युवावस्था से ही स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले इन 7 फैक्टर्स से बचें 

By | 31/05/2016

यह बात सभी मानते हैं कि खास तरह की लाइफ़स्टाइल, आदतें और जीन की गड़बड़ियों के कारण कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है लेकिन इनसे इतर भी ऐसे बहुत से फैक्टर्स हैं जो कैंसर के रिस्क को बढ़ाकर आपके जीवन को खतरे में डाल सकते हैं. इस पोस्ट में हम आपको उन बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो स्तन कैंसर (Breast cancer) का कारण बन सकती हैं.

कैंसर का एक कारण हमारे DNA में मौजूद जीन्स में परिवर्तन होना भी है. कुछ परिवर्तन ऐसे होते हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी ट्रांसफर होते जाते हैं और मौका पाकर रोग को उभार देते हैं.

कुछ विशेष पदार्थ (substances), परिस्तिथियां और एक्सपोज़र (exposures), कार्सीनोजन (carcinogen) अर्थात कैंसर को उत्पन्न करनेवाले फैक्टर्स हो सकते हैं. कुछ कार्सीनोजन हमारे DNA को सीधे-सीधे प्रभावित नहीं करते. वे कुछ अन्य कारणों से कैंसर को पैदा करते हैं जिससे कोशिकाएं असामान्य गति से विभाजित होने लगती हैं. जेनेटिक म्यूटेशन के कारण होनेवाला स्तन कैंसर वातावरण में पाए जानेवाले तरह-तरह के फैक्टर्स से प्रकट हो सकता है. ये फैक्टर्स इस प्रकार है.

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स्तन कैंसर के खतरे को बढ़ानेवाले 7 फैक्टर्स की जानकारी 7 causes of Breast cancer :

सिंथेटिक हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी (Synthetic hormone replacement therapy) स्तन कैंसर का संबंध एस्ट्रोजन (estrogen) हार्मोन से होता है. हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी लेनेवाली स्त्रियों में स्तन कैंसर अधिक देखा गया है. गर्भ-निरोधक गोलियां (Birth control pills) लेनेवाली कम उम्र की लड़कियों में भी इसका खतरा अधिक होता है.

यदि आपको मेनोपॉज़ (menopausal) के लक्षण समय से पहले या प्रमुखता से पहचान में आ रहे हों तो अपनी लेडी डॉक्टर से बायोआइडेंटिकल हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी (Bioidentical Hormone Replacement Therapy) के बारे में बात करनी चाहिए. इस थैरेपी में उन हार्मोन का उपयोग किया जाता है जिनकी आणविक संरचना शरीर द्वारा बनाए जानेवाले हार्मोन के जैसी होती है इसलिए वे शरीर के साथ तालमेल बिठा लेते हैं.

ब्रा में सेलफोन रखना (Cell phones being kept in bras) : यह बात सिद्ध हो चुकी है कि अधिक संख्या में X-ray और CT स्कैन किए जाने से महिलाओं में स्तन कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है. जिन स्त्रियों को बचपन में कैंसर होने पर छाती के आसपास रेडिएशन का ट्रीटमेंट लेना पड़ा हो उनमें भी स्तन कैंसर (Breast cancer) होने की आशंका अधिक देखी गई है. हांलांकि सेलफोन के प्रयोग से स्तन कैंसर होने की बात अभी सिद्ध नहीं हुई है लेकिन इनसे निकलनेवाले रेडिएशन के कारण इन्हें ब्रा या ब्लाउज़ में नहीं रखना चाहिए.

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एलकोहल का सेवन (Alcohol consumption) : एल्कोहोल का सेवन करनेवाली स्त्रियों में स्तन कैंसर होने की आशंका अधिक होती है. एल्कोहोल का सेवन समझदारी से करें.

stan cancer ke karan aur bacahv

सावधानी बरतें और स्तन कैंसर के खतरे से खुद को सुरक्षित रखें

गलत एंटीपर्सपिरेंट का प्रयोग (Wrong Antiperspirant) : एंटीपर्सपिरेंट बाजुओं के भीतरी सिरे में पसीना बनानेवाले पोर्स को ढ़क देते या बंद कर देते हैं. इनमें धातु के बहुत बारीक कण होते हैं जो स्प्रे या रोल किए जाने पर स्किन के भीतर चले जाते हैं. एक रिसर्च में यह पता चला है  हमारा शरीर इन स्प्रे में मौजूद एल्यूमीनियम को एब्सॉर्ब नहीं करता है बल्कि वे हमारे ब्रेस्ट टिशू में जमा हो जाता है.

हाई कोलेस्ट्रोल (High Cholesterol) : एक नई स्टडी में यह पता चला है कि जिन स्त्रियों का कोलेस्ट्रोइल हाई होता है उनमें स्तन कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है. ऐसे मामलों में उन्हें स्तन कैंसर होने का रिस्क 64 प्रतिशत तक देखा गया.

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BPA, फ्थैलैट्स (Phthalates) और अन्य ज़ेनोएस्ट्रोजन (Xenoestrogen) : एस्ट्रोजन जैसे इन यौगिकों का संपर्क स्तन कैंसर के रिस्क को बढ़ा सकता है.

आयोडीन की कमी (Iodine deficiency) : आयोडीन में बहुत से एंटीकैंसर विशेषताएं (AntiCancer Qualities) हैं और यह देखा गया है कि यह स्तन और थायरोइड कैंसर (Thyroid Cancer) की कोशिकाओं को नष्ट कर देता है.

उपर्युक्त बताये गए सभी कारणों से बचाव का प्रयास कठिन नहीं है. बस थोड़ी सी सजगता और सावधानी आपको ब्रैस्ट कैंसर (Breast Cancer) से बचाने में कारगर सिद्ध होगी.

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