मैं कुछ भी कर सकती हूँ : इंडिया का नंबर 1 टीवी सीरियल जिसे देखते हैं 40 करोड़ लोग

मैं कुछ भी कर सकती हूँ टीवी सीरियल इंडिया में टीवी पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाला टीवी धारावाहिक है. दूरदर्शन का इस धारावाहिक का 1st सीजन 2014 में, 2nd सीजन 2015 में लांच किया गया था. डीडी 1 पर यह शो शुरू होने के बाद कुछ ही दिनों में लोकप्रियता के शीर्ष पर पहुँच गया.

लोगों में इस शो के प्रति भारी उत्साह को देखते हुए दूरदर्शन ने इस धारावाहिक को डीडी इंडिया चैनल पर प्रसारित करने का निर्णय लिया, जिससे कि इस धारावाहिक का प्रसारण 50 से अधिक देशों में होने लगा. मैं कुछ भी कर सकती हूँ का 3rd सीजन प्रोडक्शन फेज में हैं और जल्द ही प्रसारित होने वाला है.

Main kuch bhi kar sakti hoon dd serial

हमें आपको लगता है, इंडिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाला सीरियल अवश्य एकता कपूर का कोई सीरियल या कोई क्राइम शो होगा. पर हम आप इन 2 बातों को अनदेखा कर रहे हैं कि भारत में केबल टीवी की पहुँच बड़े शहरों तक, हर महीने केबल, डीटीएच का पेमेंट करने में सक्षम लोगों तक ही है. दूसरी बात यह कि हम दूरदर्शन की पॉवर और क्वालिटी को कम आंकते है, जिसने हमारे बचपन और युवा दिनों में भरपूर स्वस्थ मनोरंजन दिया था.

दूरदर्शन एक सरकारी उपक्रम है, जिसमें सभी सरकारी उपक्रमों जैसी ही समस्याएँ हैं. इसके बावजूद दूरदर्शन आजकल के एडवरटीजमेंट प्रेरित मीडिया से कई गुना अच्छा काम कर सकता हैं और कर रहा है.

मैं कुछ भी कर सकती हूँ : कुछ फैक्ट्स –

– मैं कुछ भी कर सकती हूँ सीरियल Population Foundation of India द्वारा बनाया गया है. फीरोज़ अब्बास खान द्वारा निर्देशित इस कार्यक्रम की मुख्य किरदार एक महिला डॉक्टर स्नेहा माथुर है, जोकि अपने पैतृक गाँव प्रतापपुर वापस आती है. वापस आने का उसका उद्देश्य गाँव वालों को बढ़िया हेल्थकेयर सुविधाएँ देना और औरतों-लडकियों को सामाजिक बुराइयों के  शारीरिक-मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है.

– इस सीरियल का प्रसारण काल करीब 22-25 मिनट है. हिंदी भाषा में बने इस कार्यक्रम के 131 एपिसोड प्रसारित किये जा चुके हैं. किसी भी आम डेली सोप सीरियल जैसे ही इस सीरियल की भी कहानी बढती है, लेकिन कहानी में एक सशक्त सामाजिक सन्देश भी छुपा रहता है.

– सामान्य जनमानस में मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी हजारों भ्रांतियाँ होती है. कार्यक्रम में इन अंधविश्वासों, अज्ञानता का वैज्ञानिक पहलू और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया जाता है.

– मैं कुछ भी कर सकती हूँ सीरियल का 13 भारतीय भाषाओं में रेडियो संस्करण बनाया गया, जिसे 216 आल इंडिया रेडियो चैनल पर प्रसारित किया गया.

– जमीनी हकीकत और समस्याओं पर रिसर्च करके बनाया गया यह धारावाहिक लोगों को पसंद तो आना ही था, नतीजा 400 मिलियन भारतीय जनता इसे भरपूर सराहा, पसंद किया जोकि भारतीय टेलीविजन जगत में नया रिकॉर्ड बन गया है.

– धारावाहिक के निर्माताओं ने ग्राम वाणी नामक संस्था के सहयोग से शो में टेलीफोन कॉल बैक सुविधा को जोड़ा. जिससे कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग फोन के माध्यम से अपनी बात, समस्याएँ, सलाह विशेषज्ञों के समक्ष रख सकें. यह सुविधा बड़ी सफल रही और लोगों ने करीब 2,00,000 से अधिक फोन कॉल करके अपनी आपबीती, देखी-सुनी घटना, दिक्कतें साझा की.

– मैं कुछ भी कर सकती हूँ के आगामी 3rd सीजन में मशहूर एक्टर, निर्माता फरहान अख्तर, अभिनेत्री शर्मिला टैगोर, सोहा अली खान जैसे चेहरे भी देखने को मिलेंगे.

मैं कुछ भी कर सकती हूँ सीरियल सिर्फ एक टीवी सीरियल ही नहीं रहा, यह एक सामाजिक मुहिम बन गया. देश भर में ऐसी कई सुखद वास्तविक घटनाएँ हुईं, जिसने इस कार्यक्रम के उद्देश्य को सफल किया. दूरदर्शन के इस प्रयोग से यह भी पता चला कि लोगों में स्वस्थ मनोरंजन के प्रति कितना उत्साह है. टीवी जगत में मील का पत्थर बने इस सीरियल से गुमराह करने वाले और घटिया स्तर के मनोरंजन को बढ़ावा देने वाले चैनल्स, मीडिया को सीख लेनी चाहिए कि अच्छे उद्देश्य से किया गया काम ही सही अर्थो में सफलता दे सकता है.

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