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क्रांतिकारी की कथा : हरिशंकर परसाई का लाजवाब व्यंग

पिछले कुछ दिन से भारत में काफी क्रन्तिकारी पैदा हुए जा रहे हैं, जिनमे से ज्यादातर को न तो क्रांतिकारिता का अर्थ पता है, न ही कोई लक्ष्य है. इन क्रांतिकारियों के सपोर्टर लडके-लडकियाँ भी भेड़चाल में चल पड़े हैं, क्योंकि क्रांति या Revolution शब्द ही इन्हें बड़ा ‘कूल’ और ‘फैशनेबल’ मालूम पड़ता है. इनकी… Read More »