एड्स रोग क्यों बेअसर है इन लोगों पर, HIV कैसे होता है ?

दुनिया की कुल आबादी के 1% लोग ऐसे भी हैं, जिनपर HIV वायरस का कोई असर ही नहीं होता. प्रकृति के इस छुपे रहस्य का पता कुछ वर्षों पहले ही चला है. इस पोस्ट में जानिए ये अद्भुत जानकारी.

एच आई वी कैसे होता है – How HIV works in hindi :

HIV होने के 4 प्रमुख कारण –

  • एचआईवी संक्रमित इंसान से असुरक्षित यौन संबंध बनाने से 
  • एचआईवी संक्रमित इंसान को लगाई गई इन्जेक्शन किसी अन्य को लगाने से 
  • एचआईवी संक्रमित इंसान का खून किसी को चढ़ाने से 
  • एचआईवी संक्रमित माँ से होने वाले बच्चे को भी यह हो सकता है 

एच आई वी में क्या होता है :

एचआईवी वायरस खून में पाए जाने वाली CD4+ T सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाए जाने वाले CCR5 प्रोटीन पर कब्जा करके कोशिका के अन्दर प्रवेश कर जाता है. जिसके बाद वो पूरे शरीर में फैलने लगता है. 

जब व्यक्ति का शरीर पूरी तरह HIV Virus से संक्रमित हो जाता है और शरीर में इसके लक्षण दिखने लगते हैं तो इसे एड्स की बीमारी कहा जाता है. एड्स रोग शरीर के रोग प्रतिरोधक तंत्र को प्रभावित करता है. इससे शरीर में बीमारियों से बचाव की क्षमता (immunity) घटने लगती है.

सफ़ेद रक्त कोशिकाएं (White blood cells) ही हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत देती हैं. जब Hiv Virus इन्हें कम करने लगता है तो व्यक्ति को कई तरह के अन्य रोग होने लगते हैं और शरीर कमजोर होता चला जाता है. इस कमजोरी से एड्स रोगी उबर नहीं पाता और उसकी मृत्यु हो जाती है.

एच आई वी कैसे होता है

एड्स रोग – Aids disease in hindi :

एड्स रोग का टेस्ट खोजने का श्रेय फ्रेंच वायरोलोजिस्ट Luc Montagnier और Dr. Robert Gallo को जाता है. Aids एचईवी वायरस के संक्रमण से होता है. Aids एक लाइलाज बीमारी है जिससे दुनिया में हर वर्ष करीब 10 लाख लोगों की मृत्यु होती है.

एड्स का इलाज खोजने में दुनिया भर के वैज्ञानिक लगे हैं पर अभी तक कोई ऐसी दवा या वैक्सीन नहीं बनी है जोकि एड्स एकदम ठीक कर दे या एड्स होने ही न दे.

एड्स प्रतिरोधी लोग कौन हैं ?  Immune to HIV in hindi :

वैज्ञानिकों ने 2005 में इस तथ्य का पता लगाया कि मुख्यतः उत्तरी यूरोप और अफ्रीका, एशिया, मूल अमेरिकन जाति के कुछ लोगों के खून में CCR5-Delta32 नामक अद्भुत जीन म्युटेशन पाया जाता है. ऐसे लोग दुनिया की कुल आबादी का 1% से भी कम हैं. आज दुनिया की आबादी 760 करोड़ है तो लगभग 5-6 करोड़ लोग ऐसे हैं जोकि Immune to HIV हैं.

CCR5-Delta32 जीन म्युटेशन जिसके शरीर में होता है उनके सफ़ेद रक्त कोशिका की सतह पर CCR5 प्रोटीन पाया ही नहीं जाता. इस वजह से HIV वायरस कोशिका में प्रवेश नहीं कर पाता और बेअसर हो जाता है.

ऐसे भाग्यशाली लोगों को यह CCR5-Delta32 जीन म्युटेशन अपने माता-पिता दोनों से मिला होता है. अगर माता-पिता में से किसी एक से भी यह जीन म्युटेशन मिला हो तो भी बाकी जनता की तुलना में Aids होने की सम्भावना बहुत-बहुत कम होती है.

Immune to HIV

रिसचर्स ने पता लगाया है कि ये जीन म्युटेशन सम्भवतः 15 सदी के आस-पास पहली बार कुछ मनुष्यों के शरीर में पैदा हुआ था. इस बात का अभी तक ठीक ठीक पता नहीं चल पाया है कि जिन लोगों में यह जीन म्युटेशन होता है, उन्हें यह पीढ़ी दर पीढ़ी क्यों और कैसे मिलता चला आ रहा है.

2008 में University of Manitoba में हुई एक स्टडी में भी ये पाया गया कि केन्या की कुछ महिला सेक्स वर्कर्स को एड्स नहीं हुआ, जबकि वो 3 साल से ऐसे कई लोगों के सम्पर्क थीं जिनके शरीर में HIV वायरस थे।

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ऐसे 2 लोग जिनका एचआईवी ठीक हुआ :

ऊपर बताए गए एड्स प्रतिरोधी लोगों में कुछ ने एड्स के इलाज में मदद की है जिससे 2 लोगों का एच आई वी ठीक हुआ है। इनके नाम हैं :

  1. जर्मनी के बर्लिन शहर में रहने वाले Timothy Ray Brown
  2. लंदन के रहने वाले Adam Castillejo

जी हाँ ! ये दो ऐसे लोग हैं जिनका एड्स रोग ठीक हुआ है। एच आई वी प्रतिरोधी व्यक्ति से Bone Marrow लेकर एड्स रोगी के शरीर में Bone marrow Transplant किया गया।

ये Stem Cell ट्रांसप्लांट एक Safe प्रक्रिया नहीं है और असल में इस ट्रांसप्लांट का मकसद इन 2 रोगियों के कैंसर के इलाज हेतु किया गया था। मगर ट्रांसप्लांट के बाद टेस्ट रिपोर्ट में HIV नेगटिव आया। 

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