बड़ों के पैर छूने के पीछे क्या प्राचीन विज्ञान छुपा हुआ है ?

By | 25/09/2015

पैर छूने का भारतीय रिवाज़Indian tradition of Feet touching

हमारे पूर्वजो और प्राचीन समय के विद्वानों की सबसे बड़ी खोज यह थी की उन्होंने प्रक्रति के कई रहस्यों को आज से हजारो सालो पहले ही समझ लिया था, वो भी जब उस दौर में आजकल जैसी सुविधाएँ नहीं थी. न सिर्फ उन्होंने ने इन रहस्यों को समझा, उनके महत्त्व को पहचाना बल्कि साथ ही साथ उन्होंने इन बातों को हमारे दिनचर्या में ऐसे जोड़ा, जिस से की वो हमारे संस्कार बनते चले गए.

अपने गुरुजन बड़े बूढों और माता पिता का पैर छूना (Feet-touching) एक ऐसा ही संस्कार है. आजकल लोग इस संस्कार का महत्व नहीं समझने की वजह से इसे नहीं करते या व्यर्थ की खानापूर्ति मान लेते है.

पैर छूने के पीछे छुपा वैज्ञानिक/मानसिक कारणScientific & Psychological Reason behind touching feet :

विज्ञानं इस बात को सिद्ध कर चुका है कि हमारे शरीर के चारो तरफ एक आभामंडल (Aura) होता है. लोगों की ऊर्जा-स्तर (energy level) के अनुसार हर मनुष्य का आभा मंडल अलग ऊर्जा और अलग रंग का होता है. जैसे कुछ लोग फुर्त और कुछ आलसी होते है. यह आभा मंडल हमारे ऊर्जा, मानसिक शक्ति, इच्छा-शक्ति (will power) और विचारो के प्रकार पर निर्भर करता है. हमारे विचारो और व्यव्हार से इनमे परिवर्तन आता रहता है.

Bado ke pair chhune ke fayde

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जब हम किसी का पैर छूते है तो यह दिखाता है की हम अपने अहम् से परे होकर किसी की गुरुता , सम्मान और आदर की भावना से चरण स्पर्श कर रहे है. किसी के समक्ष झुकना समर्पण और विनीत भाव को को दर्शाता है. जिसका हम पैर छूते है इस क्रिया से उसपर तुरंत मनोवैज्ञानिक असर (Psychological effect)  पड़ता है, और उसके ह्रदय से प्रेम, आशीर्वाद और संवेदना, सहानुभूति की भावनाएं निकलती है जो उसकी आभामंडल (Aura) में परिवर्तन लाती है .

पैर छूने से हम उस व्यक्ति के आभामंडल से अपने आभामंडल  में इन ऊर्जाओं को ग्रहण करते है जो की हमारे मनो-मष्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव ( Positive effect ) डालती है और हमारे आभामंडल (Aura) को अधिक ऊर्जावान बनाती है, हमारी नकारात्मक सोच और विचारों से हमें मुक्ति दिलाती है. बड़े लोगों के दिए हुए आशीर्वाद हमारे सौभाग्य में सहायक बनती है.

सही ढंग से अच्छी भावना के साथ पैर छूना चाहिए जिस से की वह व्यक्ति आपके सम्मान और आदर को अनुभव कर सके और उसके मन में आपके प्रति प्रेम और आशीर्वाद की भावनाएं उत्पन्न हो. इसलिए हमें निःसंकोच बड़ो के पैर छूना चाहिए और उनके आशीर्वाद ( Blessings )को ग्रहण करना चाहिए.

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