चावल खाने के फायदे | चावल के इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

चावल पूरे विश्व में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा उगाये जाने वाला अन्न है. दुनिया भर में चावल की 40,000 से भी ज्यादा किस्में पाई जाती हैं. विश्व स्तर पर पहले स्थान पर चीन और भारत दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा चावल का उत्पादन करता है. उत्तर भारत में चावल खाने का आवश्यक अंग है तो दक्षिण भारत में यह मुख्य भोजन के रूप में प्रयोग होता है. दुनिया का करीब 20 % चावल भारत में उगाया जाता है. चावल के प्रकार और चावल खाने के फायदे जानिए इस पोस्ट में. 

महकने वाले चावल :

दुनिया भर में बासमती चावल और चमेली चावल, महकने वाले चावल की किस्म में सबसे ज्यादा मशहूर है.

– चमेली चावल मुख्यतः थाईलैंड में उगाया जाता है. ये चावल लम्बे, खुशबूदार और पकाने के बाद कुछ चिपचिपे होते हैं. चमेली चावल की लम्बाई बासमती चावल से कम होती है और यह बासमती चावल से थोड़े मोटे होते हैं.

– बासमती चावल की खेती मुख्यतः भारत और पाकिस्तान में की जाती है. अमरीका में भी बासमती की कुछ किस्में उगाई जाती है पर वह भारतीय बासमती चावल के सामने कहीं नहीं ठहरती. बासमती चावल लम्बे, लाजवाब खुशबु वाले और पकने पर खिले-खिले से बनते हैं .

भारत में बासमती चावल की खेती का 60 % से ज्यादा हरियाणा में पैदा होता है. हरियाणा के ‘करनाल’ जिले में भारत का सबसे बढ़िया किस्म का बासमती चावल पैदा किया जाता है.

– बासमती चावल की खास खुशबु की वजह अरोमा कंपाउंड 2-एसीटिल -1-पायरोलिन तत्व की वजह से होती है. यह केमिकल प्राकृतिक रूप से बासमती चावल में बाकि चावलों की तुलना में 12 गुना ज्यादा पाया जाता है, जोकि बासमती चावल को खास भीनी खुशबु और स्वाद देता है.

संस्कृत भाषा में कच्चे चावल को तंडुल और पके चावल को ओदन कहा जाता है.

चावल खाने के फायदे व चावल के प्रकार :

Bhartiya Chawal ki kismein

– सफ़ेद चावल : भारत में सबसे ज्यादा खाए जाने वाला यह चावल बनने में समय कम लेता है और आसानी से पच भी जाता है. यह चावल खाने से डायरिया, पेचिश, कोलाइटिस जैसे पेट के रोगों में भी आराम पहुंचता है.

– भूरा चावल : कम स्टार्च और कम कैलोरी वाला यह चावल कई फायदेमंद गुणों से युक्त है तभी तो आजकल यह काफी ज्यादा उपयोग किया जा रहा है. इस चावल में पाए जाने वाला प्राकृतिक तेल बढे कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में सहायक है.

– लाल चावल : इस चावल का लाल रंग इसमें पाए जाने वाले भरपूर लौह तत्व की वजह से होता है. यह चावल शरीर में इन्सुलिन और ब्लड शुगर को संतुलित करता है. लाल चावल में पाए जाने वाला विटामिन B6 लाल रक्त कणिकाओं को बनाने और सेरोटोनिन निर्माण को संतुलित करने में सहायक है.

– उसना चावल : उसना चावल या पक्का चावल डायबिटीज (मधुमेह ) के रोगियों के लिए लाभदायक होता है. इस चावल में कैल्शियम, मैगनिशियम, आयरन, पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. धान को कूटने से पहले हल्का सा उबाल कर ये चावल बनाये जाते हैं.

भूरे चावल और सफ़ेद चावल में अंतर :

चावल कार्बोहायड्रेट का अच्छा स्रोत होता है. सफ़ेद चावल में भूरे चावल की तुलना में काफी कम पोषक तत्व पाए जाते हैं. भूरा चावल में ज्यादा फाइबर, ज्यादा प्रोटीन और पोषक तत्व पाए जाते हैं. सफ़ेद चावल और भूरा चावल एक ही चावल के दो प्रकार है. धान को कूटने से ऊपरी छिलका निकलने के बाद जो चावल निकलता है, वह एकदम सफ़ेद, चमकदार न होके हल्का भूरा सा रंग लिए हुए होता है. इस रंग का कारण चावल के फाइबर और पोषक तत्वों की परत की वजह से होता है.

Brown rice ke fayde hindi me

अब पता नहीं कैसे यह फैशन बन गया कि चावल मोतियों जैसे चमकदार दिखें पर भले ही उसके पोषक तत्व चले जाएँ. चावल की पुनः कुटाई, घिसाई और पोलिशिंग की जाने लगी,  जिससे सफ़ेद, चमकदार चावल आने लगे जोकि मुख्यतः अनावश्यक कैलोरी से भरपूर होते हैं.

दुनिया का सबसे महंगा चावल :

Duniya ka sabse mehnga chawal
Most expensive Rice in world

दुनिया का सबसे महंगा चावल जापान के टोक्यो शहर में बेचा गया है . 30 जून 2016 को यह चावल 109 डॉलर /केजी (करीब 7270 रुपये प्रति किलो) में टोक्यो राइस कारपोरेशन द्वारा बेचा गया. ऑनलाइन बेचे जाने वाला चावल के इस पैक में 6 गोल्डन अवार्ड विजेता चावल के पैक हैं. अपनी इस भारी भरकम कीमत की वजह से दुनिया का सबसे महंगा यह चावल गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल हुआ है.

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