आपके दिल को छू जाएगी मदद की ये कहानी – Inspirational Story

किसी की मदद करके जो सुकून मिलता है वो मज़ा अपने मन की इच्छा पूरी होने में भी नहीं. क्योंकि जैसे ही एक इच्छा पूरी होती है, उसकी जगह नयी इच्छा जगह ले लेती है और पहले वाली ख़ुशी बनी  नहीं रह पाती. लेकिन किसी की मदद करने का संतोष हमेशा रहता है. ये कहानी Linkedinपर जिंदल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के CFO, VP finance विवेक अग्रवाल जी ने शेयर की है. किसी की मदद की ये सरल सी कहानी कितनी खूबसूरत है, इसका अंदाज़ा आपको कहानी पढने पर लग जायेगा.

मदद की प्रेरणादायक कहानी :

मेरे 50 रुपये इस सड़क पर कहीं गिर गये हैं –

घर आते समय मैंने एक खम्भे पर हाथ से लिखा एक नोटिस लगा देखा. उत्सुकतावश मैं पास गया और वह notice पढ़ने लगा. नोटिस में लिखा था – ‘मेरे 50 रुपये इस सडक पर कहीं गिरकर खो गए हैं. अगर किसी को वो नोट मिल जाये तो मुझे इस पते पर आकर दे दें. मुझे आँखों से ठीक से दिखाई नहीं देता, आपकी बड़ी मेहरबानी होगी’.

नोटिस पढ़कर मैंने सोचा – दुनिया में ऐसे भी लोग हैं जिनके लिए 50 रुपये इतना महत्व रखते हैं. खोजते हुए मैं नोटिस पर लिखे पते पर पहुँचा तो टूटी झोंपड़ी के बाहर एक कमजोर सी बुढ़िया को बैठे देखा. मेरे कदमों की आवाज़ सुनकर उस अशक्त बुढ़िया ने पूछा कौन है ?. मैंने कहा – अम्मा मैं आपको वो 50 रुपये देने आया हूँ, जो आपके सड़क पर गिर गये थे.

बुढ़िया ये सुनकर रोने लगी और बोली – बेटा ! करीब 30-40 लोग तुम्हारे पहले भी आ चुके हैं और मुझे 50 रुपये देकर बोलते कि ये आपके सड़क पर गिरे 50 रूपये हैं. मैंने कोई नोटिस नहीं लिखा, न खम्बे पर चिपकाया. मुझे ठीक से दिखता नहीं और पढ़ना-लिखना भी नहीं आता.

old woman India

मैंने कहा – कोई बात नहीं अम्मा ! आप यह रूपया रख लो. बुढ़िया ने फिर मुझसे कहा कि मैं वापस जाते समय वो नोटिस वहाँ से फाड़कर हटा दूँ. वहाँ से लौटते समय मेरे मन में कई विचारों की श्रृंखला चल रही थी.

 वो नोटिस किसने लिखकर लगाया होगा ?. बुढ़िया ने और लोगों से सभी Notice फाड़ने को कहा होगा लेकिन किसी ने भी उसे हाथ नहीं लगाया. मैंने मन ही मन उस भले आदमी का धन्यवाद किया, जिसने वो नोटिस लिखकर वहां खम्भे पर लगाया होगा. मुझे एहसास हुआ कि हमारे मन में मदद की भावना होनी चाहिए, उसे पूरा करने के कई रास्ते निकाले जा सकते हैं. वो भला आदमी भी बस उस बुढ़िया की मदद करना चाहता होगा.

अपने ख्यालों में खोया मैं जा ही रहा था कि मुझे किसी ने रोका और कहा – भाई ये पता तो बताना जरा, मुझे गिरे हुए 50 रुपये मिले हैं जो उसको देना है.

ये भी पढ़ें :

जीवन में सुख-समृद्धि कैसे पायें : अर्जुन और श्री कृष्ण का एक प्रसंग

संघर्ष ही जीवन है – Struggle is Life – मोटिवेशनल कहानी

जीवन का रहस्य क्या है, जीवन शिक्षा क्या है ? – एक किसान की मोटिवेशनल कहानी

दूसरों को सही-गलत साबित करने में जल्दबाजी न करें – 2 प्रेरणादायक कहानियाँ

मुसीबत से घिरे आदमी के मन में उठे ‘मैं ही क्यों’ का जवाब – प्रेरणास्पद कहानी | Arthur Ashe Why me story