‘वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें’ कविता के लेखक कौन हैं ?

By | 13/05/2016

लगभग सभी उत्तर-भारतीय सरकारी स्कूलों में सुबह सुर-बेसुर प्रार्थना गाते हुए बच्चों में जो एक समानता पायी जाती है, वो है यह प्रार्थना ‘वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें’. मुझे आज भी यह प्रार्थना याद है, संभवतः आपको भी हो. इसके अतिरिक्त हमारे कोर्स में जो सरकारी किताबें पढाई जाती थीं, उनके बैक कवर पर भी यह कविता प्रिंट होती थी.

आश्चर्य की बात यह कि इतनी ज्यादा बोली जाने वाली यह प्रार्थना/कविता के लेखक के बारे में लोगों को पता नहीं है. इन्टरनेट पर बहुत खोजने के बाद कविताकोश.ऑर्ग पर इस कविता के लेखक के बारे में जो थोडा बहुत जानकारी प्राप्त हुई, वह इस प्रकार है :

इस कविता के लेखक मुरारीलाल शर्मा ‘बालबंधु’ थे. मुरारीलाल शर्मा का जन्म सन 1893, ग्राम – साइमल की टिकड़ी, जिला-मेरठ ,उत्तर-प्रदेश में हुआ और निधन 4 नवम्बर 1961 को हुआ. लेखक मुरारीलाल शर्मा की प्रमुख कृतियाँ हैं : साहसी बच्चे, होनहार बिरवे, गोदी भरे लाल, ज्ञान गंगा, कोकिला. लेखक मुरारीलाल शर्मा ‘बालबंधु’ का कोई चित्र/फोटोग्राफ कविताकोश.ऑर्ग या अन्यत्र उपलब्ध नहीं है.

      वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्त्तव्य मार्ग पर डट जावें!
पर-सेवा पर-उपकार में हम, जग-जीवन सफल बना जावें!

हम दीन-दुखी निबलों-विकलों के सेवक बन संताप हरें!
जो हैं अटके, भूले-भटके, उनको तारें खुद तर जावें!

छल, दंभ-द्वेष, पाखंड-झूठ, अन्याय से निशिदिन दूर रहें!
जीवन हो शुद्ध सरल अपना, शुचि प्रेम-सुधा रस बरसावें!

निज आन-बान, मर्यादा का प्रभु ध्यान रहे अभिमान रहे!
जिस देश-जाति में जन्म लिया, बलिदान उसी पर हो जावें!

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2 thoughts on “‘वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जावें’ कविता के लेखक कौन हैं ?

  1. Anuradha TIWARI

    Very nice person
    Jo achchhe aur sachche hote ha wo apna advertisment nhi krte
    Thanks very much

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