देसी घी खाने के 6 फायदे, देसी घी वजन बढ़ाता नहीं कम करता है

भारत में हमेशा से ही देसी घी का सेवन स्वास्थ्यप्रद माना जाता है. गाँव के लोग, पहलवान, बूढ़े बुजुर्ग देशी घी के गुण गिनाते नहीं थकते थे. फिर भारत में दौर आया यूरोपियन चिकित्सा पद्धति का. पश्चिमी विज्ञान ने देसी घी सेवन के फायदों को सिरे से नकार दिया. स्वास्थ्य और वजन के प्रति सजग लोगों ने देशी घी से दूरी बना ली. लेकिन हालिया नई रिसर्च ने बताया है कि हमारे पूर्वज गलत नहीं थे, देशी घी वाकई एक स्वास्थ्यवर्धक भोज्य पदार्थ है. आइये देशी घी के फायदे जानते हैं.

देशी घी आसानी से पचता है :

देशी घी में Butyric acid काफी मात्रा में पाया जाता है, इसके अतिरिक्त देशी घी में सरलता से विघटित होने वाले सैचुरेटेड फैट होते हैं. देशी घी इन तत्वों की वजह से वनस्पति घी, तेल की तुलना में आसानी से पच जाता है. आयुर्वेद के अनुसार देसी घी पित्त का शमन करता है मतलब उष्ण तत्व को शांत करता है. अतः यह कब्ज से बचाता है और शरीर से टोक्सिन बाहर करता है.

इसका सेवन वजन कम करता है

देशी घी में Conjugated Linoleic acid प्रचुर मात्र में पाया जाता है. यह तत्व शरीर का वजन कम करने में प्रभावकारी माना गया है. देसी घी में पाए जाने वाला सरल विघटित सैचुरेटेड फैट शरीर के जमे, जिद्दी फैट को घटाने में मदद करता है और मेटाबोलिज्म तेज करता है. इसलिए देसी घी से डरिये नहीं और संतुलित मात्रा में सेवन करके फायदे पाइए.

यह हार्मोन संतुलन करता है :

देसी घी में विटामिन A, विटामिन K2, विटामिन D, विटामिन E जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जोकि हार्मोन निर्माण और संतुलन के लिए आवश्यक हैं. गर्भवती स्त्री हो या स्तनपान कराने वाली माताएँ देसी घी का सेवन इनके लिए अच्छा होता है.

Deshi ghee ke fayde hindi me

देशी घी ह्रदय के लिए अच्छा है :

हृदय की धमनियों की रुकावट होने से हृदय की बीमारी होती है. देसी घी में पाए जाने वाला विटमिन K हृदय धमनियों की रुकावट से बचाता है. देसी घी शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल घटाता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाकर संतुलन स्थापित करता है.

देशी घी रोग प्रतिरोधकता और हड्डियाँ मजबूत करता है :

देसी घी में एंटीकैंसर, एंटी वायरल गुण होते हैं. बच्चे, बूढ़े या जवान सभी के लिए देसी घी का सेवन फायदेमंद है. इसमें पाए जाने वाले विटामिन और पोषक तत्व हड्डियाँ मजबूत बनाते है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं.

देसी घी जल्दी जलता नहीं :

देसी घी का Smoking point उच्च होता है अतः यह गर्म करने पर जल्दी जलता नहीं. अन्य तेल, कृत्रिम घी गर्म करने पर विघटित होकर फ्री रेडिकल्स मुक्त करने लगते हैं. फ्री रेडिकल्स एक अस्थायी कण होता है जोकि शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाता है और कई बीमारियों को जन्म देता है. चूंकि भारतीय खाने में तलना, भूनना एक नियमित प्रक्रिया है अतः देशी घी का प्रयोग इस प्रकार से अधिक उपयुक्त है.

देशी घी की एक बड़ी खूबी यह है कि ये जल्दी खराब नहीं होता. इसे ठंडा करने या रेफ्रीजरेट करने की आवश्यकता नहीं होती. इसे सामान्य तापमान पर भी स्टोर करके रखा जा सकता है. भैंस के दूध के घी की बजाय गाय के दूध से बना घी बेहतर माना जाता है. बाजार से खरीदे घी की तुलना में घर में बनाया हुआ देसी घी बहुत अच्छा होता है.

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