पल्स ऑक्सीमीटर की रीडिंग में नॉर्मल रेंज की जानकारी

पल्स ऑक्सीमीटर एक मेडिकल यंत्र है जिसके रोगी के हार्ट और ब्लड के बारे में जरूरी जानकारियाँ पता चलती है। कोरोना (Covid19), कुछ खास तरह के Fever व अन्य बीमारियों में हृदयगति और रक्तप्रवाह (Blood circulation) में गड़बड़ियाँ होने लगती है। ऐसे में ऑक्सीमीटर का उपयोग रोगी की बदलती स्थिति के बारे में जरूरी जानकारी देता है। ऑक्सीमीटर की रीडिंग से हमे क्या पता चलता है और रीडिंग के Normal range की जानकारी इस लेख में पढिए। 

ऑक्सीमीटर क्या है, रीडिंग और नॉर्मल रेंज – What is Pulse Oximeter in hindi

शरीर में हार्ट का काम है ऑक्सीजन, खून और पोषक तत्वों को शरीर के सभी अंगों तक भेजना। अगर हार्ट सही से काम न करे तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। हमारे हार्ट के ब्लड सप्लाई  की गणना करने के लिए शरीर के कुछ हिस्सों उंगली के सिरे, कान का निचला हिस्सा आदि पर ऑक्सीमीटर लगा कर पता किया जा सकता है।  

ऑक्सीमीटर से रीडिंग लेने के लिए 5-20 सेकंड तक अपनी हाथ या पैर की उंगली, कान का निचला छोर (Ear lobe) में लगाना चाहिए। उंगली लगाते समय ध्यान रखें कि नाखून ऊपर की तरफ होना चाहिए। 

पल्स ऑक्सीमीटर Photoplethysmography नाम की टेक्नॉलजी पर काम करता है। फ़ोटोप्लेथिस्मोग्राफी शरीर में बहने वाले खून की मात्रा में हर पल्स (धड़कन) के साथ आने वाले बदलाव को नाप सकती है। Pulse oximeter को Photoplethysmograph भी कहा जाता है। 

पल्स ऑक्सीमीटर की रीडिंग्स – about Oximeter reading range in hindi

बाजार में मिलने वाले ज्यादातर ऑक्सीमीटर से 3 मुख्य जानकारियाँ SpO2, PRbpm और PI% प्राप्त होती हैं। SpO2, PRbpm की रीडिंग नंबर में और PI% ग्राफ और प्रतिशत के रूप में दिखाई देता है। इन सूचनाओं का मतलब क्या है और इन Parameters की Normal Range की जानकारी के बारे में आगे विस्तार से बताया गया है। 

पल्स ऑक्सीमीटर की जानकारी
पल्स ऑक्सीमीटर

1) SpO2 % का मतलब और नॉर्मल रेंज

पल्स ऑक्सीमीटर में SpO2 लेवल हमारे खून में मिली ऑक्सीजन के स्तर (O2 saturation) को दिखाता है। इससे मालूम चलता है कि क्या हमारे फेफड़े सही से काम कर रहे हैं और क्या वो सांस के जरिए खून में पर्याप्त ऑक्सीजन सप्लाई कर रहे हैं या नहीं।

बच्चों और 18 साल से ऊपर के लोगों में SpO2 की नॉर्मल रीडिंग 95 से 100 के बीच होती है। 95 से 90 की रीडिंग नॉर्मल से नीचे है और यदि SpO2% की रीडिंग 90 से कम है तो यह Hypoxia का लक्षण है जोकि खतरे का संकेत है।

हायपॉक्सिया यानि खून में ऑक्सीजन की कमी के लक्षण :

  • सांस लेने में दिक्कत / सांस ठीक से न ले पाना
  • सरदर्द या सीने मे दर्द
  • सांस तेज चलना
  • तेज हार्टबीट
  • खांसी
  • नाखून और होंठ या स्किन नीला पड़ना
  • भ्रम या कन्फ्यूज़न होना
  • सांस लेने में घरघराहट आदि के रूप में दिखते हैं।

2) PRbpm का अर्थ और इसकी नॉर्मल रेंज

ऑक्सीमीटर में PRbpm (Pulse Rate beats per minute) 1 मिनट में होने वाली हृदयगति की संख्या का सूचक है। सामान्य वयस्क की हार्ट बीट 60 से 100 के बीच तक हो सकती है। आमतौर पर ज्यादातर लोगों की हार्टबीट 65 से 80 के लगभग होती है।

अगर किसी व्यक्ति की सामान्य हृदयगति 60 से कम या 100 से ज्यादा है तो यह असामान्य गति होती है। लेकिन अगर किसी का हृदय बहुत स्वस्थ है जैसे कोई अच्छा खिलाड़ी तो उसकी हार्टबीट भी 60 प्रति मिनट से कम हो सकती है।

PRbpm को नापने के लिए व्यक्ति सक्रिय नहीं होना चाहिए। अगर आप चल-फिर रहे हैं या कोई भारी काम कर रहे हैं तो 5 मिनट रुक कर हार्ट बीट (BPM) मापनी चाहिए।

3) ऑक्सीमीटर में PI % का मतलब और नॉर्मल रेंज

PI का फुल फॉर्म Perfusion Index होता है। परफ्यूज़न इंडेक्स शरीर के हार्ट की Pulse Strength का इंडिकेटर है। PI % की रेंज 0.02% से 20% तक जाती है। 0.02% का मतलब पल्स बहुत Weak (कमजोर) है और 20% का मतलब पल्स बहुत ज्यादा ही Strong (तेज) है। इसके बीच की PI%(प्रतिशत) यानि 1.2 % से 11% तक नॉर्मल मानी जाती है। 

ऑक्सीमीटर में परफ्यूज़न इंडेक्स के ग्राफ से हम Heart function के बारे में जरूरी बातें जान सकते हैं।

PI Index meaning in Hindi
Perfusion Index – परफ्यूज़न इंडेक्स ग्राफ (PI%)

1) पहली तरह के ग्राफ में पल्स लाइन के उतार-चढ़ाव (spikes) में समानता है। इससे यह पता चलता है कि हार्ट अपनी सही क्षमता (Normal heart funtion) से काम कर रहा है।

2 & 3) दूसरे और तीसरे ग्राफ में पल्स लाइन अनियमित दिख रही है। कहीं पर चढ़ाव और कहीं उतराव (Waveform) में ठहराव दिख रहा है। इसका मतलब हार्टबीट अनियंत्रित और अनियमित (Irregular Heartbeat) है।

4) चौथी तरह के ग्राफ में पल्स लाइन के उतार-चढ़ाव की लाइन बहुत नीची है। ग्राफ की ऊंचाई (Spike) भी कम है। इसका अर्थ है कि हृदयगति का सिग्नल कमजोर (weak signal) है। ये बताता है कि या तो सिग्नल सही से नहीं मिल रहा है अथवा हार्टबीट काफी धीमी चल रही है।

अगर किसी नवजात शिशु में परफ्यूज़न इंडेक्स (PI) बहुत कम है तो ये किसी गंभीर समस्या के बारे में काफी सटीकता से बताता है। यदि किसी मरीज को ऐनिस्थिसिया (Anesthesia) दिया गया है तो उसका PI index धीमा होना ऐनिस्थिसिया का असर होने का इंडिकेटर है और PI बढ़ना Anesthesia failure होना दिखाता है।

ऑक्सीमीटर (Pulse Oximeter) के बारे में ये आवश्यक जानकारी बहुत लोगों के काम आ सकती हैं, अतः इस लेख को व्हाट्सप्प, फ़ेसबुक पर शेयर जरूर करें। 

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