अमोल पालेकर के बारे में जानिए, उनकी 6 बेस्ट फिल्मे YouTube पर देखिये

बॉलीवुड के typical अभिनेताओं से हटकर अमोल पालेकर (Amol Palekar) एक ऐसे हीरो थे जिनकी छवि एक सीधे साधे व्यक्ति की होती थी. फिल्म में उनके रोल और स्टाइल एक आम आदमी की होती थी जसकी अपनी कमियां, मजबूरियां और सपने होते थे. शायद ही किसी फिल्म में अमोल ने एक्शन या थ्रिलर रोल किया हो.

अमोल के फिल्मों की कहानियां उस ज़माने की ज्यादातर फिल्मों से हटकर होती थी. अमोल पालेकर की एक्टिंग में एक ताजगी, सादापन और वास्तविकता नज़र आती थी, इसीलिए उनकी गोलमाल, बातों-बातों में जैसी फिल्में दसो बार देखने के बाद आज भी अच्छी लगती हैं.

amol palekar movies अमोल पालेकर

जहाँ लगभग सभी बड़े हीरो की फिल्मे उनके नाम से ही हिट हो जाया करती थीं, पर अमोल की फिल्में अपने खास कहानी, एक्टिंग और निर्देशन के लिए जानी जाती थी. अमोल पालेकर की ज्यादातर फिल्में बॉक्स-ऑफिस पर धीमी शुरुआत होने के बाद धीरे-धीरे सुपरहिट हो जाया करती थी. अमोल आर्ट और क्रिएटिव सिनेमा बनाने वाले डायरेक्टर्स जैसे कि हृषिकेश मुखर्जी (Hrishikesh Mukherjee), बासु चटर्जी  आदि की पहली पसंद होते थे.

अमोल पालेकर और बॉलीवुड Amol Palekar Bollywood

ऐसा नहीं है कि अमोल हमेशा से हीरो बनना चाहते थे. उनका पहला प्यार तो पेंटिंग्स बनाना था. अमोल पालेकर ने  Sir JJ School of Arts, Mumbai से फाइन आर्ट्स में ग्रेजुएशन किया था और उनकी पेंटिंग्स की 7 से अधिक प्रदर्शनियाँ भी हुई थी. साथ ही अमोल Bank of India में Job भी करते थे.

इसी दौरान उनका रुझान थिएटर की तरफ हुआ और वह प्रसिद्ध रंगकर्मी सत्यदेव दुबे के निर्देशन में  मराठी नाटकों में अभिनय करने लगे. बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म ‘रजनीगंधा’ सन 1974 में आई. सन 1979 में अमोल पालेकर की फिल्म ‘गोलमाल’ रिलीज़ हुई जिसने रिकॉर्ड सफलता हासिल की.

अगर आपने अमोल पालेकर की फिल्में नहीं देखी हैं तो आपके लिए एक गुड न्यूज़ यह है कि ऑनलाइन विडियो वेबसाईट यूट्यूब पर आप अमोल पालेकर की यह चुनिन्दा बेहतरीन फिल्में मुफ्त में देख सकते हैं. यूट्यूब पर इन फिल्मों के व्यूज भी इसी तरफ इशारा करते हैं कि इन फिल्मों के चाहने वालों की कमी नहीं है.

गोलमाल Golmaal :

रामप्रसाद (अमोल पालेकर ) एक ग्रेजुएट है जोकि नौकरी पाने के लिए अपने बॉस भवानी शंकर (उत्पल दत्त)  से बहुत से झूठ बोलता है. इनमे से एक झूठ यह होता है कि उसका एक जुड़वाँ भाई भी है, इससे कई हास्यास्पद परिस्थियाँ पैदा हो जाती है. गोलमाल बॉलीवुड की सबसे सफल कॉमेडी फिल्म्स में आती है.

छोटी से बात Chhoti si baat:

मुंबई में एक अकाउंटेंट अरुण (अमोल पालेकर ) शर्मीला और सीधा-साधा सा लड़का है जोकि प्रभा (विद्या सिन्हा) नाम की लडकी से प्यार करता है और उसके ही सपने बुनता रहता है. इनकी प्रेमकहानी के बीच नागेश (असरानी) आ जाता है जोकि बड़ा तेज-तर्रार है और प्रभा का सहकर्मी है.

निराश, हताश अरुण कर्नल नागेन्द्रनाथ (अशोक कुमार ) से अपने प्यार को जीतने के लिए ट्रेनिंग लेने जाता है और वापस आकर वह किस प्रकार परिस्थितियों को बदलता है, देखिये फिल्म में. छोटी सी बात बड़ी मनोरंजक और प्रेरणादायी फिल्म है जिसे आप बार-बार देखना चाहेंगे.

बातों बातों में Baton Baton mein :

टोनी (अमोल पालेकर )और नैंसी ( टीना मुनीम ) की अक्सर ऑफिस आते-जाते मुलाकात होती रहती है और धीरे धीरे वो एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं. प्यार में छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा होता ही है पर जब टोनी शादी के लिए मना कर देता है तो नैंसी की माँ उसके लिए अन्यत्र रिश्ते देखने लगती है. फिल्म देखिये और जानिए कि कैसे दोनों दिल एक हो पाते हैं.

रजनीगंधा Rajnigandha:

दिल्ली में रहने वाली दीपा (विद्या सिन्हा ) संजय से प्रेम करती है और दोनों की शादी होने वाली है. संजय (अमोल पालेकर ) एक हंसमुख, मस्त, बेफिक्र  टाइप का लड़का है जोकि  पर बड़ा लापरवाह भी है. एक इंटरव्यू के सिलसिले में दीपा को मुंबई जाना पड़ता है जहाँ उसकी मुलाकात नवीन (दिनेश ठाकुर ) से होती है.

नवीन और दीपा कॉलेज के दिनों में एक दूसरे से प्रेम करते थे पर झगड़े और मनमुटाव की वजह से अलग हो जाते हैं. नवीन काफी बदल चुका है और स्वभाव में संजय से एकदम अलग जिम्मेदार, गंभीर  है. मुंबई में रहने के दौरान वह दीपा की काफी मदद करता है और उसका काफी ख्याल रखता है. इस सब से दीपा नवीन की ओर पुनः आकर्षित होने लगती है.

दीपा ने अंत में संजय और नवीन में किसे चुना, यह तो आप फिल्म देख के जानिए. रजनीगंधा फिल्म को सन 1975 में बेस्ट फिल्म का फिल्मफेयर अवार्ड मिला था.

रंग-बिरंगी Rang Birangi :

हिंदी के प्रसिद्ध लेखक कमलेश्वर की एक कहानी पर आधारित इस फिल्म के डायरेक्टर थे हृषिकेश मुख़र्जी. अजय शर्मा (अमोल पालेकर ) एक सफल उद्यमी है , पर वह हमेशा काम में खोया रहता है और अपनी पत्नी निर्मला (परवीन बाबी ) पर ध्यान नहीं दे पाता है. अजय का दोस्त (देवेन वर्मा ) निर्मला का अकेलापन नोटिस करता है और वह अजय और निर्मला के बीच खोये हुए प्यार को जगाने के लिए एक मजेदार प्लान बनाता है. फिल्म के अन्य मुख्य पात्र हैं, अजय की सेक्रेटरी (दीप्ति नवल ) और उसका बॉयफ्रेंड (फारूख शेख़).

नरम गरम Naram Garam :

गाँव में रहने वाली कुसुम (स्वरुप संपत) और रामप्रसाद (अमोल पालेकर ) एक दूसरे से प्यार करते हैं पर कुसम के चाहने वालों में गजानन बाबू और बबुआ (शत्रुघ्न सिन्हा ) भी है. कहानी का हीरो ‘रामप्रसाद’ किस प्रकार लाख मुश्किलों के बावजूद अपनी प्रेमिका को पाने में सफल होता है, देखिये फिल्म में. हृषिकेश मुख़र्जी की इस फिल्म के अन्य कलाकार थे, ए. के. हंगल और उत्पल दत्त.

 

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