काली मिर्च के 12 फायदे, काली मिर्च कैसे खाएं

काली मिर्च खाने के लाभ :

काली मिर्च प्रमुख भारतीय मसालों में एक है. दुनिया भर के सभी देशों में इसका प्रयोग किया जाता है. खाने को स्वाद और महक देने के अतिरिक्त काली मिर्च के कई सेहतमंद फायदे भी है.

– काली मिर्च में पाइपराइन नामक तत्व होता है जोकि कैंसर होने से बचाता है.

– यह पाइपराइन तत्व भोजन पचाने में मदद करता है और पेट सम्बन्धी कई बीमारियां ठीक करने में भी कारगर है. यह पेट में पाए जाने वाले हाइड्रोक्लोरिक एसिड का स्राव तेज करता है, जिससे पाचन अच्छे से हो सके. पाचन सही हो तो पेट की अधिकतर बीमारियाँ होती ही नहीं. काली मिर्च पेट में गैस बनने की सम्भावना दूर करता है. सभी आयुर्वेदिक पाचक चूर्ण और गोली में काली मिर्च अवश्य प्रयोग होता है.

काली मिर्च के पाइपराइन नामक तत्व में एंटी-डिप्रेसंट गुण होते हैं जोकि टेंशन, डिप्रेशन दूर करते हैं. यह तंत्रिका तन्त्र को सजग करता है और स्वस्थ रखता है.

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कच्ची काली मिर्च

– काली मिर्च विटिलिगो त्वचा रोग, चेहरे पर महीन लाइन, सिकुड़न और अन्य स्किन समस्याओं को ठीक करने में सहायक माना गया है.

– सदियों से काली मिर्च का प्रयोग खांसी, जुकाम, बंद नाक, ठंडी लगने जैसी बीमारियों को सफलतापूर्वक ठीक करने में किया जाता रहा है. इसके लिए अदरक-काली मिर्च-तुलसी-शहद का काढ़ा पियें या फिर कूटकर चाय के साथ उबाल लें.

– सर में डैंड्रफ यानि की रूसी की समस्या दूर करने के लिए 1 चम्मच पीसी काली मिर्च चूर्ण को दही में मिलाकर सर की त्वचा में लगायें. आधे घंटे लगे रहने के बाद पानी से धो दें. इसके अगले दिन बाल शैम्पू से धो दें.

– काली मिर्च मेटाबोलिज्म को तेज करता है. मेटाबोलिज्म तेज होने से अनावश्यक मोटापा और कैलोरीज नष्ट होती हैं. अतः अगर आप वजन घटाने के इच्छुक हैं तो काली मिर्च को अपनी डाइट में अवश्य स्थान दें.

– काली मिर्च में विटामिन A, विटामिन C, एंटी-ओक्सिडेंट, फलेवोनोइडस पाए जाते हैं. काली मिर्च का एंटी बैक्टीरियल गुण स्वांस सम्बन्धी रोगों को भी दूर करता है.

काली मिर्च का तेल भी फायदेमंद होता है. बाजार में काली मिर्च एसेंशियल आयल मिलता है. इस तेल की प्रवृत्ति गर्म होती है. इस तेल की मालिश से रक्त संचार तेज होता है, जिससे आर्थराइटिस, गाउट, गठिया रोग में आराम मिलता है.

– दांतों के दर्द में यह तुरंत फायदा पहुंचाता है. दंत रोग से बचाने में यह अच्छा काम करता है, इसीलिए आयुर्वेदिक दंत मंजन चूर्ण में काली मिर्च अवश्य प्रयोग होता है.

– काली मिर्च में डाईयूरेटिक, डाईअफोरेटिक गुण पाए जाते हैं. इन गुणों की वजह से काली मिर्च शरीर के विषैले टोक्सिन तत्व, अनावश्यक यूरिक एसिड, बढ़ा हुआ नमक की मात्रा शरीर से बाहर करता है.

काली मिर्च कैसे खाएं :

वैसे तो लोग गरम मसाले में खड़ी काली मिर्च डालते हैं, लेकिन ताज़ी कुटी काली मिर्च ज्यादा फायदेमंद होती है. ताज़ी कुटी काली मिर्च आमलेट, फ्राइड राइस, सलाद, सूप, पास्ता, छांछ आदि में डालकर खाई जा सकती है. इससे स्वाद भी बढ़िया होगा और फायदे भी मिलेंगे.

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पेप्पर क्रशर

काली मिर्च हमेशा एयर टाइट डिब्बे में रखें. इससे काली मिर्च का स्वाद और महक बरकरार रहेगा. काली मिर्च का चूर्ण बनाने से अच्छा है कि जब भी आवश्यकता हो, तुरंत थोड़ा काली मिर्च कूट लें. काली मिर्च कूटने के लिए बाजार में पेप्पर क्रशर भी मिलता है, जोकि थोड़ी मात्रा में काली मिर्च पीसने के लिए बढ़िया होता है.

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