ध्यान कैसे लगायें | 10 Tips for Meditation in hindi

Meditation in hindi ध्यान हिंदी में :

तन-मन के स्वास्थ्य के लिए ध्यान लगाना सबसे अच्छा उपाय है. दुनिया की सभी प्रसिद्ध और महान हस्तियों ने प्राचीन और आधुनिक काल में इनका पालन करके, इनके लाभ और महत्व को स्वीकारा है.

आजकल ध्यान सिखाने के कई केंद्र है, संस्थाएं हैं जो कि कई अलग अलग तरीको से ध्यान करना सिखाते हैं. ध्यान की सभी विधियों में कुछ बेसिक समानताएं हैं, जो इस बात की ओर इशारा करती हैं कि सभी क्रियाओं का मूल एक ही है.

इसलिए सभी क्रियाएँ अच्छी है. नियमित ध्यान करने से सभी तरीके लाभ देते हैं. अब हम ध्यान का तरीका और ध्यान के फायदे बतायेंगे.

1) सरल जीवन शैली का पालन Follow simple Lifestyle :

सादा-सात्विक भोजन करना, शरीर को साफ़-स्वच्छ रखना, सकारात्मक (Positive) विचार रखना और अच्छे गुणों का पालन मन में शांति, सुकून का अनुभव देता है. यह सब ध्यान के लिए सही मानसिक स्थिति बनाते है. सभी ध्यान क्रियाए इनके महत्व को स्वीकार करती है.

2) ध्यान करने का सही समय – Best time for meditation : 

सुबह 3 बजे से 6-7 बजे तक का समय और रात 10 बजे के बाद का समय ध्यान के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस समय वातावरण में शांति रहती है, व्यवधान (disturbance) कम होते है. ध्यान विधियों के अनुसार ये समय मानसिक शक्तियों के विकास के लिए बेस्ट होता है.

3) ध्यान कहाँ करें और ध्यान का आसन क्या हो – Best Asana & place for meditation :

ध्यान करने का स्थान आपके पूजा करने की जगह, कोई शांत कमरा या एकांत खुली जगह हो सकती है. एक ही जगह पर रोज ध्यान करना ध्यान मे प्रगति के लिए अच्छा माना जाता है.

जमीन पर कम्बल या ऊनी आसन बिछाकर पालथी मारकर सुखासन या पद्मासन में बैठें. चटाई, कुश के आसन, रुई की गद्दी (कुशन) भी प्रयोग कर सकते है. अगर जमीन पर बैठने में परेशानी हो तो किसी कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं.

ध्यान रखें कि कुर्सी की पीठ सीधी हो, जिससे कि आपकी backbone सीधी रहे और आपके पैर जमीन पर समतल (Flat) लगते हो. पैर के नीचे को Mat या मोटा कपड़ा हो जिससे पैर का सीधे जमीन से सम्पर्क न हो.

Dhyan kaise lagaye

Dhyan kaise kare – Meditation in hindi

4) शरीर की स्थिति (Posture) Sit straight in meditation :

ऑंखें बंद या अधखुली हों. पीठ सीधी होनी चाहिए, Backbone (मेरुदंड) एक सीध में हो. आराम से बैठे.

अकड़ कर या कोई ऐसी पोजीशन में न बैठे जिससे दर्द या प्रॉब्लम हो, नहीं तो आपका मन ध्यान में नहीं लगेगा. हाथ अपनी जांघों या घुटनों पर रखें. हाथ ऊपर की ओर खुले हुए हों. 

5) गहरी सांस लें या प्राणायाम करें Do deep breathing or Pranayama : 

ध्यान की शुरुआत में प्राणायाम करना या थोड़ी देर तक लम्बी सांस धीरे-धीरे लेना और धीरे-धीरे छोड़ना दिमाग और शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को बढाता है. इससे मष्तिष्क सक्रिय (Charge) होता है और विचारों को कण्ट्रोल करना सम्भव होता है.

गुस्से में, जोश में सांस बहुत तेज चलने लगती है और दुःख और निराशा में सांस धीमी हो जाती है. सांस की गति का विचारों पर असर होता है और असामान्य सांस से मानसिक अस्थिरता (Mental unsuitability)  पैदा होती है.

इसलिए प्राणायाम या गहरी और लम्बी सांस मन और विचारों में शांति लाती है, जिससे मन को एकाग्र करने में मदद मिलती है. 

6) खुद को परमपिता या परमशक्ति के अंश के रूप में अनुभव करना Becoming one with God : 

यह संसार उर्जा के अलग अलग रूपों की अभिव्यक्ति है. इस ब्रह्मांड में एक परम उर्जा या शक्ति का अस्तित्व है जोकि हमारा, सभी जीव जन्तु प्राणियों का और इस दुनिया का नियमित संचालन कर रही है.

हम भी उसी असीम ऊर्जा (Infinite energy source) का एक भाग है और उससे जुड़े हुए हैं. अपने आप को उस परम स्रोत का अंश मानने से हमें अपनी असीम क्षमता और संभावनाओ का अनुभव होता है.

ध्यान शुरू करते समय परमपिता/परमशक्ति से प्रार्थना की जाती है कि हमारा ध्यान सफल हो, हमें अपने दिव्य वास्तविक स्वरुप का अनुभव हो.

7) विचारो पर नियंत्रण कैसे करें – Focus your mind in hindi :

अक्सर ही मन में विचारों की एक Chain चलती रहती है. एक विचार अगले विचार को जन्म देता है और हमारा दिमाग इसी में व्यस्त रहता है. ध्यान विधियों में कहा गया है विचारो की गति को रोकें, विचार मुक्त होने का प्रयास करें.

इसके लिए जब मन में विचार आयें तो उन्हें आने-जाने दें, उनमे खोयें या उलझे नहीं. बस एक दर्शक की तरह विचारो के प्रवाह को देखें. किसी विचार को पकड़ कर उसे स्पीड न दें. 

इससे धीरे धीरे विचार की गति धीमी होती जाएगी और कम विचार आयेंगे. मन को एकदम विचार मुक्त करने में कितना समय लगेगा ? यह आपके इच्छाशक्ति और प्रयास की गंभीरता पर निर्भर करता है.

यही ध्यान की गहराई में जाने का रास्ता है. इसलिए धैर्य, लगन और पॉजिटिव सोच के साथ प्रयास करते रहें.

Dhyan in hindi

Dhyan in hindi – Dhayn vidhi

8) एक बिंदु पर मन केन्द्रित करें Focus mind on one point :

ध्यान में मन को विचारों से हटा कर एक बिंदु या एक विचार पर स्थिर करना होता है.

लगभग सभी विधियों में कहा गया है कि आंख बंद करके भौहों (Eye brow) के मध्य बिंदु पर देखने का प्रयास करें और मन को केन्द्रित करें. इसमें आपको बहुत जोर नहीं लगाना है कि आँखों या सिर में दर्द होने लगे. बस बंद आँखों में आराम से दृष्टि ऊपर को रखनी है. 

कुछ विधियों में मन को सांस लेने और छोड़ने पर फोकस करने के लिए कहा गया है या सांस लेने-छोड़ने के बीच के छोटे से अन्तराल पर ध्यान लगायें. 

9) किसी मंत्र का जप, किसी गुरु या शक्ति को याद करें Chant Mantra or affirmations :

ध्यान विधियों में कहा जाता है कि निरंतर विचार में लगे मन को एक बिंदु पर स्थिर करने के लिए आप मन में जिस किसी भगवान की पूजा करते हों उनकी छवि, रूप, भाव, गुणों के बारे में सोचे या अपने गुरु का ध्यान करें.

मन में उनसे प्रार्थना करें. किसी मंत्र का जाप करें या कोई सकारात्मक विचार दोहरायें जैसे मै निर्भय हूँ, मैं स्वस्थ हूँ, मै परमशक्ति का अंश हूँ आदि. इन क्रियाओं से मन को एकाग्र करना आसान होता है.

10) नियमित ध्या करें Meditate daily : 

जैसे हम रोजाना खाना खाते, सोते, दिनचर्या का पालन करते है उसी तरह ध्यान भी नियमित होना चाहिए. तभी ध्यान करने से होने वाले फायदों को आप महसूस कर पायेंगे. 

रोज ध्यान करने से हमारी विचार, कर्म और भावना में एक बैलेंस आता है जोकि जीवन में सफलता और सुख लाता है. प्रतिदिन ध्यान करने से ध्यान की गहराइयों में उतरना संभव बनता है.

11) मैडिटेशन सीखने के कोर्स और मैडिटेशन सेण्टर :

शुरू में ध्यान करने के लिए किसी गुरु या टीचर की जरुरत नहीं है. शुरुआत आप खुद कर सकते हैं.

अगर 1-2 महीने रोजाना ध्यान में बैठने के बाद भी आपको कोई समस्या होती है या शांति नहीं मिलती तो आप कोई गुरु,  मैडिटेशन सेण्टर या मैडिटेशन कोर्स ज्वाइन कर सकते हैं. 

ध्यान सीखने के लिए भारत में प्रमुख ध्यान केंद्र योगदा सत्संग सोसाइटी, आर्ट ऑफ़ लिविंग, ईशा फाउंडेशन, श्री रमण महर्षि आश्रम, माँ अमृतानन्दमयी आश्रम, परमार्थ निकेतन आश्रम, ब्रह्मकुमारी आश्रम, विपश्यना मैडिटेशन सेंटर हैं. 

ध्यान के फायदे – Meditation benefits in hindi :

– ध्यान से मन और शरीर की चंचलता, अस्थिरता रूकती है.

– ध्यान नर्वसनेस या घबराहट दूर करता है.

– जीवन में नियम और अनुशासन का पालन संभव बनता है.

– ध्यान करने से मानसिक शक्तियों का विकास होता है.

– रचनात्मकता बढती है.

– कोई समस्या या तनाव आप पर हावी नहीं होता है.

– गुस्सा,चिडचिडापन दूर होने से नर्वस सिस्टम ( तंत्रिका तंत्र ) शांत रहता है.

– ध्यान से स्वास्थ्य सुधरता है, हृदयगति सामान्य रहती है. ब्लड प्रेशर काबू में रहता है.

ध्यान से पढाई में मन लगता है. शारीरिक और मानसिक श्रम की क्षमता बढती है.

और भी कई अन्य लाभ है जो कि Dhyan करने के साथ अनुभव में आते है.

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5 Comments

  1. priyanka
    • Rishi
  2. Naveen
  3. Ravindra nath tiwari

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