Alsi Khane ke fayde

सुन्दर और स्वस्थ बनना है तो अलसी के बीज खाइए

अलसी खाने के फायदे :

किसी भी प्राकृतिक स्रोत से मिला हुआ प्रोटीन, विटामिन, खनिज तत्व और लवण अणु स्तर पर सरल सरंचना में होते है जिसे हमारा पाचन-तंत्र आसानी से पचा लेता है. किसी भी टॉनिक या विटामिनो की दवा खाने के बजाय प्राकृतिक फल-सब्जियां, जूस, सूखे मेवे, अंकुरित अनाज, दूध से बने पदार्थ को अपने दैनिक भोजन में सम्मिलित करना सर्वथा उत्तम और ज्यादा फायदेमंद हैं.

दुनिया के अनेक देशों में अलसी या Flaxseed लोकप्रिय और स्वास्थ्यप्रद आहार के रूप मे जाना जाता है. अलसी और इसके तेल (जिसे flaxseed oil या linseed oil भी कहते हैं) में Alpha-linolenic Acid (ALA) नामक तत्व होता है जो एक प्रकार का ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड (omega-3 fatty acid) है और इसमें चिकित्सकीय गुण होते हैं.

Flax Seeds benefits
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अलसी के बीज का उपयोग खान-पान में मेसोपोटामिया सभ्यता काल से हो रहा है. भारत में भी यह आयुर्वेदिक उपचारों, भोज्य पदार्थ बनाने में प्रयुक्त होता रहा है. विज्ञान की नई खोजों से पता चला है कि अलसी कई प्रकार के रोगों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है.

आयुर्वेद में अलसी को मंदगंधयुक्त, मधुर, बलकारक, किंचित कफवात-कारक, पित्तनाशक, स्निग्ध, पचने में भारी, गरम, पौष्टिक, कामोद्दीपक, पीठ के दर्द ओर सूजन को मिटानेवाली कहा गया है. इसके बीजों को गरम पानी में उबालकर या इसके साथ एक तिहाई भाग मुलेठी का चूर्ण मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से खूनी दस्त और और मूत्र संबंधी रोगों में लाभ होता है.

ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं. ये सबसे अधिक मात्रा में समुद्री मछलियों से प्राप्त होता है लेकिन शाकाहारी लोग पर्याप्त मात्रा में अलसी का सेवन करके इसके लाभ प्राप्त कर सकते हैं. माना जाता है कि अलसी हमारे दिल को स्वस्थ रखती है.

अलसी के लाभकारी गुण Benefits of Flax seeds :

अलसी के बीज में आयरन, जिंक, पोटैशियम, फोस्फोरस, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन ई, कैरोटीन तत्व पाए जाते हैं.

अलसी के बीज का सेवन त्वचा को स्वस्थ और स्निग्ध बनाता है, नाखून को मजबूत और चिकना बनाता है, नेत्र-दृष्टि बरक़रार रखता है, बालों को टूटने से रोकता है और डैंड्रफ भी दूर करता है. यह त्वचा की बीमारियों एक्जिमा, सोराइसिस के उपचार में भी कारगर माना गया है.

अलसी के बीज लिग्नांस का बहुत अच्छा स्रोत है, जोकि एस्ट्रोजन और एंटी ओक्सिडेंट गुणों से भरपूर है. इसी वजह से यह औरतों के हार्मोनल बैलेंस के लिए बहुत सहायक होता है.

इन्हें खाली खाएं, हल्का भून कर खाएं अथवा सलाद या दही में मिलाकर खाएं, चाहे तो जूस में मिलाकर पियें. यह जूस के स्वाद को बिना बदले उसकी पोषकता कई गुना बढ़ा देगा.

अलसी के बीज ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने, हाइपरटेंशन के रोगियों के लिए, ब्लड शुगर कंट्रोल में अत्यंत लाभदायक है.

यह बीज विटामिन बी काम्प्लेक्स, मैगनिशियम, मैगनीस तत्वों से भरपूर है जोकि कोलेस्ट्रोल को कम करते है.

अलसी के बीज
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अलसी में पॉली अनसेचुरेटेड फैटी एसिड्स होता है जो कि विशेष रूप से ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और कोलन कैंसर से बचाव करता है.

इन बीजों में पाए जाने वाला अल्फा-लिनोलेनिक एसिड जोड़ो की बीमारी आर्थराइटिस के लिए और सभी तरह के जॉइंट पेन में बहुत राहत दिलाता है.

गर्भवती स्त्रियों और स्तनपान कराने वाली माताओं को इसका सेवन अवश्य करना चाहिए. आज भी शहरो और कस्बों के कई परिवारों में ऐसी स्त्रियों को अलसी के बने लड्डू और अन्य भोज्य पदार्थ दिए जाते हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि हमारे पूर्वज अलसी का महत्व अच्छी तरह जानते थे पर हम इन्हें भुलाकर सिर्फ दवाइयां खाने में विश्वास करने लगे.

अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का बहुत अच्छा स्रोत माने जाते हैं. ओमेगा3 फैटी एसिड्स की कैप्सूल्स का यह अच्छा विकल्प भी है .डाईटिशियन और डाक्टर भी आजकल इसे खाने की सलाह देते है.

यह बीज फाइबर से भरपूर होते हैं अतः यह वजन घटाने में भी बहुत कारगर है.

महिलाओं में रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाली समस्याओं में भी अलसी के उपयोग से राहत मिलती है. यह देखा गया है कि माइल्ड मेनोपॉज़ की समस्या में रोजाना लगभग 40 ग्राम पिसी हुई अलसी खाने से वही लाभ प्राप्त होते हैं जो हार्मोन थैरेपी से मिलते हैं.

अलसी किडनी संबंधित समस्याओं में भी लाभकारी है. डायबिटीज़, कैंसर, ल्यूपस, और आर्थ्राइटिस आदि रोगों में भी इसके प्रभावों पर रिसर्च की जा रही है.

अलसी के बीज एंटी बैकटिरियल, एंटी फंगल और एंटी वायरल होते है. इनका उपयोग शरीर की रोगप्रतिरोधक-क्षमता बढाता है.

अलसी का सेवन कैसे करें  How to consume flax seeds :

आइये अब जानते हैं अलसी खाने का तरीका. अलसी के साबुत बीज कई बार हमारे शरीर से पचे बिना निकल जाते हैं इसलिए इन्हें पीसकर ही इस्तेमाल करना चाहिए. 20 ग्राम (1 टेबलस्पून) अलसी पाउडर को सुबह खाली पेट हल्के गर्म पानी के साथ लेने से शुरुआत करें. आप इसे फल या सब्जियों के ताजे जूस में मिला सकते हैं या अपने भोजन में ऊपर से बुरक कर भी खा सकते हैं. दिन भर में 2 टेबलस्पून (40 ग्राम) से ज्यादा अलसी का सेवन न करें.

साबुत अलसी लंबे समय तक खराब नहीं होती लेकिन इसका पाउडर हवा में मौजूद ऑक्सीजन के प्रभाव में खराब हो जाता है, इसलिए ज़रूरत के मुताबिक अलसी को ताज़ा पीसकर ही इस्तेमाल करें. इसे अधिक मात्रा में पीसकर न रखें. बहुत ज्यादा सेंकने या फ्राई करने से इसके औषधीय गुण नष्ट हो सकते हैं और इसका स्वाद बिगड़ सकता है.

अलसी खाने से कुछ लोगों को शुरुआत में कब्ज हो सकती है. ऐसा होने पर पानी ज्यादा पिएं. अलसी खून को पतला करती है इसलिए यदि आपको ब्लड प्रेशर की समस्या हो तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लें.

अलसी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़नेवाले प्रभावों पर हालांकि कोई बड़ी रिसर्च नहीं हुई है लेकिन पारंपरिक ज्ञान में Flax seed को बहुत गुणकारी माना गया है. इसके उपयोग से कोलेस्ट्रॉल के लेवल में कमी आना देखा गया है.

डिस्कलेमरः खानपान या किसी भी आयुर्वेदिक क्रिया या औषधि को अपनाने से पहले स्वविवेक से काम लें और जानकार चिकित्सक से भी सलाह लें. इस वेबसाइट के सारे लेखों का उद्देश्य केवल शैक्षिक है.

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