स्तन कैंसर होने के 7 कारणों से बचें | Breast Cancer Reasons in hindi

ब्रेस्ट कैंसर होने के कारण | Breast Cancer kaise hota hai 

7 ऐसे कारण हैं जोकि स्तन कैंसर होने (Breast cancer) का कारण बन सकती हैं। आम तौर पर गलत लाइफस्टाइल, आदतें और Genes की गड़बड़ियों के कारण Cancer होने की संभावना होती है लेकिन इनके अलावा भी ऐसे बहुत सी चीजें हैं जो Breast Cancer होने के रिस्क को बढ़ाकर आपके जीवन को खतरे में डाल सकते हैं। 

ब्रेस्ट कैंसर क्यों होता है | Breast cancer in hindi language 

कुछ लोगों को कैंसर होने का एक कारण उनके DNA में मौजूद जीन्स में बदलाव आना भी है। इसमें कुछ बदलाव ऐसे होते हैं जो उनकी पीढ़ी-दर-पीढ़ी ट्रांसफर होते जाते हैं और मौका पाकर किसी में इस रोग को उभार देते हैं। यह जेनेटिक म्यूटेशन के कारण होनेवाला स्तन कैंसर है। इस तरह का स्तन कैंसर माहौल में पाए जानेवाले तरह-तरह के फैक्टर्स से प्रकट हो सकता है। 

कुछ विशेष पदार्थ, परिस्थितियाँ (Conditions) और चीजें हैं, जिनके संपर्क में आने से (exposures) से कार्सीनोजन (carcinogen) मतलब कैंसर पैदा हो सकता है. कुछ कार्सीनोजन हमारे DNA पर सीधे-सीधे असर नहीं डालते। वे कुछ अन्य कारणों से कैंसर को पैदा करते हैं जिससे कोशिकाएं असामान्य गति से बंटने और बढ़ने लगती हैं। 

ये Reason for breast cancer in hindi इस प्रकार है – 

1) अपनी ब्रा में मोबाइल फोन रखना | Don’t Put Mobile Phone in Bra

ये बात तो सिद्ध हो चुकी है कि जिन औरतों का X-ray और CT स्कैन बहुत ज्यादा बार हुआ हो, उन्हें ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। कुछ ऐसी औरतें जिन्हें बचपन में शरीर के किसी अन्य अंग में कैंसर हुआ और उसके इलाज के लिए छाती के आसपास रेडिएशन का ट्रीटमेंट लेना पड़ा हो उनको भी स्तन कैंसर (Breast cancer) होने की आशंका अधिक देखी गई है। 

वैसे तो मोबाइल के ज्यादा प्रयोग से ब्रेस्ट कैंसर होने की बात अभी सिद्ध नहीं हुई है लेकिन मोबाइल से रेडिएशन तो निकलता ही है, इसलिए डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि औरतों को अपने ब्लाउज या ब्रा में मोबाइल नहीं रखना चाहिए। 

2) शराब पीने से स्तन कैंसर की सम्भावना | Breast Cancer due to Alcohol consumption

शराब यानि एल्कोहोल का सेवन करनेवाली लड़कियों और औरतों को ब्रेस्ट कैंसर होने का कारण बना सकता है। इसलिए एल्कोहोल का सेवन समझदारी से करें और अगर न ही करें तो बेहतर होगा। 

breast cancer kaise hota hai
सावधानी बरतें और स्तन कैंसर होने के खतरे से बचें 

3) बच्चे को स्तनपान न कराना | Breastfeeding effect on Breast Cancer

वैज्ञानिकों की रिसर्च में देखा गया कि जो औरतें अपने बच्चों को कम से कम 6 महीने तक या इससे ज्यादा महीने दूध पिलाती थीं, उनमें स्तन कैंसर होने की संभावनाएं बहुत कम हो गईं। ये बात भी सामने आई कि नियमित स्तनपान कराने वाली स्त्रियों में गर्भाशय का कैंसर (Ovarian cancer) होने की संभावना भी कम हो जाती है।

जो बच्चे अपने माँ से भरपूर दूध पाते हैं, उनमें भी कैंसर होने की संभावना कम होती है। आजकल की व्यस्त लाइफस्टाइल में कामकाजी माएं या कभी किसी रोग की वजह से औरतें बच्चों को दूध नहीं पिला पातीं, जोकि आगे चलकर स्तन कैंसर होने की संभावना पैदा कर सकता है। अगर स्तनपान कराने में कोई समस्या है या दूध नहीं बन रहा है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। 

4) शरीर में कोलेस्ट्रोल का लेवल हाई होना | High Cholesterol can cause Breast Cancer

एक नई स्टडी में ये पता चला है कि जिन औरतों में कोलेस्ट्रोइल का लेवल हाई होता है उनमें स्तन कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मामलों में उन्हें स्तन कैंसर होने का रिस्क 64 % तक देखा गया है।

5) शरीर में आयोडीन की कमी होना | Iodine deficiency can cause Breast Cancer 

आयोडीन में कई तरह के कैंसर का विरोध करने की खासियतें (AntiCancer Qualities) होती हैं. ये देखा गया है कि आयोडीन स्तन कैंसर और थायरोइड कैंसर (Thyroid Cancer) की कोशिकाओं को नष्ट कर देता है. इसलिए शरीर में आयोडीन की कमी न होने दें. 

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6) सिंथेटिक हार्मोन रिप्लेसमेंट लेना | Synthetic hormone replacement therapy can cause Breast Cancer

स्तन कैंसर होने का संबंध एस्ट्रोजन (estrogen) हार्मोन से होता है. हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी लेनेवाली औरतों में ब्रेस्ट कैंसर अधिक देखा गया है। कम उम्र की लड़कियों को गर्भ-निरोधक गोलियां (Birth control pills) लेने से भी स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ता है। 

अगर आपको रजोनिवृत्ति (Menopause) आने के लक्षण समय से पहले आ रहे हों या लक्षण ज्यादा हो रहे हों तो अपनी लेडी डॉक्टर से बायोआइडेंटिकल हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी (Bio identical Hormone Replacement Therapy) के बारे में बात करनी चाहिए। 

इस थैरेपी में उन हार्मोन का उपयोग किया जाता है जिनकी आणविक संरचना शरीर के द्वारा बनाए जानेवाले हार्मोन के जैसी होती है इसलिए वे शरीर के साथ तालमेल बिठा लेते हैं। 

7) गलत तरह के एंटीपर्सपिरेंट का प्रयोग | Use of Wrong Antiperspirant causes Breast Cancer

एंटीपर्सपिरेंट बॉडी स्प्रे बाजुओं के भीतरी सिरे में पसीना बनानेवाले पोर्स को ढ़क देते या बंद कर देते हैं. इनमें धातु के बहुत बारीक कण होते हैं जो स्प्रे या रोल किए जाने पर स्किन के भीतर चले जाते हैं.

एक रिसर्च में यह पता चला है  हमारा शरीर इन स्प्रे में मौजूद एल्यूमीनियम को एब्सॉर्ब नहीं करता है बल्कि वे हमारे ब्रेस्ट टिशू में जमा हो जाता है. इसलिए एंटीपर्सपिरेंट न प्रयोग करें. 

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8) BPA और Phthalates जैसे प्लास्टिक या अन्य ज़ेनोएस्ट्रोजन (Xenoestrogens) जैसे केमिकल के संपर्क से 

कुछ लो-क्वालिटी प्लास्टिक से बने बर्तन, सामान के संपर्क में आने से कैंसर होने की संभावना रहती है। कुछ ऐसे केमिकल भी होते हैं जोकि महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से बनने वाले एस्ट्रोजन हॉर्मोन जैसा ही असर करते हैं, इन केमिकल के संपर्क में आने से भी स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। 

बताये गए इन सभी कारणों से बचाव का प्रयास कठिन नहीं है। बस थोड़ी सी सजगता और सावधानी आपको ब्रेस्ट कैंसर (Stan Cancer) से बचाने में कारगर सिद्ध होगी। 

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यह भी पढ़ें :

source : https://www.cancer.org/cancer/cancer-causes/radiation-exposure/cellular-phones.html

https://www.mdanderson.org/publications/focused-on-health/breastfeeding-breast-cancer-prevention.h19-1589046.html

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