दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने की 3 बेस्ट जड़ीबूटी

याददाश्त और दिमाग को तेज करने का तरीका : मेमोरी और मेंटल पॉवर में आनेवाली कमी से अब युवा भी अछूते नहीं हैं. बदलती लाइफस्टाइल, खानपान में बदलाव, प्रदूषण, शराब-सिगरेट पीने का चलन और कई तरह की दवाइयों के कारण बहुत बड़ी तादाद में लोग कमजोर याददाश्त और सुस्त दिमाग की समस्या के शिकार हो रहे हैं.

अक्सर लोग सोचते हैं याददाश्त और दिमागी ताकत में बदलाव उम्र बढ़ने के साथ होता ही है, पर ये बात सही नहीं हैं। हमारा दिमाग उम्र के हर दौर में नई-नई Brain cells बनाता रहता है। इसे सही रखने के लिए सही भोजन व कुछ देसी जड़ी-बूटियाँ काफी असरदार देखी गई हैं। 

दिमाग तेज करने और मेमोरी बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी :

प्राचीन काल से ही प्रयोग में लाई जा रही ऐसी बहुत सी Herbs और वनस्पतियां हैं जिनका मुख्य प्रभाव हमारे Memory और माइंड पॉवर पर पड़ता है। किसी वैद्य या डॉक्टर के परामर्श के हिसाब से लेने पर वे हमारी दिमागी ताकत को इंप्रूव करती हैं। 

Brahmi Buti ke fayde in hindi

ब्राह्मी बूटी का पौधा

1) ब्राम्ही बूटी के लाभ – Bramhi buti ke fayde (Bacopa monnieri) : 

ब्राम्ही के पौधे के ब्रेन-बूस्टिंग गुणों के बारे में आयुर्वेद में भी बताया गया है. इससे याददाश्त में कमी, दिमाग फोकस नहीं होना और डिप्रेशन के इलाज में भी असरदार देखा गया है।

ब्राम्ही बूटी के मेडिकल गुणों पर विश्व के अनेक देशों में सैंकड़ों रिसर्च हुई हैं जिनमें यह पता चला है कि ये वाकई हमारे दिमाग पर पॉज़िटिव असर डालती है. ये पौधा एशिया के नम, दलदली क्षेत्रों में अपने आप ही उगता है.

ब्राह्मी का सेवन कैसे करे – सभी दिमाग तेज करने वाली औषधियों की तरह ब्राम्ही को भी असर करने में समय लगता है. इसके लिए 1 छोटा चम्मच ब्राह्मी चूर्ण नियमित रूप से 2 महीने तक लेने से इसके बेहतर परिणाम देखे जा सकते हैं. बहुत सी आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली कंपनियां ब्राह्मी टेबलेट और ब्राह्मी सीरप भी बनाती है, जिसका सेवन किया जा सकता है। 

– वर्ष 2012 में Evidence-Based Complementary and Alternative Medicine जर्नल में छपे एक पेपर में यह बताया गया है कि ब्राम्ही के प्रयोग से अटेंशन बढ़ता है, ब्रेन की प्रोसेसिंग इंप्रूव होती है और ब्रेन की AChE एक्टीविटी के माध्यम से वर्किंग मेमोरी बढ़ती है.

– जर्नल Neuropsychopharmacology के अनुसार ब्राम्ही के प्रयोग से याददाश्त बढ़ती है और बातों को जल्द रीकॉल करने में मदद मिलती है.

2) मंडूकपर्णी या गोटू कोला के फायदे, उपयोग – About Gotu kola benefits in hindi :

गोटू कोला का प्रयोग भारत और चीन में हजारों सालों से होता रहा है। गोटू कोला से दिमाग की मेमोरी तेज करना, नींद न आना, वेरीकोज़ वेन्स, स्किन प्रॉब्लम्स, ब्लड सर्कुलेशन समस्या आदि के इलाज में उपयोग किया जाता है।

गोटू कोला या मंडूकपर्णी हमारे दिमाग पर भी बहुत अच्छा प्रभाव डालती है. गोटू कोला (Centella asiatica) अजमोदा समूह की वनस्पति है. 

Benefits of Gotu Kola in hindi

गोटू कोला या मंडूकपर्णी का पौधा

गोटू कोला का सेवन कैसे करें – Gotu Kola के 500 मिलीग्राम के 1 या 2 कैप्सूल दिन में एक बार लेने से Memory (याददाश्त) प्राकृतिक तरीके से बिना किसी साइड इफेक्ट के बढ़ती है. जिंको और मंडूकपर्णी की चाय भी मिलती है और इसकी कड़वाहट को शहद या नींबू मिलाकर कम किया जा सकता है.

– वर्ष 2013 के एक आयुर्वेदिक जर्नल में छपा कि मंडूकपर्णी को दिमाग के लिए लाभकारी अन्य वनस्पति औषधियों के साथ लेने पर मेमोरी पर इसका प्रभाव अधिक तेजी से होता देखा गया. इससे एक साल पहले छपे एक रिव्यू में भी यह बताया गया कि मंडूकपर्णी (गोटू कोला) में Neuroprotective गुण होते हैं जो कि एल्ज़ीमर्स (Alzheimer’s disease), पार्किंसन (Parkinson’s disease) और ऑक्सीडेटिव तनाव में लाभ पहुंचाते हैं.

जिंको बाईलोबा के फायदे और उपचार – About Ginkgo Biloba in hindi :

जिंको बिलोबा की गिनती विश्व के सबसे पुराने पौधों में होती है. यह यूरोप और अमेरिका में सबसे अधिक उपयोग में लाई जानेवाली हर्बल मेडिसिन है. दिमाग में ब्लड सरक्यूलेशन सही करके सोच-समझ की क्षमता तेज करता है। बढ़ती उम्र में घटती याददाश्त और किसी काम में मन न लगने की समस्या में इसका उपयोग लाभदायक देखा गया है। 

Gingko Biloba benefits in hindi

जिंको बाईलोबा का पौधा 

जिंको बिलोबा का उपयोग कैसे करें – Doctor के परामर्श से जिंको का डेली डोज़ दिन में 3 बार लगभग 240 से 600 मिलीग्राम तक लेने से Memory Problems का उपचार हो सकता है. जिंको बिलोबा कैप्सूल कम-से-कम 1 महीना लेकर देखना चाहिए.

– वर्ष 2013 में Toxicology and Industrial Health जर्नल में छपे पेपर ने यह भी बताया कि इसे विटामिन सी (vitamin C) के साथ लेने पर फ्लोराइड के लंबे एक्सपोज़र के कारण होनेवाले मेंटल डिसॉर्डर को ठीक करने में भी सहायता मिली.

– वर्ष 2014 में Advances in Experimental Medicine and Biology जर्नल में छपी स्टडी के अनुसार इसके प्रयोग से प्रौढ़ (middle-aged individuals) की मेमोरी संबंधित समस्याओं के निदान में मदद मिली. Source

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5 Comments

  1. Rashmi Baranwal
  2. Sudhirparshad

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