पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल के फायदे और खाने का तरीका

अश्वगंधा कैप्सूल या चूर्ण का सेवन शरीर की शक्ति बढ़ाने, स्वास्थ्य सुधारने के साथ ही कई तरह के रोग, दर्द ठीक करता है व शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। पुरुष-स्त्री चाहें युवा हो या वृद्ध, अश्वगंधा का सेवन शरीर में नयी ताकत, ऊर्जा और पोषण का संचार करता है। आयुर्वेद में अश्वगंधा को बल्य कहा गया है यानी शरीर को बल, शक्ति देने और शरीर के विकास में सहायक औषधि बताया गया है।

अश्वगंधा को असगंध भी कहा जाता है। इसे इंग्लिश में Indian Ginseng, Wniter cherry आदि नामों से जाना जाता है। इसका बोटैनिकल नाम Withania somnifera हैं।

पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल के फायदे और अश्वगंधा का सेवन कैसे करें –

पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल दिन में दो बार 1-2 गोली कम से कम 1 महीने सेवन करें। इसे भोजन के कम से कम 1 घंटे बाद हल्के गरम दूध या पानी के साथ लें। आप इसका असर कई फ़ायदों के रूप में देखेंगे जो हमने नीचे बताए हैं। 

अश्वगंधा पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन बढ़ाए –

पुरुषों के लिए अश्वगंधा कैप्सूल या चूर्ण का सेवन बहुत फायदेमंद है। अश्वगंधा एक ऐसी प्राकृतिक जड़ी-बूटी है जो शरीर मे टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन बनाने में मदद करती है। इसके असर से पुरुषों की मांसपेशियों में ताकत आना, मसल्स की कमजोरी या चोट दूर होना, यौन शक्ति और शुक्राणु, वीर्य बढ़ना जैसे फायदे मिलते हैं। जिम जाने वाले और मसल्स बढ़ाने के इच्छुक लोगों को अश्वगंधा का लाभ अवश्य उठाना चाहिए। अश्वगंधा तेल लगाने से लिंग की कमजोरी और साइज़ बढ़ने का फायदा भी देखा गया है।

क्या स्त्रियाँ अश्वगंधा का सेवन कर सकती है ?

औरतों के शरीर में अक्सर कमजोरी, थकान की समस्याएं देखी जाती हैं, जिसका असर उनकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है और मूड खराब होना, काम में मन न लगने, चिड़चिड़ापन आदि लक्षण दिखते हैं। ऐसे में स्त्रियों के लिए अश्वगंधा कैप्सूल या चूर्ण का सेवन शरीर की कमजोरी दूर करके उनका स्वास्थ्य सही करता है और मूड ठीक करता है। अश्वगंधा औरतों के प्रजनन अंगों को सबल बनाता है और हार्मोन बैलेसिंग करता है। यह औरतों के सफेद पानी (श्वेत प्रदर) रोग भी ठीक करता है।

दिमाग के लिए –

यह मस्तिष्क (Brain) पर अच्छा असर डालता है जिससे कि याददाश्त ठीक होना और दिमाग की सक्रियता (activeness) बढ़ती है। अश्वगंधा शरीर को स्वस्थ बनाने के साथ ही दिमागी समस्या जैसे टेंशन, डिप्रेशन, नींद न आना जैसी समस्या भी ठीक करता है। इसके सेवन से दिमाग रीलैक्स रहता है और मूड भी सही रहता है। अश्वगंधा स्ट्रेस पैदा करने वाले हार्मोन Cortisol को कम करने में काफी लाभदायक देखा गया है।

Patanjali Ashwagandha ke fayde

नर्वस सिस्टम (Nervous system) को शक्ति दे –

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर अश्वगंधा या असगंध शरीर के तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) को मजबूत बनाता है जिससे थकान कम लगती है, दिमाग तेज होता है, बढ़ती उम्र के असर कम करे और सेक्शुअल स्टैमिना भी बढ़ाता है। अश्वगंधा बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करता है। आँखों की रोशनी तेज करने में भी अश्वगंधा फायदा करता है।

हड्डी मजबूत बनाए –

युवा हो या बूढ़े-बुजुर्ग हड्डी की कमजोरी किसी के लिए भी मुसीबत बन सकती है। इसके लिए रोजाना पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल या 1 छोटा चम्मच अश्वगंधा चूर्ण हल्के गरम दूध में पिसी मिश्री या शहद मिलाकर रात के खाने के 1 घंटे बाद पियें। इससे हड्डियाँ मजबूत बनती हैं और हड्डी के दर्द आदि भी दूर होते हैं।

इम्यूनिटी बढ़ाए –

अश्वगंधा कोरोना वायरस (कोविद 19) से बचाव करने वाली कई दवाओं में भी प्रयोग किया गया क्योंकि ये शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाकर रोगों से बचाव करता है। अगर शरीर अंदर से मजबूत होता है और उसकी प्रकृति द्वारा दी गई रोगप्रतिरोधक क्षमता सही से काम करती है तो कई तरह के छोटे-बड़े रोग, बदलते मौसम के असर से होने वाली बीमारियाँ, इन्फेक्शन (संक्रमण) से होने वाले रोग आदि होने की संभावनायें काफी हद तक कम हो जाती हैं।

आर्थ्राइटिस (गठिया) या जोड़ों का दर्द –

इन रोगों में राहत पाने के लिए दूध के साथ सुबह-रात 1 पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल लें। या फिर आप चाहें तो करीब 3-4 ग्राम अश्वगंधा का चूर्ण करीब 1 चम्मच देसी घी में मिलाकर भी ले सकते हैं, इससे भी गठिया के दर्द (joint pains) में आराम मिलता है।

मोटापा कम करने में (Ashwagandha benefits for weight loss in hindi) –

अश्वगंधा की पत्तियों का रस पीने से शरीर की फालतू चर्बी घटती है और मोटापा कम करने में मदद करता है। अश्वगंधा शरीर का उपापचय (मेटाबोलिस्म) तेज करता है जिससे पाचन प्रक्रिया तेज होती है और फैट बर्न होता है।

कैंसर से बचाव में प्रभावी –

अश्वगंधा में एंटी-कैंसर गुण होते हैं। अश्वगंधा में Withaferin नाम का बायोऐक्टिव कम्पाउन्ड होता है जोकि Cancer cells को खत्म करने और कैंसर की नयी सेल्स की ग्रोथ रोकने में असरदार देखा गया है। अश्वगंधा कई तरह के कैंसर के असर और इलाज में सहायक औषधि के रूप में भी मददगार है। एक स्टडी में देखा गया कि अश्वगंधा का सत्व (Ashwagandha extract) कैंसर सेल्स को अन्य अंगों में फैलने से रोकने में प्रभावी है। लिंक 

कमजोर हार्ट और हाथ-पैर कांपना –

अगर किसी का हृदय कमजोर (weak heart) है या हृदयगति अनियंत्रित होती है इससे थकान, उलझन, बेचैनी, अस्थिर मन जैसी मानसिक दिक्कतें और हाथ-पैर में कंपन या हिलना जैसे लक्षण दिखते हैं। ऐसी समस्या में अश्वगंधा फायदा करता है।

कुछ जरूरी बातें –

– अश्वगंधा की तासीर गर्म होती है इसलिए उष्ण-प्रकृति के लोगों को इसके अधिक सेवन से बचना चाहिए। इसके लिए अश्वगंधा शतावरी के साथ सेवन करना चाहिए। शतावरी की तासीर ठंडी होती है इसलिए यह अश्वगंधा के असर को बैलन्स करने का काम करता है।

अश्वगंधा शतावरी के फायदे खून साफ करने, बालों को मजबूत बनाने, पतले लोगों का वजन बढ़ाने में फायदा करता है। आप चाहे तो बराबर मात्रा में अश्वगंधा चूर्ण और शतावरी चूर्ण को मिलाकर 1 चम्मच रोज सेवन करें या 1 अश्वगंधा कैप्सूल और 1 शतावरी कैप्सूल का सेवन करें।

– लो बीपी की समस्या वाले लोगों को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ये ब्लड प्रेशर लेवल को कम करता है। अधिक अश्वगंधा के सेवन से पेट दर्द या दस्त की समस्या हो सकती है, इसलिए अश्वगंधा के सेवन में अति न करें और संतुलित मात्रा में ही लें।

– अश्वगंधा से बने कई प्रोडक्टस बाजार में मिलते हैं जैसे अश्वगंधा कैप्सूल या अश्वगंधा टैबलेट, अश्वगंधा चूर्ण, अश्वगंधारिष्ट, अश्वगंधा तेल, अश्वगंधा रस आदि। आप इन्हे किसी भी आयुर्वेदिक दवाएं बेचने वाली दुकानें, मेडिकल स्टोर्स से खरीद सकते हैं। अगर आप ये प्रोडक्ट ऑनलाइन खरीदना चाहते हैं तो ये लिंक देख सकते हैं > Ashwagandha

अश्वगंधा कैप्सूल के फायदे (Patanjali Ashwagandha capsule ke fayde in hindi) की जानकारी अपने दोस्तों और परिचितों को व्हाट्सअप, फेसबुक के माध्यम से शेयर करके जरूर बताएं, जिससे वे भी इस अद्भुत आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का लाभ उठा सकें।

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शब्दबीज संपादक पिछले 5 वर्षों से हिन्दी में विभिन्न विषयों पर अच्छे लेखों का प्रकाशन कर रही है। हमारा उद्देश्य है कि सही जानकारी, अनुसंधान और गुणवत्ता पूर्ण लेख से हमारे पाठकों का ज्ञानवर्धन हो।

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