वरुण ग्रोवर : नेशनल अवार्ड विनर गीतकार, स्क्रीनराइटर, कॉमेडियन और लेखक

साल 2016 में आई फिल्म दम लगा के हइशा का एक गाना ये मोह मोह के धागे इतना लोकप्रिय हुआ कि इसे बेस्ट लिरिक्स केटेगरी में नेशनल अवार्ड विजेता पुरस्कार दिया गया. इस गीत के लेखक वरुण ग्रोवर बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं. शिक्षा से इंजीनियर वरुण लेखन के क्षेत्र में कैसे आये व उनसे जुड़े अन्य तथ्य जानिए इस लेख में.

varun grover biography

वरुण ग्रोवर : बचपन और शिक्षा –

सन 1980 में हिमांचल प्रदेश के सुंदरनगर शहर में पैदा हुए वरुण ग्रोवर के पिता आर्मी इंजीनियर और माँ एक स्कूल टीचर थीं. वरुण का बचपन सुंदरनगर, देहरादून में बीता और किशोरावस्था में वो लखनऊ, उत्तर प्रदेश आ गये. वरुण कविता, कहनियाँ लिखने पढने के शौक़ीन थे पर स्कूली पढाई में भी अच्छे थे. वरुण ने IIT BHU (बनारस) से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. वरुण ने अपने कॉलेज के दिनों में कॉलेज थिएटर टीम के लिए प्ले भी लिखे.

2003 में पढाई पूरी करने के बाद वरुण ग्रोवर पुणे में एक कंपनी में सॉफ्टवेयर कंसलटेंट के रूप में  कार्यरत हो गये. दिन दिन भर कोडिंग करना और ऑफिस लाइफ के हर रोज़ के रूटीन से वरुण बोर होने लगे. 2004 में वरुण ने जॉब छोड़ी और वो लेखक बनने मुंबई आ गए. मुंबई में उनको पहला काम कुछ दिन संघर्ष के बाद द ग्रेट इंडियन कॉमेडी शो के स्टाफ राइटर के रूप में मिला.

लेखन का सफ़र : टीवी सीरियल से फिल्मों तक –

वरुण अब टीवी धारावहिकों के लिए लिखने लगे जिनमें दस का दम, ओये इट्स फ्राइडे, जय हिन्द, सबका भेजा फ्राई आदि प्रमुख हैं. आगे बढ़ने की ललक में वरुण ने एक फिल्म Accident on Hill Road के लेखन का भी कार्य किया, पर फिल्म फ्लॉप हुई. वरुण ये बात समझ गए कि वो बॉलीवुड मसाला कमर्शियल फिल्मों के फ्रेम में फिट नहीं बैठ रहे, सो वो रुक गए और सही फिल्म का इंतजार करने लगे.

varun grover songs

Passion for Cinema नामक फिल्म वेबसाइट के प्रमोशन के दौरान वरुण फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप से मिले. बात बन गयी और वरुण ने अनुराग की फिल्म गैंग्स ऑफ़ वासेपुर और द गर्ल इन येलो बूट्स के गीत लिखे. गैंग्स ऑफ़ वासेपुर के वोमनिया, हंटर, जिया तू गाने अपने अलग हटके फ्लेवर और खास अंदाज की वजह से बहुत पसंद किये गये.

वरुण ग्रोवर ने उड़ता पंजाब, मसान, रमन राघव, फैन, दम लगा के हइशा, आँखों देखी, जुबान, आदि 15 फिल्मों के लिए गीत लेखन का कार्य किया है. सन 2015 की फिल्म मसान के गीत और कहानी दोनों ही वरुण ग्रोवर ने लिखी है, यह फिल्म क्रिटिक्स ने काफी सराही और भारत और विदेश के कई पुरस्कार से नवाजी गयी. इसके अतिरिक्त वरुण एक स्टैंड अप कॉमेडियन भी है, यूट्यूब पर आप इनके कई कॉमेडी स्टैंड अप वीडियो देख सकते हैं जोकि लाखों बार देखे और पसंद किये गए हैं.

वरुण ग्रोवर जब लेखन के क्षेत्र में उतरे तो उनकी शुरुआती आमदनी उनके सॉफ्टवेयर जॉब के सैलरी की चौथाई भी नहीं थी. अपने दिल की आवाज़ सुनना और अपनी काबिलियत पर भरोसा करके आगे बढ़ते रहना ही संघर्ष से लड़ने और सपनों को पूरा करने का तरीका है. आज सफल वरुण ग्रोवर और मशहूर लेखक हैं, राज्यसभा टीवी के लिए दिया गया उनका यह इंटरव्यू आपको बेहद पसंद आएगा.

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