जाकिर खान बायोग्राफी, जाकिर खान की कॉमेडी इतनी पॉपुलर क्यों है | Zakir Khan biography hindi Zakir Khan Comedy

जाकिर खान बायोग्राफी, जाकिर खान की कॉमेडी इतनी पॉपुलर क्यों है | Zakir Khan biography hindi Zakir Khan Comedy

जाकिर खान बायोग्राफी :

जाकिर खान हिंदी में कॉमेडी करने वाले गिने-चुने सफल स्टैंडअप कॉमेडियंस में एक हैं. आजकल जाकिर खान द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज शो में अक्षय कुमार, मल्लिका दुआ के साथ दिखाई देते हैं. जाकिर खान के कॉमेडी विडियोज यूट्यूब पर मिलियंस व्यूज पाते हैं.

बेहतरीन टाइमिंग, लाजवाब देसी कॉमेडी और दर्शकों के दिल को छूने वाली बातों के खास अंदाज से जाकिर बड़ी तेजी से सफलता की नई ऊंचाईयाँ छू रहे हैं. जाकिर खान एक कॉमेडियन होने के साथ ही लेखक, कवि, यूट्यूबर, म्यूजिशियन भी हैं.

20 अगस्त 1987 को इंदौर, मध्य प्रदेश में जन्में जाकिर के पिता इस्माइल खान एक म्यूजिक टीचर हैं. उनके परिवार के अन्य सदस्य माँ कुलसुम खान और दो भाई जीशान खान, अरबाज़ खान हैं. संगीत जाकिर खान को विरासत में मिला था, खुद जाकिर भी सितार में डिप्लोमा हैं. जाकिर खान ने बी.कॉम की पढाई की है, उसके बाद वो कॉमेडियन बनने की राह पर चल पड़े.

– कॉमेडी करने का शौक जाकिर को बचपन से ही था, लेकिन शौक होना और सफल होना दो अलग बातें हैं. जब जाकिर ने पहली बार किसी स्टैंड-अप कॉमेडी शो में भाग लिया तो उन्हें 2 मिनट में ही स्टेज से हट जाने के लिए कहा गया. लेकिन पैशन ऐसी चीज़ ही है, हौसले टूटते नहीं. जाकिर डटे रहे और अपनी कॉमेडी में निरंतर सुधार करते रहे.

– जाकिर को लिखने का भी शौक है. जाकिर की लिखी कई बेहतरीन कवितायेँ और शायरी इन्टरनेट पर मौजूद हैं. कॉमेडियन बनने से पहले, पैसे कमाने के लिए जाकिर खान ने 4 साल तक Fever 104 FM के लिए कॉपीराइटर, रिसर्चर का काम भी किया है. इसके पहले दिल्ली में संघर्ष के दिनों में सितार वादक का काम करके जाकिर ने कई दिनों तक अपना खर्चा निकाला.

– साल 2012 जाकिर खान के जीवन में बड़ा बदलाव लाया, जब उन्होंने कॉमेडी सेंट्रल चैनल के India’s Best Stand-up Comedian शो में न सिर्फ भाग लिया, बल्कि जीता भी. जाकिर खान मशहूर हो रहे थे और दिल्ली एनसीआर में कई शो कर रहे थे.

– 2015 में AIB यूट्यूब चैनल ने अपना नया शो On Air with AIB शुरू किया था, जिसके हिंदी वर्जन के लिए उन्हें के कॉमेडियन की तलाश थी. जाकिर के एक दोस्त कॉमेडियन राघव मंडवा ने AIB में उनकी सिफारिश की. AIB को जाकिर का काम पसंद था, उन्होंने जाकिर को AIB में काम ऑफर किया.

उधर जाकिर भी एंटरटेनमेंट नगरी मुंबई शिफ्ट होना चाहते थे, उन्होंने ऑफर स्वीकार किया और मुंबई आ गये. On Air with AIB का हिंदी वर्जन काफी पसंद किया और मुंबई में भी जाकिर को सफलता मिलने लगी.

– जाकिर Canvas Laugh Club से जुड़े और काफी सारे सफल शोज किये. भारत के अलावा जाकिर ने दुबई, सिंगापुर, फिलिपीन्स जैसे कई देशों में भी शो किये हैं. जाकिर खान की सफलता से प्रभावित होकर Amazon ने उन्हें अमेज़न प्राइम स्पेशल शो के लिए करार किया. हक़ से सिंगल जाकिर खान का यह शो अमेज़न प्राइम ऑनलाइन विडियो सर्विस पर जबर्दस्त हिट रहा.

जाकिर खान इतना पॉपुलर क्यों हैं ?

जाकिर खान की खासियत है, सुनने-देखने वालों से एक रिश्ता बना लेना, एक इमोशनल बांड जिससे कि लोग लाजवाब हो जाते हैं. उनकी साफ़ सुथरी कॉमेडी, देसी मिडिल क्लास भारतीय के किस्से बयाँ करती हैं.

जब एक छोटे शहर का लड़का बड़े शहर आता है तो उसका अनुभव क्या होता है, जब कोई मिडिल क्लास का आदमी पहली बार एयरोप्लेन से सफ़र करता है तो वो कैसा दिखावा करता है, जाकिर की कॉमेडी असल ज़िन्दगी के ऐसे ढेरों व्यंग और चुटकुलों से प्रेरित होती है. जाकिर की कॉमेडी में छिपे सोशल मेसेज भी बिना भारी-भरकम बातें किये सीधे दिल को छूते हैं.

उदाहरण देखिये, अपने What happens when you fail in an exam! शो के दौरान जाकिर बोलते हैं – यार कभी कुछ भी पहनों पर माँ से मत पूछना क्या है न माँ प्यार बहुत करती है, और मेरी मम्मी ने बचपन से ही मुझे बड़े लाड-प्यार से पाला है. बड़ा नटखट है मेरा किशन-कन्हैया और क्या है वो यशोमति मैया से बोले नन्द लाला राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला

लोग ये सुनकर लोग थोड़ा हँसते हैं, कुछ थोड़ा अचरज भी महसूस करते हैं. इस पर जाकिर बोलते हैं – ऐसे आक्वर्ड मत हो जाओ कि मुसलमान के घर में कृष्ण के गाने कैसे, भई माँ-बेटे का रिश्ता है यार इसे सेक्युलर रहने दो !

लोग गदगद हो उठते हैं और जोरदार तालियों से प्रतिक्रिया करते हैं. यूट्यूब पर ये विडियो 1 करोड़ 12 लाख से भी अधिक बार देखा जा चुका है. इस लेख के अंत में जाकिर खान की लिखी प्रसिद्ध कविता मैं शून्य पे सवार हूँ अवश्य पढ़ें.

जाकिर खान की कविता मैं शून्य पे सवार हूँ :-

मैं शून्य पे सवार हूँ
बेअदब सा मैं खुमार हूँ
अब मुश्किलों से क्या डरूं
मैं खुद कहर हज़ार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ

उंच-नीच से परे
मजाल आँख में भरे
मैं लड़ रहा हूँ रात से
मशाल हाथ में लिए
न सूर्य मेरे साथ है
तो क्या नयी ये बात है
वो शाम होता ढल गया
वो रात से था डर गया
मैं जुगनुओं का यार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ

भावनाएं मर चुकीं
संवेदनाएं खत्म हैं
अब दर्द से क्या डरूं
ज़िन्दगी ही ज़ख्म है
मैं बीच रह की मात हूँ
बेजान-स्याह रात हूँ
मैं काली का श्रृंगार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ

हूँ राम का सा तेज मैं
लंकापति सा ज्ञान हूँ
किस की करूं आराधना
सब से जो मैं महान हूँ
ब्रह्माण्ड का मैं सार हूँ
मैं जल-प्रवाह निहार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ
मैं शून्य पे सवार हूँ

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