खाटू श्याम बाबा की पूजा कैसे करें, श्याम बाबा की आरती

श्याम बाबा की जयंती :

श्री श्याम बाबा जी का जन्मदिवस हर वर्ष कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. इस अवसर पर राजस्थान में सीकर स्थित मुख्य मंदिर में लाखों संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है. बाबा श्याम के मंदिर को फूलों और रौशनी से सजाया जाता है. दूर दूर से भक्त बाबा के दर्शन करने आते हैं और खोये से बनी मिठाइयों का प्रसाद चढ़ाते हैं. पूरे देश भर में फैले हुए श्याम बाबा के 200 से अधिक मंदिरों में भी बड़ी धूमधाम से बाबा का जन्मोत्सव मनाया जाता है. 

खाटू श्याम बाबा की पूजा विधि :

वैसे तो बाबा श्याम के लिए भक्तों का प्रेम, आस्था और अटूट विश्वास ही सबसे बड़ी पूजा है, लेकिन जो लोग विधिपूर्वक बाबा श्याम की पूजा करना चाहते हैं उनके लिए पूजा विधि निम्नलिखित है. श्याम बाबा की पूजा करने का तरीका बहुत आसान है. इसमें कोई विशेष सामग्री नहीं लगती.

khatu shyam baba murti
श्री खाटू श्याम बाबा जी, पवित्र जल कुंड ( सीकर, राजस्थान )

सबसे पहले बाबा खाटू श्याम का एक चित्र या मूर्ति बाजार से खरीद लायें. इसे किसी साफ़ सुथरी जगह या पूजा स्थान पर विराजें.

अगरबत्ती-धूप, घी का दीपक, फूल, पुष्पमाला, कच्चा दूध, भोग सामग्री-प्रसाद – ये सब सामान तैयार रख लें.

– अब श्याम बाबा की फोटो या मूर्ति को पंचामृत या दूध-दही से स्नान करवाएं. इसके बाद साफ़ पानी से बाबा को पुनः स्नान करवायें. किसी साफ़ सुथरे, मुलायम कपड़े से जल पोंछकर साफ़ कर दें. अब श्याम बाबा को पुष्पमाला, फूल चढ़ायें.

– घी का दीपक जला दें, फिर बाबा श्याम को धूप-अगरबत्ती दिखाएँ. अब श्याम बाबा को पहले कच्चा दूध और इसके पश्चात भोग-प्रसाद सामग्री चढ़ाएं. भोग लगाने के बाद बाबा श्याम की आरती गाते हुए वन्दना करें.

– पूजा के अंत में पूजन विधि में अनजाने में हुई किसी भी गलती के लिए क्षमा प्रार्थना करते हुए बाबा श्याम की कृपा पाने के लिए विनती करें.

– अब बाबा श्याम के 11 पवित्र नामों का जयकारा लगायें. ये नाम हैं : जय श्री श्याम, जय खाटू वाले श्याम, जय हो शीश के दानी, जय हो कलियुग देव की, जय खाटू नरेश, जय मोर्वये, जय हो खाटू वाले नाथ की, जय मोर्विनंदन श्याम, लीले के अश्वार की जय, लखदातार की जय, हारे के सहारे की जय

– इसके बाद भोग सामग्री से गाय माता के लिए हिस्सा निकालकर खिला दें. अब प्रेमपूर्वक बाबा का स्मरण करते हुए प्रसाद ग्रहण करें.  

श्याम बाबा को क्या प्रसाद चढ़ाएं :

– श्री खाटू श्याम बाबा को चढ़ाए जाने वाला सबसे मुख्य प्रसाद कच्चा दूध है. यह बाबा को चढ़ाये जाने वाला पहला प्रसाद था, अतः यह बाबा को सबसे प्रिय है. इसलिए प्रयास करें कि कच्चे दूध का प्रसाद बाबा श्याम को अवश्य चढ़ाएं.

खीर और चूरमा का भोग बाबा को प्रिय है. दुकान से खरीदे खीर-चूरमा के स्थान पर घर का बना खीर-चूरमा अच्छा रहेगा.

– खोये या मावे की बनी मिठाइयाँ पेड़े, मिल्ककेक आदि बाबा श्याम को सबसे अधिक चढ़ाये जाना वाला प्रसाद है. अधिकांश भक्त खाटू श्याम बाबा मंदिर में खोये के पेड़े ही चढ़ाते हैं.

– बाबा श्याम को पंचमेवा (काजू, बादाम, छुहारा, किशमिश, मिश्री) का भी भोग लगाया जाता है. यह खराब भी नहीं होता और लम्बे समय तक चल जाता है.

khatu shyam aarti hindi

श्याम बाबा की आरती :

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे |
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे ||

रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे |
तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े ||

गल पुष्पों की माला, सिर पार मुकुट धरे |
खेवत धूप अग्नि पर दीपक ज्योति जले ||

मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे |
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे ||

झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे |
भक्त आरती गावे, जय – जयकार करे ||

जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे |
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम – श्याम उचरे ||

श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे |
कहत भक्त – जन, मनवांछित फल पावे ||

जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे |
निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे ||

यह भी पढ़ें :

श्री खाटू श्याम बाबा कौन हैं, खाटू श्याम बाबा की कहानी

खाटू श्याम बाबा के परम भक्त श्याम बहादुर सिंह और आलू सिंह की कहानी

जीवन में सुख-समृद्धि कैसे पायें : अर्जुन और श्री कृष्ण का एक प्रसंग

संस्कृत साहित्य के पहले श्लोक की उत्पत्ति वाल्मीकि ऋषि के श्राप से हुई थी

दक्ष प्रजापति भगवान शिव से क्यों चिढ़ते थे : दो कहानियाँ 

गुरु शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी की रोचक कहानी