकल मिल रहे Memory Card रीडर में कई प्रकार के कार्ड लगाने की सुविधा होती है और इनका मूल्य बहुत कम होता है.

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