Category Archives: हास्य-व्यंग

क्रांतिकारी की कथा : हरिशंकर परसाई का लाजवाब व्यंग

पिछले कुछ दिन से भारत में काफी क्रन्तिकारी पैदा हुए जा रहे हैं, जिनमे से ज्यादातर को न तो क्रांतिकारिता का अर्थ पता है, न ही कोई लक्ष्य है. इन क्रांतिकारियों के सपोर्टर लडके-लडकियाँ भी भेड़चाल में चल पड़े हैं, क्योंकि क्रांति या Revolution शब्द ही इन्हें बड़ा ‘कूल’ और ‘फैशनेबल’ मालूम पड़ता है. इनकी… Read More »

प्रसिद्द व्यंगकार हरिशंकर परसाई जी का व्यंग चूहा और मैं

चाहता तो लेख का शीर्षक ”मैं और चूहा” रख सकता था। पर मेरा अहंकार इस चूहे ने नीचे कर दिया। जो मैं नहीं कर सकता, वह मेरे घर का यह चूहा कर लेता है। जो इस देश का सामान्‍य आदमी नहीं कर पाता, वह इस चूहे ने मेरे साथ करके बता दिया। इस घर में… Read More »

क्रिएटिव कार्टूनिस्ट सुमित कुमार की खुराफात

कार्टूनिस्ट सुमित कुमार : सुमित कुमार दिल्ली में रहने वाले एक बेहतरीन उभरते हुए कार्टूनिस्ट, स्टैंड-अप कॉमेडियन हैं जिनकी ग्राफ़िक बुक ‘The itch you can’t scratch’ काफी मशहूर हुई. उनके कार्टून ब्लॉग हैं sumitdrew.com, bakarmax.com, aaapkipoojita.com जहाँ पर आप देसी चुटकुलों, हास्य-व्यंगात्मक परिस्थितियों, सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था पर बढ़िया और क्रिएटिव कार्टून देख-पढ़ सकते है, साथ ही उनकी रचना प्रक्रिया,… Read More »

लड़कियों को बड़े क्यों अच्छे लगते हैं ? मोबाइल

बड़ा है तो बेहतर है : आजकल बड़े स्क्रीन वाले मोबाइल का चलन है . 5 इंच एक सामान्य स्क्रीन साइज़ माना जाता है और इस से बड़े 5.5 और 6-7 इंच तक के मोबाइल जिन्हें फैब्लेट कहा जाता भी दीखते हैं. बड़े मोबाइल पढने, सर्फिंग और वीडियो देखने के लिए बढ़िया है पर बड़ा… Read More »