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नवाज शरीफ़ को कैसे Microsoft Word की वजह से इस्तीफा देना पड़ा, रोचक खबर

पाकिस्तान में 70 साल की राजनीति में एक बात हमेशा कायम रही. वो यह कि कोई भी प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सका. वर्तमान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ भी इससे अछूते नहीं रहे. पनामा पेपर लीक्स में दोषी पाए गये नवाज़ को 29 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा. 2013 में निर्वाचित नवाज़ शरीफ का कार्यकाल 2018 में पूरा होने वाला था. 4 साल तक अपने पद पर बने रहे नवाज़ शरीफ 1 साल से चूक गये. पनामा पेपर लीक्स मामले की सुनवाई में एक रोचक वाकया सामने आया. एक छोटी सी भूल नवाज़ को सत्ता से बेदखल करने में बड़ा कारण बन गयी.

Panama paper leaks और नवाज़ शरीफ :

बात शुरू होती है साल 2015 से जब Mossack Fonseca नाम की एक लॉ फर्म एंड कॉर्पोरेट सर्विस प्रोवाइडर कम्पनी के 11.5 मिलियन फाइनेंसियल डाक्यूमेंट्स किसी से गुप्त रूप से लीक कर दिए. यह कागजात पनामा पेपर्स के नाम से मशहूर हो गये.

Nawaz sharif panama leaks case
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इस पेपर लीक्स को जब खंगाला गया तो दुनिया भर के कई बड़े राजनीतिक नामों पर संकट के बादल छा गये. पता चला कि दुनिया के कई प्रसिद्ध नेताओं, राष्ट्राध्यक्षों और उनके रिश्तेदारों ने इन्कम टैक्स से बचने के लिए गलत तरीकों से विदेशों में सम्पत्तियाँ खरीदी हैं. ऐसा उन्होंने अपनी काली कमाई को छुपाने और गलत कामों में लगाने के लिए किया.

कई ऐसे टैक्स हैवन देश हैं जोकि बिना किसी पूछताछ के काली कमाई जमा करने के अड्डे बने हुए हैं, जिनका भरपूर उपयोग इन नेताओं ने किया. पाकिस्तानी प्रधानमन्त्री और उनके परिवार का नाम भी इस खुलासे में सामने आया.

इस मामले की सुनवाई पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट पहुंची. सुनवाई के दौरान नवाज़ शरीफ की लड़की मरियम नवाज़ ने साल 2006 की तारीख पड़े दो ऐसे डॉक्यूमेंट पेश किये. इन डॉक्यूमेंट में यह बात सिद्ध की गयी थी कि नवाज़ शरीफ की फॅमिली का लन्दन में खरीदी गयी प्रॉपर्टीज से कोई सम्बन्ध नहीं है. किसी ने सोचा नहीं था कि अपनी बेगुनाही का सबूत देने वाले ये डॉक्यूमेंट ही उनको दोषी सिद्ध करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे.

Microsoft Word Font की एक भूल :

हुआ यह कि जो डॉक्यूमेंट मरियम ने पेश किये थे वो माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में अंग्रेजी भाषा में लिखे गये थे. इस डॉक्यूमेंट को टाइप करने में Calibri नामक फॉण्ट का प्रयोग किया गया था. इन डॉक्यूमेंट में तारीख साल 2006 की थी, परन्तु माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Calibri फॉण्ट तो जनवरी 2007 के बाद ही जोड़ा गया था. जब फॉण्ट ही बाद में आया तो उस फॉण्ट में पहले डॉक्यूमेंट कैसे तैयार हो गया.

times new roman vs calibri font
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2007 से पहले माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में Times New Roman फॉण्ट डिफ़ॉल्ट के रूप में प्रयोग किया जाता था. 2007 के बाद से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड ने कैलिब्री फॉण्ट को डिफ़ॉल्ट फॉण्ट बनाया. इस चूक से पता चला कि नवाज़ द्वारा पेश किये कागज फर्जी और नकली थे. इस केस में कई और भी सबूत सामने आये जोकि नवाज़ के खिलाफ थे लेकिन फॉण्ट की यह गड़बड़ी एक अहम मुद्दा बनी.

नवाज़ शरीफ केस हार गये और 28 जुलाई को उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया. अगले ही दिन नवाज़ शरीफ को इस्तीफ़ा देना पड़ा. आश्चर्य है न कि माइक्रोसॉफ्ट वर्ड की एक छोटी सी भूल से एक प्रधानमन्त्री की कुर्सी छीन गयी.

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