कम उम्र में आर्थराइटिस (Arthritis) से बचने के लिए इन 4 बातों का ध्यान रखें

By | 27/07/2016

यदि आपको यह लगता है कि संधिवात, गठिया या आर्थ्राइटिस (Arthritis) बुढ़ापे में होनेवाला रोग है तो इस लेख को ध्यान से पढ़ें. अलग-अलग प्रकार के आर्थ्राइटिस अब हर उम्र के लोगों को प्रभावित कर रहे हैं. यदि आप इस तकलीफदेह डिसॉर्डर के शिकार बनने से खुद को बचाना चाहते हैं तो आपको कई सुरक्षात्मक उपाय करने होंगे.

कम उम्र आर्थराइटिस से बचाव के उपाय –

CDC (Center for Disease Control) ने कई स्टडीज़ से निकले निष्कर्षों के आधार पर आर्थ्राइटिस से होनेवाले खतरों का विश्लेषण किया है. उनके निष्कर्षों के मुख्य बिंदु ये हैं :-

  • – यह अनुमान लगाया गया है कि अगले दो दशकों में 18 साल से अधिक उम्र वाले करोड़ों लोग आर्थ्राइटिस की गिरफ्त     में होंगे.
  • – 4 में से 1 व्यक्ति को कूल्हे का आर्थ्राइटिस (hip arthritis) हो सकता है.
  • – 5 में से 1 व्यस्क में आर्थ्राइटिस के लक्षण देखे जा रहे हैं.
  • – 65 वर्ष से अधिक के 50% लोगों में आर्थ्राइटिस देखा गया है.
  • – 85 वर्ष का होने पर आधे लोगों को घुटनों में ऑस्टियोआर्थ्राइटिस (symptomatic knee osteoarthritis) हो सकता है.

ऊपर दिए गए तथ्यों से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अधिकांश लोगों को Arthritis होने का खतरा वाकई बहुत अधिक है. अब हम आपको लाइफस्टाइल में किए जा सकनेवाले उन बदलावों के बारे में बताएंगे जो आर्थ्राइटिस को दूर रखने में सहायक हो सकती हैं:-

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स्मोकिंग मत कीजिए (Don’t Smoke)

Smoking effect on Arthritis

Smoking causes Arthritis

स्मोकिंग से हमारे शरीर में सिस्टेमेटिक इन्फलेमेशन और ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ता है. यह स्मोकिंग से होनेवाले वास्तविक खतरों मे शामिल है जिसे कंपनियां भी नकार नहीं सकतीं. स्मोकिंग हमारे शरीर के लिए वाकई बहुत नुकसानदेह है और यह हमें कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से घेर सकती है.

सोडा ड्रिंक्स पीना कम करें ( Avoid Drinking Soda) –

Soda drinks and Arthritis relation

Soda Drinks increases chances of Arthritis

सोडा में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड हमारी हड्डियों का Calcium सोख लेता है जिससे ऑस्टियोआर्थ्राइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है. दिन में कई बार Soda drinks पीते रहना क्रोनिक स्मोकिंग जितना ही बुरा है. दोनों ही शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं.

ओमेगा 6 व ओमेगा 3 का अनुपात बिगड़ना (Unbalanced Omega 6 to Omega 3 Ratio) –

ओमेगा 6 और ओमेगा 3 शरीर के अनेक फंक्शन्स को सही तरीके से चलते रहने के लिए ज़रूरी फैटी एसिड्स (essential fatty acids) हैं. पहले के लोगों का खानपान ऐसा होता था कि हमारे भोजन में इनका अनुपात लगभग 1:1 का होता था लेकिन अब यह अनुपात बहुत अधिक (25:1) बिगड़ गया है.

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Omega 6 capsules and arthritis

बहुत अधिक इन्फ्लेमेटरी ओमेगा 6 वाली खुराक लेने से हमारे शरीर के कई सिस्टम्स में इन्फ्लेमेशन (System-wide inflammation) हो जाता है. यह केवल आर्थ्राइटिस ही नहीं बल्कि आजकल दिख रही बहुत सी स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का कारण बन गया है. इससे बचने के लिए उन तेलों का प्रयोग कम कर दीजिए जिनमें ओमेगा 6 अधिक मात्रा में होता है.

ये तेल हैं- कॉर्न ऑइल, सूरजमुखी और सोयाबीन का तेल. ज़रूरत से अधिक मात्रा में नट्स और बीजों (Dry-fruits and seeds) को भी खाने से बचना चाहिए. घास खानेवाले पशुओं से प्राप्त होनेवाले प्रोडक्ट्स में इन फैटी एसिड्स का अनुपात बेहतर होता है. साल्मन (salmon) मछली से मिलनेवाले Omega 3 में बहुत गुण होते हैं और अनेक कंपनियां इसके कैप्सूल बेचती हैं.

अधिक कार्बोहाइड्रेट न लें ( Avoid excess Carbohydrate Consumption) – 

बहुत अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन लेने से ब्लड शुगर बढ़ जाती है जिससे शरीर में इन्फ्लेमेटरी रिस्पांस (inflammatory response) पैदा हो जाता है. अधिक कार्बोहाइड्रेट लेने से बचने के लिए हैल्थी फैट्स जैसे नारियल का तेल और चारा खानेवाले पशुओं के दूध से बना मक्खन/घी प्रयुक्त करना चाहिए.

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Carbohydrate harms on health

इस बात में कोई तथ्य नहीं है कि प्रौढा़वस्था तक पहुंचने पर आर्थ्राइटिस के खतरे को टाला नहीं जा सकता. वास्तविकता यह है कि हमारे पूर्वजों को गठिया जैसी जोड़ संबंधित समस्याओं का सामना ज्यादा नहीं करना पड़ता था.

पिछले कुछ सालों में ही आर्थ्राइटिस (Arthritis) एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है और इसका बड़ा कारण हमारी लाइफस्टाइल और खानपान में है. आज आप अपने भविष्य के स्वास्थ्य के लिए जो पहल करेंगे वह आपकी वृद्धावस्था को सुखद रखेंगे.

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2 thoughts on “कम उम्र में आर्थराइटिस (Arthritis) से बचने के लिए इन 4 बातों का ध्यान रखें

  1. Amit Misra

    तेल और कार्बोहाइड्रेट के बारे में आपने जो जानकारी दी है, वह मेरे लिए एकदम नई है । बहुत-बहुत धन्यवाद ।

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